श्रीडूंगरगढ़ टुडे 31 जुलाई 2025
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
जय श्री गणेशाय नमः
जय श्री कृष्णा
आज का पंचांग-31.07.2025
✴️दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ गुरुवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
आप किसी भी भगवान् के उपासक हों सभी के गायत्री मंत्र (तारक मंत्र) उपलब्ध है, आप अपने
आराध्य के अनुसार मंत्र का चयन कर जाप करें
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………….31.07.2025
कलियुग संवत्………………………….5127
विक्रम संवत्………………………….. 2082
शक संवत्…………………………….. 1947
संवत्सर…………………………. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………. .दक्षिण
गोल………………………. …………….उत्तर
ऋतु……………………………………… वर्षा
मास………………………………….. .श्रावण
पक्ष……………………………………. .शुक्ल
तिथि….. सप्तमी. रात्रि. 4.59* तक / अष्टमी
वार…………………………………… गुरुवार
नक्षत्र…… चित्रा. रात्रि. 12.42* तक / स्वाति
चंद्रराशि…… कन्या. पूर्वा. 11.15 तक / तुला
योग………… साध्य. रात्रि. 4.31* तक /शुभ
करण……………….. .गर. अपरा. 3.47 तक
करण.. वणिज. रात्रि. 4.59* तक/विष्टि(भद्रा)
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
कोटा – 5 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………. प्रातः 5.59.14 पर
सूर्यास्त…………………..सायं. 7.16.08 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 13.16.53
रात्रिमान………………………….10.43.35
चंद्रोदय………………… 11.44.45 PM पर
चंद्रास्त………………… 11.11.45 PM पर
राहुकाल…अपरा.2.17 से 3.57 तक(अशुभ)
यमघंट…….प्रातः 5.59 से 7.39 तक(अशुभ)
गुलिक… प्रातः 9.18 से 10.58 (शुभे त्याज्य)
अभिजित…….. मध्या.12.11 से 1.04(शुभ)
पंचक…………………………… आज नहीं है।
हवन मुहूर्त………………………. आज नहीं है।
दिशाशूल……………………….. दक्षिण दिशा
दोष परिहार…….. दही का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है..
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है…
गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
सूर्योदय कालीन लग्न/ग्रह स्पष्ट
लग्न ……………..कर्क 13°25′ पुष्य 4 ड
सूर्य ………………कर्क13°52′ पुष्य 4 ड
चन्द्र ………… ..कन्या 27°23′ चित्रा 2 पो
बुध *^ …………..कर्क 15°31′ पुष्य 4 ड
शुक्र ………. मिथुन 5°38′ मृगशीर्षा 4 की
मंगल ….कन्या 1°30′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
बृहस्पति …… .मिथुन 17°17′ आद्रा 4 छ
शनि * ……मीन 7°32′ उत्तरभाद्रपद 2 थ
राहू * …. कुम्भ 26°11′ पूर्वभाद्रपद 2 सो
केतु * ….सिंह 26°11′ पूर्व फाल्गुनी 4 टू
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
शुभ…………….. .पूर्वा. 5.59 से 7.39 तक
चंचल………. अपरा. 10.58 से 12.38 तक
लाभ…………… सायं. 12.38 से 2.17 तक
अमृत…………….. प्रातः 2.17 से 3.57 तक
शुभ………………. पूर्वा. 5.37 से 7.16 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
अमृत……… सायं-रात्रि. 7.16 से 8.37 तक
चंचल……………. रात्रि. 8.37 से 9.57 तक
लाभ…रात्रि. 12.38 AM से 1.58 AM तक
शुभ……रात्रि. 3.19 AM से 4.39 AM तक
अमृत….रात्रि. 4.39 AM से 5.59 AM तक
(विशेष – 4 शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष –यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये।
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
11.15 AM तक—-चित्रा—2———पो
राशि कन्या – पाया रजत्
05.57 PM तक—-चित्रा—3———रा
12.42 AM तक—-चित्रा—4———री उपरांत रात्रि तक—स्वाति—1———रू
राशि तुला – पाया रजत्
आज का दिन
व्रत विशेष……..शील सप्तमी (सिंधु देशीय)
अन्य व्रत……………………………. नहीं है।
पर्व विशेष………………. श्री तुलसी जयंती
दिन विशेष………………. चातुर्मास जारी है।
दिन विशेष………………. विश्व रेंजर दिवस
दिन विशेष……………. मुंशी प्रेमचंद जयंती
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…… रात्रि. 4.59* से रात्रि पर्यंत
खगोलीय……….. वर्तमान रवि नक्षत्र.(पुष्य)
नक्षत्र वाहन………………. चातक.वर्षा श्रेष्ठ
खगोलीय…. आर्द्रायां शुक्र.रात्रि. 3.44* पर सर्वा.सि.योग……. उदयात् रात्रि. 9.53 तक अमृ.सि.योग………………….. आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
आज दिनांक……………….01.08.2025
तिथि………. श्रावण शुक्ला अष्टमी शुक्रवार
व्रत विशेष…………. दुर्गाष्टमी (सिंधु देशीय)
अन्य व्रत……………………………. नहीं है।
पर्व विशेष………………………….. नहीं है।
दिन विशेष………………. चातुर्मास जारी है।
दिन विशेष.. अगस्त मास 2025(31)प्रारंभ
दिन विशेष……………विश्व स्तनपान दिवस
दिन विशेष……… राष्ट्रीय पर्वतारोहण दिवस
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)……. उदयात्. सायं. 6.11 तक
खगोलीय……….. वर्तमान रवि नक्षत्र.(पुष्य)
नक्षत्र वाहन………………. चातक.वर्षा श्रेष्ठ
खगोलीय…………………….. आज नहीं है। सर्वा.सि.योग………………….. आज नहीं है।अमृ.सि.योग………………….. आज नहीं है सिद्ध रवियोग… रात्रि. 3.41* से रात्रि. पर्यंत
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
आप कोई भी भगवान् के उपासक हों सभी के गायत्री मंत्र (तारक मंत्र) उपलब्ध है, आप अपने
आराध्य के अनुसार मंत्र का चयन कर जाप करें
॥ गायत्रीमन्त्राः ॥
1 सूर्य ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् ॥
2 ॐ आदित्याय विद्महे सहस्रकिरणाय धीमहि तन्नो भानुः प्रचोदयात् ॥
3 ॐ प्रभाकराय विद्महे दिवाकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
4 ॐ अश्वध्वजाय विद्महे पाशहस्ताय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
5 ॐ भास्कराय विद्महे महद्द्युतिकराय धीमहि तन्न आदित्यः प्रचोदयात् ॥
6 ॐ आदित्याय विद्महे सहस्रकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
7 ॐ भास्कराय विद्महे महातेजाय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
8 ॐ भास्कराय विद्महे महाद्द्युतिकराय धीमहि तन्नः सूर्यः प्रचोदयात् ॥
9 चन्द्र ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे महाकालाय धीमहि तन्नश्चन्द्रः प्रचोदयात् ॥
10 ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृतत्वाय धीमहि तन्नश्चन्द्रः प्रचोदयात् ॥
11ॐ निशाकराय विद्महे कलानाथाय धीमहि तन्नः सोमः प्रचोदयात् ॥
12 अङ्गारक, भौम, मङ्गल, कुज ॐ वीरध्वजाय विद्महे विघ्नहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात् ॥
13 ॐ अङ्गारकाय विद्महे भूमिपालाय धीमहि तन्नः कुजः प्रचोदयात् ॥
14 ॐ चित्रिपुत्राय विद्महे लोहिताङ्गाय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात् ॥
15 ॐ अङ्गारकाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि तन्नो भौमः प्रचोदयात् ॥
16बुध ॐ गजध्वजाय विद्महे सुखहस्ताय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात् ॥
17ॐ चन्द्रपुत्राय विद्महे रोहिणी प्रियाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात् ॥
18 ॐ सौम्यरूपाय विद्महे वाणेशाय धीमहि तन्नो बुधः प्रचोदयात् ॥
19 गुरु ॐ वृषभध्वजाय विद्महे क्रुनिहस्ताय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात् ॥
20 ॐ सुराचार्याय विद्महे सुरश्रेष्ठाय धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात् ॥
21 शुक्र ॐ अश्वध्वजाय विद्महे धनुर्हस्ताय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात् ॥
22 ॐ रजदाभाय विद्महे भृगुसुताय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात् ॥
23ॐ भृगुसुताय विद्महे दिव्यदेहाय धीमहि तन्नः शुक्रः प्रचोदयात् ॥
24शनीश्वर, शनैश्चर, शनी ॐ काकध्वजाय विद्महे खड्गहस्ताय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात् ॥
25ॐ शनैश्चराय विद्महे सूर्यपुत्राय धीमहि तन्नो मन्दः प्रचोदयात् ॥
26 ॐ सूर्यपुत्राय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नः सौरिः प्रचोदयात् ॥
27 राहु ॐ नाकध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात् ॥
28 ॐ शिरोरूपाय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात् ॥
29 केतु ॐ अश्वध्वजाय विद्महे शूलहस्ताय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात् ॥
30 ॐ चित्रवर्णाय विद्महे सर्परूपाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात् ॥
31 ॐ गदाहस्ताय विद्महे अमृतेशाय धीमहि तन्नः केतुः प्रचोदयात् ॥
32 पृथ्वी ॐ पृथ्वी देव्यै विद्महे सहस्रमर्त्यै च धीमहि तन्नः पृथ्वी प्रचोदयात् ॥
33 ब्रह्मा ॐ चतुर्मुखाय विद्महे हंसारूढाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात् ॥
34 ॐ वेदात्मनाय विद्महे हिरण्यगर्भाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात् ॥
35 ॐ चतुर्मुखाय विद्महे कमण्डलुधराय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात् ॥
36 ॐ परमेश्वराय विद्महे परमतत्त्वाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात् ॥
37 विष्णु ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
38 नारायण ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात् ॥
39 वेङ्कटेश्वर ॐ निरञ्जनाय विद्महे निरपाशाय (?) धीमहि तन्नः श्रीनिवासः प्रचोदयात् ॥
40 राम ॐ रघुवंश्याय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात् ॥
41 ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात् ॥
42 ॐ भरताग्रजाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात् ॥
43 ॐ भरताग्रजाय विद्महे रघुनन्दनाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात् ॥
44 कृष्ण ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नः कृष्णः प्रचोदयात् ॥
45 ॐ दामोदराय विद्महे रुक्मिणीवल्लभाय धीमहि तन्नः कृष्णः प्रचोदयात् ॥
46 ॐ गोविन्दाय विद्महे गोपीवल्लभाय धीमहि तन्नः कृष्णः प्रचोदयात् ।
47 गोपाल ॐ गोपालाय विद्महे गोपीजनवल्लभाय धीमहि तन्नो गोपालः प्रचोदयात् ॥
48 पाण्डुरङ्ग ॐ भक्तवरदाय विद्महे पाण्डुरङ्गाय धीमहि तन्नः कृष्णः प्रचोदयात् ॥
49 नृसिंह ॐ वज्रनखाय विद्महे तीक्ष्णदंष्ट्राय धीमहि तन्नो नारसिꣳहः प्रचोदयात् ॥
50 ॐ नृसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नः सिंहः प्रचोदयात् ॥
51 परशुराम ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्नः परशुरामः प्रचोदयात् ॥
52 इन्द्र ॐ सहस्रनेत्राय विद्महे वज्रहस्ताय धीमहि तन्न इन्द्रः प्रचोदयात् ॥
53 हनुमान ॐ आञ्जनेयाय विद्महे महाबलाय धीमहि तन्नो हनूमान् प्रचोदयात् ॥
54 ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो हनूमान् प्रचोदयात् ॥
55 मारुती ॐ मरुत्पुत्राय विद्महे आञ्जनेयाय धीमहि तन्नो मारुतिः प्रचोदयात् ॥
56 दुर्गा ॐ कात्यायनाय विद्महे कन्यकुमारी च धीमहि तन्नो दुर्गा प्रचोदयात् ॥
57 ॐ महाशूलिन्यै विद्महे महादुर्गायै धीमहि तन्नो भगवती प्रचोदयात् ॥
58 ॐ गिरिजायै च विद्महे शिवप्रियायै च धीमहि तन्नो दुर्गा प्रचोदयात् ॥
59 शक्ति ॐ सर्वसंमोहिन्यै विद्महे विश्वजनन्यै च धीमहि तन्नः शक्तिः प्रचोदयात् ॥
60 काली ॐ कालिकायै च विद्महे श्मशानवासिन्यै च धीमहि तन्न अघोरा प्रचोदयात् ॥
61 ॐ आद्यायै च विद्महे परमेश्वर्यै च धीमहि तन्नः कालीः प्रचोदयात् ॥
62 देवी ॐ महाशूलिन्यै च विद्महे महादुर्गायै धीमहि तन्नो भगवती प्रचोदयात् ॥
63 ॐ वाग्देव्यै च विद्महे कामराज्ञै च धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
64 गौरी ॐ सुभगायै च विद्महे काममालिन्यै च धीमहि तन्नो गौरी प्रचोदयात् ॥
65 लक्ष्मी ॐ महालक्ष्मी च विद्महे विष्णुपत्नीश्च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥
66 ॐ महादेव्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात् ॥
67 सरस्वती ॐ वाग्देव्यै च विद्महे विरिञ्चिपत्न्यै च धीमहि तन्नो वाणी प्रचोदयात् ॥
68 सीता ॐ जनकनन्दिन्यै विद्महे भूमिजायै च धीमहि तन्नः सीता प्रचोदयात् ॥
69 राधा ॐ वृषभानुजायै विद्महे कृष्णप्रियायै धीमहि तन्नो राधा प्रचोदयात् ॥
70 अन्नपूर्णा ॐ भगवत्यै च विद्महे माहेश्वर्यै च धीमहि तन्न अन्नपूर्णा प्रचोदयात् ॥
71 तुलसी ॐ तुलसीदेव्यै च विद्महे विष्णुप्रियायै च धीमहि तन्नो बृन्दः प्रचोदयात् ॥
72 महादेव ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥
73 रुद्र ॐ पुरुषस्य विद्महे सहस्राक्षस्य धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥
74 ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात् ॥
75 शङ्कर ॐ सदाशिवाय विद्महे सहस्राक्ष्याय धीमहि तन्नः साम्बः प्रचोदयात् ॥
76 नन्दिकेश्वर ॐ तत्पुरुषाय विद्महे नन्दिकेश्वराय धीमहि तन्नो वृषभः प्रचोदयात् ॥
77 गणेश ॐ तत्कराटाय विद्महे हस्तिमुखाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
78 ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
79 ॐ तत्पुरुषाय विद्महे हस्तिमुखाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
80 ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
81 ॐ लम्बोदराय विद्महे महोदराय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
82 षण्मुख ॐ षण्मुखाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नः स्कन्दः प्रचोदयात्॥
83 ॐ षण्मुखाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नः षष्ठः प्रचोदयात् ॥
84 सुब्रह्मण्य ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महासेनाय धीमहि तन्नः षण्मुखः प्रचोदयात् ॥
85 ॐ ॐ ॐकाराय विद्महे डमरुजातस्य धीमहि! तन्नः प्रणवः प्रचोदयात् ॥
86 अजपा ॐ हंस हंसाय विद्महे सोऽहं हंसाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात् ॥
87 दक्षिणामूर्ति ॐ दक्षिणामूर्तये विद्महे ध्यानस्थाय धीमहि तन्नो धीशः प्रचोदयात् ॥
88 गुरु ॐ गुरुदेवाय विद्महे परब्रह्मणे धीमहि तन्नो गुरुः प्रचोदयात् ॥
89 हयग्रीव ॐ वागीश्वराय विद्महे हयग्रीवाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात् ॥
90 अग्नि ॐ सप्तजिह्वाय विद्महे अग्निदेवाय धीमहि तन्न अग्निः प्रचोदयात् ॥
91 ॐ वैश्वानराय विद्महे लालीलाय धीमहि तन्न अग्निः प्रचोदयात् ॥
92 ॐ महाज्वालाय विद्महे अग्निदेवाय धीमहि तन्नो अग्निः प्रचोदयात् ॥
93 यम ॐ सूर्यपुत्राय विद्महे महाकालाय धीमहि तन्नो यमः प्रचोदयात् ॥
94 वरुण ॐ जलबिम्बाय विद्महे नीलपुरुषाय धीमहि तन्नो वरुणः प्रचोदयात् ॥
95 वैश्वानर ॐ पावकाय विद्महे सप्तजिह्वाय धीमहि तन्नो वैश्वानरः प्रचोदयात् ॥
96 मन्मथ ॐ कामदेवाय विद्महे पुष्पवनाय धीमहि तन्नः कामः प्रचोदयात् ॥
97 हंस ॐ हंस हंसाय विद्महे परमहंसाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात् ॥
98 ॐ परमहंसाय विद्महे महत्तत्त्वाय धीमहि तन्नो हंसः प्रचोदयात् ॥
99 नन्दी ॐ तत्पुरुषाय विद्महे चक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो नन्दिः प्रचोदयात् ॥
100 गरुड ॐ तत्पुरुषाय विद्महे सुवर्णपक्षाय धीमहि तन्नो गरुडः प्रचोदयात् ॥
101 सर्प ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नः सर्पः प्रचोदयात् ॥
102 पाञ्चजन्य ॐ पाञ्चजन्याय विद्महे पावमानाय धीमहि तन्नः शङ्खः प्रचोदयात् ॥
103 सुदर्शन ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नश्चक्रः प्रचोदयात् ॥
104 अग्नि ॐ रुद्रनेत्राय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि तन्नो वह्निः प्रचोदयात् ॥
105 ॐ वैश्वानराय विद्महे लाललीलाय धीमहि तन्नोऽग्निः प्रचोदयात् ॥
106 ॐ महाज्वालाय विद्महे अग्निमथनाय धीमहि तन्नोऽग्निः प्रचोदयात् ॥
107 आकाश ॐ आकाशाय च विद्महे नभोदेवाय धीमहि तन्नो गगनं प्रचोदयात् ॥
108 अन्नपूर्णा ॐ भगवत्यै च विद्महे माहेश्वर्यै च धीमहि तन्नोऽन्नपूर्णा प्रचोदयात् ॥
109 बगलामुखी ॐ बगलामुख्यै च विद्महे स्तम्भिन्यै च धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
110 बटुकभैरव ॐ तत्पुरुषाय विद्महे आपदुद्धारणाय धीमहि तन्नो बटुकः प्रचोदयात् ॥
111 भैरवी ॐ त्रिपुरायै च विद्महे भैरव्यै च धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
112 भुवनेश्वरी ॐ नारायण्यै च विद्महे भुवनेश्वर्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
113 ब्रह्मा ॐ पद्मोद्भवाय विद्महे देववक्त्राय धीमहि तन्नः स्रष्टा प्रचोदयात् ॥
114 ॐ वेदात्मने च विद्महे हिरण्यगर्भाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात् ॥
115 ॐ परमेश्वराय विद्महे परतत्त्वाय धीमहि तन्नो ब्रह्मा प्रचोदयात् ॥
116 चन्द्र ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि तन्नश्चन्द्रः प्रचोदयात् ॥
117 छिन्नमस्ता ॐ वैरोचन्यै च विद्महे छिन्नमस्तायै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
118 दक्षिणामूर्ति ॐ दक्षिणामूर्तये विद्महे ध्यानस्थाय धीमहि तन्नो धीशः प्रचोदयात् ॥
119 देवी ॐ देव्यैब्रह्माण्यै विद्महे महाशक्त्यै च धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
120 धूमावती ॐ धूमावत्यै च विद्महे संहारिण्यै च धीमहि तन्नो धूमा प्रचोदयात् ॥
121 दुर्गा ॐ कात्यायन्यै विद्महे कन्याकुमार्यै धीमहि तन्नो दुर्गा प्रचोदयात् ॥
122 ॐ महादेव्यै च विद्महे दुर्गायै च धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात् ॥
123 गणेश ॐ तत्पुरुषाय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
124 ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात् ॥
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज घर की जरुरतों को देखते हुए आप अपने जीवनसाथी के साथ कोई कीमती सामान खरीद सकते हैं जिससे आर्थिक हालात थोड़े तंग हो सकते हैं। यह परिवार में दबदबा बनाए रखने की अपनी आदतों को छोड़ने का वक़्त है। ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव में उनके कंधे से कंधा मिलाकर साथ दें। आपका बदला हुआ बर्ताव उनके लिए ख़ुशी का सबब साबित होगा। अपने प्रेम-प्रसंग के बारे में इधर-उधर ज़्यादा बातें न करें। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि उन्हें अचानक बड़ा फ़ायदा हो सकता है। बिना किसी पूर्व सूचना के आज आपका कोई रिश्तेदार आपके घर आ सकता है जिसकी वजह से आपका कीमती समय उनकी खातिरदारी में जाया हो सकता है। अगर आप अपने जीवनसाथी की छोटी-छोटी बातों को नज़रअन्दाज़ करेंगे, तो उन्हें बुरा लग सकता है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज आप ख़ुद अपना इलाज करने से बचें, क्योंकि दवाई पर आपकी निर्भरता बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। व्यापारियों को आज व्यापार में घाटा हो सकता है और अपने व्यापार को बेहतर बनाने के लिए आपको पैसा खर्च करना पड़ सकता है। आज आपको दूसरों की ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। हालाँकि बच्चों को ज़्यादा छूट देना आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है। आज आप कुछ अलग क़िस्म के रोमांस का अनुभव कर सकते हैं। लेखक और मीडियाकर्मी बड़ी ख्याति प्राप्त कर सकते हैं। खाली समय में आप कोई खेल आज के दिन खेल सकते हैं लेकिन इस दौरान किसी तरह की दूर्घटना होने की भी संभावना है इसलिए संभलकर रहें।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। आज धन आपके हाथ में नहीं टिकेगा, आपको धन संचय करने में आज बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। किसी दूर के रिश्तेदार के यहाँ से मिली आकस्मिक अच्छी ख़बर आपके पूरे परिवार के लिए ख़ुशी के पल लाएगी। आपका प्रिय आज कुछ खीझा हुआ महसूस कर सकता है, जो आपके दिमाग़ पर दबाव और बढ़ा देगा। नयी साझीदारी आज के दिन फलदायी रहेगी। परोपकार और सामाजिक कार्य आज आपको आकर्षित करेंगे। अगर आप ऐसे अच्छे कामों में थोड़ा समय लगाएँ, तो काफ़ी सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। अलग-अलग नज़रिए के चलते आपके और आपके जीवनसाथी के बीच वाद-विवाद हो सकता है।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आप ज़िंदगी की ओर एक उदार रवैया अपनाएँ। अपने हालात की शिकायत करने और उसे लेकर दुःखी होने से कुछ हासिल नहीं होने वाला। यह ज़्यादा मांगने वाली सोच जीवन की सुगंध को ख़त्म कर देती है और संतोषी जीवन की आशा का गला घोंट देती है। इस राशि के जो लोग विदेशों से व्यापार करते हैं उन्हें आज अच्छा खासा धन लाभ हो सकता है। आपको परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा । आज अच्छा दिन है, क्योंकि आपको अपने लक्ष्यों को पाने के लिए बेहतरीन मौक़े मिलेंगे। आईटी से जुड़े लोगों को विदेश से बुलावा आ सकता है। आज आप बिना किसी वजह के कुछ लोगों के साथ उलझ सकते हैं। ऐसा करना आपके मूड को तो खराब करेगा ही साथ ही इससे आपका कीमती समय भी बर्बाद होगा। विवाह एक दैवीय आशीर्वाद है और आज आप इसका अनुभव कर सकते हैं।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपका बच्चों जैसा भोला स्वभाव फिर सतह पर आ जाएगा और आप शरारती मनोदशा में होंगे। आपका कोई पड़ोसी आज आपसे धन उधार मांगने आ सकता है, आपको सलाह दी जाती है कि उधार देने से पहले उनकी विश्वसनीयता अवश्य जांच लें नहीं तो धन हानि हो सकती है। आपके फ़ैसले में माता-पिता की मदद अहम साबित होगी। आपका प्रिय आपको ख़ुश रखने के लिए कुछ ख़ास करेगा। आज आपका मन ऑफिस के काम में नहीं लगेगा। आज आपके मन में कोई दुविधा होगी जो आपको एकाग्र नहीं होने देगी। आज आप कोई नई पुस्तक खरीदकर किसी कमरे में खुद को बंद करके पूरा दिन गुजार सकते हैं। वैवाहिक जीवन के लिए विशेष दिन है। अपने जीवनसाथी को बताएँ कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आप ज़रूरत से ज़्यादा खाने से बचें और सेहतमंद रहने के लिए नियमित व्यायाम करें। यदि शादीशुदा हैं तो आज अपने बच्चों का विशेष ख्याल रखें क्योंकि यदि आप ऐसा नहीं करते तो उनकी तबीयत बिगड़ सकती है और आपको उनके स्वास्थ्य पर काफी पैसा खर्च करना पड़ सकता है। घर में उल्लास का माहौल आपके तनावों को कम कर देगा। आप भी इसमें पूरी सहभागिता करें और महज़ मूक दर्शक न बने रहें। आपका साहस आपको प्यार दिलाने में सफल रहेगा। करिअर के नज़रिए से शुरू किया सफ़र कारगर रहेगा। लेकिन ऐसा करने से पहले अपने माता-पिता से इजाज़त ज़रूर ले लें, नहीं तो बाद में वे आपत्ति कर सकते हैं। आपका साथी आपको पर्याप्त समय नहीं देता यह शिकायत आज आप खुलकर उनके सामने कर सकते हैं। क्या आपको पता है कि आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए सब कुछ है, इस पर ग़ौर करें, यह बात आपको ख़ुद-ब-ख़ुद दिख जाएगी।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आप अपनी नकारात्मक भावनाओं और वृत्तियों पर लगाम लगाकर रखें। आपकी रुढ़िवादी सोच/ पुराने ख़याल आपकी प्रगति में रोड़ा बन सकते हैं, उसकी दिशा बदल सकते हैं और आपकी राह में आगे कई बाधाएँ खड़ी कर सकते हैं। अगर आप लम्बे वक़्त के लिए निवेश करें, तो अच्छा-ख़ासा फ़ायदा हासिल कर सकते हैं। किसी ऐसे के साथ परस्पर संवाद की कमी जिसका आपको बहुत ख़याल है, आपको तनाव दे सकती है। प्रेम के दृष्टिकोण से उत्तम दिन है। अहम लोगों से बातचीत करते वक़्त अपने आँख-कान खुले रखिए, हो सकता है आपके हाथ कोई क़ीमती बात या विचार लग जाए। दिन की शुरुआत भले ही थोड़ी थकाऊ रहे लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा आपको अच्छे फल मिलने लगेंगे। दिन के अंत में आपको अपने लिए समय मिल पाएगा और आप किसी करीबी से मुलाकात करके इस समय का सदुपयोग कर सकते हैं।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
अभी तक अपने नकारात्मक रवैये के चलते आप प्रगति नहीं कर पा रहे हैं। यह इस बात को समझने का सही वक़्त है कि चिंता की आदत ने आपके सोचने की क्षमता को ख़त्म कर दिया है। हालात के उजले पहलू की ओर देखें और आप पाएंगे कि चीज़ें सुधर रही हैं। दीर्घावधि निवेश से बचिए और अपने दोस्तों के साथ बाहर जाकर कुछ ख़ुशी के पल बिताएँ। दोस्तों और परिवार के साथ मज़ेदार समय बीतेगा। जब आप अपने प्रिय के साथ बाहर जाएँ तो अपने पहनावे और बरताव में नयापन रखें। अगर आप कई दिनों से कामकाज में दिक़्क़त महसूस कर रहे हैं, तो आज के दिन आपको राहत महसूस हो सकती है। ऑफिस से जल्दी घर जाने का प्लान आज आप ऑफिस पहुंचकर ही कर सकते हैं। घर पहुंचकर आप मूवी देखने या किसी पार्क में परिवार के लोगों के साथ जाने का प्लान बना सकते हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज आपको सेहत पर ग़ौर करने की ज़रूरत है। आज घर से बाहर बड़ों का आशीर्वाद लेकर निकलें इससे आपको धन लाभ हो सकता है। आपकी स्वच्छन्द जीवनशैली घर में तनाव पैदा कर सकती है, इसलिए देर रात तक बाहर रहने और ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। आपका संगी आपका भला सोचता है इसलिए कई बार आप पर गुस्सा भी कर बैठता है, उनके गुस्से पर नाराज होने से बेहतर यह होगा कि आप उनकी बातों को समझें। बिना गहराई से समझे-बूझे किसी व्यावसायिक/क़ानूनी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर न करें। कारोबारी आज करोबार से ज्यादा अपने परिवार के लोगों के बीच समय बिताना पसंद करेंगे। इससे आपके परिवार में सामंजस्य बनेगा। आपको और आपके जीवनसाथी को वैवाहिक जीवन में कुछ निजता की ज़रूरत हे।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आप अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। निश्चित तौर पर वित्तीय स्थिति में सुधार आएगा- लेकिन साथ ही ख़र्चों में भी वृद्धि होगी। अनचाहे मेहमानों से शाम को आपका घर भरा रह सकता है। अपने प्रिय के साथ सैर-सपाटे पर जाते समय ज़िंदगी को पूरी शिद्दत से जिएँ। आप किसी बड़े व्यावसायिक लेन-देन को अंजाम दे सकते हैं और मनोरंजन से जुड़ी किसी परियोजना में कई लोगों का संयोजन कर सकते हैं। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। अपने जीवनसाथी के चलते आप महसूस करेंगे कि स्वर्ग धरती पर ही है।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
यह सिर्फ़ आप जानते हैं कि आपके लिए क्या बेहतर है, इसलिए मज़बूत और स्पष्टवादी बनें तथा फ़ैसले तुरन्त लें और उनके परिणामों का सामना करने के लिए तैयार रहें। यह बात भली भांति समझ लें कि दुख की घड़ी में आपका संचित धन ही आपके काम आएगा इसलिए आज के दिन अपने धन का संचय करने का विचार बनाएं। एक पारिवारिक आयोजन में आप सभी के ध्यान का केन्द्र होंगे। आपकी ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा- क्योंकि आपका प्रिय आपने लिए बहुत सारी ख़ुशी की वजह साबित होगा। अगर आप अपनी योजनाओं को सबके सामने खोलने में बिल्कुल नहीं हिचकते, तो आप अपनी परियोजना को ख़राब कर सकते हैं। किसी नये काम के आगाज के लिए आपको पहले उसके बारे में अनुभवी लोगों से बात करनी चाहिए। अगर आज आपके पास समय है तो उस क्षेत्र के अनुभवी लोगों से मिल लें जो काम आप शुरु करने वाले हैं। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज संभव है कि आपको किसी अंग मे दर्द या तनाव से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़े। जिन लोगों को आप जानते हैं, उनके ज़रिए आपको आमदनी के नए स्रोत मिलेंगे। आपको बच्चों के साथ कुछ समय बिताने, उन्हें अच्छे संस्कार देने और उनकी ज़िम्मेदारी समझाने की ज़रूरत है। ग़लतफ़हमी या कोई ग़लत संदेश आपका गर्मजोशी भरा दिन ठण्डा कर सकता है। आपमें बहुत-कुछ हासिल करने की क्षमता है- इसलिए अपने रास्ते में आने वाले सभी मौक़ों को झट-से दबोच लें। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। ख़राब मिज़ाज के चलते आप महसूस कर सकते हैं कि आपका जीवनसाथी आपको बेवजह तंग कर रहा है।
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