श्रीडूंगरगढ़ टुडे 7 सितंबर 2025
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
जय श्री गणेशाय नमः
जय श्री कृष्णा
आज का पंचांग-07.09.2025
✴️दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ रविवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
चंद्र ग्रहण 2025 भाद्रपद पूर्णिमा रविवार
छाया प्रवेश – रात्रि 08.58 PM
स्पर्श——–रात्रि 09.57 PM
सम्मीलन—- रात्रि 11.01 PM
मध्य———रात्रि 11.42 PM
उन्मीलन—–रात्रि 12.23 AM
मोक्ष———रात्रि 01.27 AM
छाया निर्गम -रात्रि 02.25 AM
कुल पर्वकाल 3 घंटा 30 मिनट
ग्रहण सूतक काल प्रारंभ – अपराह्न. 12.50
से प्रारंभ होगा जो मोक्षकाल पर समाप्त होगा।
आज विशेष
वास्तुअनुसार घर का शयनकक्ष व्यवस्थापन
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………….07.09.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर…………………………. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………….उत्तर
ऋतु……………………………………. .शरद्
मास…………………………………. भाद्रपद
पक्ष……………………………………..शुक्ल
तिथि…पूर्णिमा. रात्रि. 11.39 तक / प्रतिपदा
वार……………………………………रविवार
नक्षत्र.. शतभिषा. रात्रि. 9.41 तक/ पूर्वाभाद्र
चंद्रराशि…………….. कुंभ. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग……….. सुकर्मा. प्रातः 9.21 तक
धृति करण……… विष्टि(भद्रा)-अपरा. 12.44 तक
करण………. बव.रात्रि. 11.39 तक / बालव
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………. प्रातः 6.15.28 पर
सूर्यास्त…………………..सायं. 6.42.56 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 12.27.27
रात्रिमान………………………….11.32.54
चंद्रोदय………………….. 6.34.00 PM पर
चंद्रास्त……………………6.35.35 AM पर
राहुकाल…सायं. 5.10 से 6.43 तक(अशुभ)
यमघंट..अपरा. 12.29 से 2.03 तक(अशुभ)
गुलिक.. अपरा. 3.36 से 5.10 (शुभे त्याज्य)
अभिजित……मध्या.12.04 से 12.54(शुभ)
पंचक………………………………… जारी है।
हवन मुहूर्त…………………….. .आज नहीं है।
दिशाशूल……………………….. पश्चिम दिशा
दोष परिहार…….. घी का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल-सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न ……सिंह 19°57′ पूर्व फाल्गुनी 2 टा
सूर्य ……सिंह 20°27′ पूर्व फाल्गुनी 3 टी
चन्द्र …….. कुम्भ 10°56′ शतभिषा 2 सा
बुध ^ ….सिंह 14°26′ पूर्व फाल्गुनी 1 मो
शुक्र …………कर्क 20°37′ आश्लेषा 2 डू
मंगल ………… कन्या 25°39′ चित्रा 1 पे
बृहस्पति ….. मिथुन 24°43′ पुनर्वसु 2 को
शनि * …….मीन 5°28′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ……कुम्भ 24°10′ पूर्वभाद्रपद 2 सो
केतु * …….सिंह24°10′ पूर्व फाल्गुनी4 टू
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
चंचल……………प्रातः 7.49 से 9.22 तक
लाभ…………..प्रातः 9.22 से 10.56 तक
अमृत………..पूर्वा. 10.56 से 12.29 तक
शुभ……………अपरा. 2.03 से 3.36 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
शुभ……….सायं-रात्रि. 6.43 से 8.10 तक
अमृत……………रात्रि. 8.10 से 9.36 तक
चंचल…………रात्रि. 9.36 से 11.03 तक
लाभ…रात्रि. 1.56 AM से 3.23 AM तक
शुभ….रात्रि. 4.49 AM से 6.16 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये..
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर..
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
10.21 AM तक—-शतभिषा—–2——सा
04.01 PM तक—-शतभिषा—–3——सी
09.41 PM तक—-शतभिषा—–4——-सु
राशि कुंभ – पाया ताम्र__
03.18 AM तक—–पूर्वाभाद्र—–1——-से उपरांत रात्रि तक—–पूर्वाभाद्र—–2——सो
_राशि कुंभ – पाया लौह
आज का दिन
व्रत विशेष…………………………. पूर्णिमा
अन्य व्रत………………………….. .नहीं है।
पर्व विशेष……श्री मद्भागवत् सप्ताह संपूर्ण
दिन विशेष………………… चातुर्मास जारी
दिन विशेष…….. महालय श्राद्ध पक्ष प्रारंभ
श्राद्ध विशेष………………….पूर्णिमा श्राद्ध
दिन विशेष…चंद्रग्रहण रात्रि(भारत में मान्य)
दिन विशेष…..कुमारीणां संध्या पूजा प्रारंभ
दिन विशेष……….. विश्व स्वच्छ वायु दिवस
पंचक……………………………… जारी है।
विष्टि(भद्रा)……………अपरा. 12.44 तक
खगोलीय..वर्तमान सूर्य नक्षत्र(पूर्वाफाल्गुनी)
नक्षत्र वाहन…………….. महिष.वर्षा (श्रेष्ठ)
खगोलीय…………………………… नहीं है।
सर्वा.सि.योग………………… आज नहीं है। नहअमृ.सि.योग……………… आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
आज दिनांक………………. 08.9.2025
तिथि…….आश्विन कृष्णा प्रतिपदा सोमवार
व्रत विशेष………………………….. नहीं है।
अन्य व्रत…………………………….नहीं है।
पर्व विशेष………… स्वामी शिवानंद जयंती
दिन विशेष………………… चातुर्मास जारी
दिन विशेष……….महालय श्राद्ध पक्ष जारी
श्राद्ध विशेष……………….. प्रतिपदा श्राद्ध
दिन विशेष…………. विश्व साक्षरता दिवस
दिन विशेष…… विश्व फिजियोथेरेपी दिवस
पंचक……………………………… जारी है।
विष्टि(भद्रा)……………………आज नहीं है।
खगोलीय.वर्तमान सूर्य नक्षत्र(पूर्वाफाल्गुनी)
नक्षत्र वाहन…………….. महिष.वर्षा (श्रेष्ठ)
खगोलीय…………………………….नहीं है।
सर्वा.सि.योग………………… आज नहीं है ।अमृ.सि.योग…………………. आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
वास्तुअनुसार घर का शयनकक्ष व्यवस्थापन
शयनकक्ष हमारे घर का अहम् हिस्सा होता है क्योकि यहाँ हम आराम करते है और अपने निजी जीवन के कुछ अनुभव शेयर करते है. पति पत्नी के सुखी दांपत्य जीवन के लिए शयन कक्ष के वास्तु का सही होना बहुत जरूरी होता है. चलिए जानते है शयन कक्ष से जुड़े कुछ वास्तु उपाय।
वास्तुअनुसार शयनकक्ष का आकार चौकोर या आयताकार होना चाहिए।
शयनकक्ष में सोते समय सिर पूर्व या दक्षिण दिशा में रखा जाना चाहिए।
एक्वैरियम या असली पौधों को शयनकक्ष में नहीं रखें।
वास्तु अनुसार शयनकक्ष में पलंग के नीचे किसी भी तरह का सामान नहीं रखना चाहिए.
अलमारियाँ और वार्डरोब बेडरूम की पश्चिम या दक्षिण दिशा में होना चाहिए।
शयन कक्ष में दरवाजे पूर्व, पश्चिम या उत्तर की ओर होना चाहिए लेकिन दक्षिण-पश्चिम की ओर में नहीं होना चाहिए।
शयन कक्ष में बड़ी खिड़की को उत्तर या पूर्व में होना चाहिए जबकि छोटी खिड़कियों को पश्चिम की ओर होना चाहिए।
शयन कक्ष की दीवारों के लिए आदर्श रंग गुलाबी, नीला और हरा हैं। शयन कक्ष की दीवारों के लिए चमकीले रंग का प्रयोग करने से बचें।
टेलीविजन सेट शयनकक्ष में नहीं रखा जाना चाहिए।
शयन कक्ष में ड्रेसिंग टेबल या दर्पण को पूर्व या उत्तर की ओर रखा जाना चाहिए।
युद्ध, क्रूरता, उदासी, जंगली जानवरों की तस्वीरें या किसी भी एकल पक्षी की तस्वीर को शयन कक्ष में प्रदर्शित नहीं करें।
अगर शयन कक्ष से संलग्न एक बाथरूम है, तो यह सुनिश्चित करें कि यह सीधे बिस्तर के सामने नहीं होना चाहिए तथा यह भी सुनिश्चित कर लें कि बाथरूम का दरवाजा सभी समय पर बंद रहे।
पैसे और आभूषण रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक लॉकर शयन कक्ष के उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में होना चाहिए और इसका मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
बैडरूम में खिड़की का होना शुभ होता है साथ ही बैडरूम में मुख्य द्वार की ओर पैर करके नहीं सोना चाहिए।
वास्तु शास्त्र अनुसार बैडरूम में शीशा लगाना शुभ नहीं माना जाता है इससे पति पत्नी को स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियां हो सकती है।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज आप सफलता हासिल करने के लिए समय के साथ अपने विचारों में बदलाव लाएँ। इससे आपका दृष्टिकोण व्यापक होगा, समझ का दायरा बढ़ेगा, व्यक्तित्व में निखार आएगा और दिमाग़ विकसित होगा। पैसे की अहमियत को आप अच्छे से जानते हैं इसलिए आज के दिन आपके द्वारा बचाया गया धन आपके बहुत काम आ सकता है और आप किसी बड़ी मुश्किल से निकल सकते हैं। शाम का ज़्यादातर समय मेहमानों के साथ गुज़रेगा। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। खाली समय में आप कोई खेल आज के दिन खेल सकते हैं लेकिन इस दौरान किसी तरह की दुर्घटना होने की भी संभावना है इसलिए संभलकर रहें। जीवनसाथी के साथ वाद-विवाद होने की काफ़ी संभावना है। आज आपका व्यक्तित्व लोगों को निराश कर सकता है इसलिए आपको अपने व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव करने की जरुरत है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज आप ज़िन्दगी की बेहतरीन चीज़ों को शिद्दत से महसूस करने के लिए अपने दिल-दिमाग़ के दरवाज़े खोलें। चिंता को छोड़ना इसकी ओर पहला क़दम है। रियल एस्टेट सम्बन्धी निवेश आपको अच्छा-ख़ासा मुनाफ़ा देंगे। आपके जीवन-साथी की सेहत चिंता का सबब बन सकती है और उसे चिकित्सकीय देखरेख की ज़रूरत है। आज के दिन घटनाएँ अच्छी तो होंगी, लेकिन तनाव भी देंगी – जिसके चलते आप थकान और दुविधा महसूस करेंगे। आज का दिन तनाव से मुक्त रहने की कोशिश करें, इसलिए आराम करने पर ज़ोर दें।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज बेकार के ख़यालों में अपनी ऊर्जा बर्बाद न करें, बल्कि इसे सही दिशा में लगाएँ। आज धन लाभ होने की संभावना तो बन रही है लेकिन ऐसा हो सकता है कि अपने गुस्सैल स्वभाव के कारण आप पैसा कमाने में सक्षम न हो पाएं। जिन लोगों के साथ आप रहते हैं वे आपसे बहुत ख़ुश नहीं होंगे, चाहे आपने इसके लिए कुछ भी क्यों न किया हो। आज प्यार के मामले में सामाजिक बंधन तोड़ने से बचें। आज आप फुर्सत के क्षणों में कोई नया काम करने का सोचेंगे लेकिन इस काम में आप इतना उलझ सकते हैं कि आपके जरुरी काम भी छूट जाएंगे । रिश्तेदारों को लेकर जीवनसाथी के साथ नोंकझोंक हो सकती है। दोस्तों के साथ मजाक करते दौरान अपनी सीमाओं को लांघने से बचें नहीं तो दोस्ती खराब हो सकती है।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आप ज़रूरत से ज़्यादा खाने से बचें और सेहतमंद रहने के लिए नियमित व्यायाम करें। अगर आप सूझ-बूझ से काम लें, तो आज अतिरिक्त धन कमा सकते हैं। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का लाभ लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। अपने साथी के साथ बाहर जाते वक़्त ठीक तरह से व्यवहार करें। घर के छोटे सदस्यों को साथ लेकर आज आप किसी पार्क या शॉपिंग मॉल में जा सकते हैं। हँसी-मजा़क के बीच आपके और आपके जीवनसाथी के बीच कोई पुराना मुद्दा उभर सकता है, जो फिर वाद-विवाद का रूप भी ले सकता है। आज आपके पास पर्याप्त वक़्त होने की संभावना है, लेकिन इन क़ीमती पलों को ख़्याली पुलाव पकाने में न गँवाएँ। कुछ पुख़्ता करना आने वाले सप्ताह की बेहतरी में मददगार साबित होगा।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज प्रभावशाली लोगों का सहयोग आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। दूसरों को प्रभावित करने के लिए ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्चा न करें। बच्चे आपको अपनी उपलब्धियों से गर्व का अनुभव कराएंगे। आपके लिए अपने प्रिय से दूर रहना बहुत मुश्किल होगा। बातों को सही तरीके से समझने का आज आपको प्रयास करना चाहिए नहीं तो इसकी वजह से आप खाली समय में इन्हीं बातों के बारे में सोचते रहेंगे और अपना समय बर्बाद करेंगे। लंबे समय से कामकाज का दबाव आपके वैवाहिक जीवन के लिए कठिनाई खड़ी कर रहा है। लेकिन आज सारी शिकायतें दूर हो जाएंगी। आपको महसूस हो सकता है कि आपके घर वाले आपको नहीं समझते और इसलिए आप उनसे आज दूरी बना सकते हैं।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज भरे-पूरे और संतुष्ट जीवन के लिए अपनी मानसिक दृढ़ता में वृद्धि कीजिए। आज किसी विपरीत लिंगी की मदद से आपको करोबार या नौकरी में आर्थिक लाभ होने की संभावना है। विदेश में रह रहे किसी संबंधी से मिला उपहार आपको ख़ुशी दे सकता है। गर्लफ़्रेंड/बॉयफ़्रेंड के साथ अभद्र व्यवहार न करें। यदि आपको व्यस्त दिनचर्या के बाद भी अपने लिए समय मिल पा रहा है तो आपको इस समय का सदुपयोग करना सीखना चाहिए। ऐसा करके अपने भविष्य को आप सुधार सकते हैं। आपके और आपके जीवनसाथी के दरमियान कोई अजनबी नोंकझोंक की वजह बन सकता है। आज के दिन कुछ न करें, सिर्फ़ अस्तित्व का आनन्द लें और अहोभाव से ख़ुद को सराबोर होने दें। स्वयं को भाग-दौड़ के लिए बाध्य न करें।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज अधिक खाने और ज़्यादा कैलोरी की चीज़ें खाने से बचिए। आपका बचाया धन आज आपके काम आ सकता लेकिन इसके साथ ही इसके जाने का आपको दुख भी होगा। अपनी महत्वाकांक्षाओं को ऐसे बड़ों के साथ बांटें, जो आपकी सहायता कर सकते हैं। आपका प्रेमी या प्रेमिका आज बहुत गुस्से में नजर आ सकते हैं इसकी वजह उनके घर की स्थिति होगी। अगर वो गुस्से में हैं तो उन्हें शांत करने की कोशिश करें। किसी नये काम के आगाज के लिए आपको पहले उसके बारे में अनुभवी लोगों से बात करनी चाहिए। अगर आज आपके पास समय है तो उस क्षेत्र के अनुभवी लोगों से मिल लें जो काम आप शुरु करने वाले हैं। जीवनसाथी के साथ एक आरामदायक दिन बीतेगा। ग्रह इशारा कर रहे हैं कि धार्मिक क्रियाकलापों की अधिकता हो सकती है, मसलन आप मंदिर जा सकते हैं, दान-दक्षिणा भी संभव है और ध्यान-धारणा का अभ्यास भी किया जा सकता है।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू
आज आपको जल्द-से-जल्द अपने जज़्बात को क़ाबू में करने और डर से आज़ादी पाने की ज़रूरत है, क्योंकि ये आपकी सेहत पर ख़राब असर डाल सकते हैं और अच्छी सेहत का मज़ा लेने से आपको वंचित कर सकते हैं। आज अगर आप दूसरों की बात मानकर निवेश करेंगे, तो आर्थिक नुक़सान तक़रीबन पक्का है। घरेलू कामकाज आपको ज़्यादातर वक़्त व्यस्त रखेंगे। आपके प्रिय का डांवाडोल मिज़ाज आपको परेशान कर सकता है। आज आप ऑफिस से घर वापस आकर अपना पसंदीदा काम कर सकते हैं। इससे आपके मन को शांति मिलेगी। जीवनसाथी के ख़राब स्वास्थ्य की वजह से आपका कामकाज प्रभावित हो सकता है। अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए बेहद ज़रुरी है; आप थोड़ा अधिक सो सकते हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज अपने दिन की शुरुआत आप योग ध्यान से कर सकते हैं। ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा और सारे दिन आपमें ऊर्जा रहेगी। आर्थिक दृष्टि से आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। आज आपको धन लाभ तो हो सकता है लेकिन इसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी होगी। कोई चिट्ठी या ई-मेल पूरे परिवार के लिए अच्छी ख़बर लाएगी। आपको याद रखने की ज़रूरत है कि भगवान उसी की मदद करता है, जो ख़ुद अपनी मदद करता है। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे। अच्छे मित्र आपका कभी साथ नहीं छोड़ते यह बात आज आपको समझ आ सकती है।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आपका दानशीलता का व्यवहार आपके लिए छुपे हुए आशीर्वाद की तरह सिद्ध होगा, क्योंकि यह आपको शक, अनास्था, लालच और आसक्ति जैसी ख़राबियों से बचाएगा। जो व्यापारी अपने कारोबार के सिलसिले में घर से बाहर जा रहे हैं वो अपने धन को आज बहुत संभालकर रखें। धन चोरी होने की संभावना है। सामाजिक समारोह में परिवार के साथ शामिल होना सबके लिए अच्छा अनुभव रहेगा। समय, कामकाज, पैसा, यार-दोस्त, नाते-रिश्ते सब एक ओर और आपका प्यार एक तरफ़, दोनों आपस में खोए हुए – कुछ ऐसा मिज़ाज रहेगा आपका आज। दिन के अंत में आज आप अपने घर के लोगों को वक्त देना चाहेंगे लेकिन इस दौरान घर के किसी करीबी के साथ आपकी कहासुनी हो सकती है और आपका मूड खराब हो सकता है. आज आपका जीवनसाथी आपको प्यार और सुख के लोक की सैर करा सकता है। आज आप फ़ोटोग्राफ़ी करके आने वाले कल के लिए कुछ बेहतरीन यादें संजो सकते हैं; अपने कैमरे का सदुपयोग करना बिलकुल न भूलें।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज दिन चढ़ने पर वित्तीय तौर पर सुधार आएगा। आपका अड़ियल स्वभाव आपके माता-पिता का चैन छीन सकता है। आपको उनकी सलाह पर ध्यान देने की ज़रूरत है। सकारात्मक बातों पर विचार करने में कोई बुराई नहीं है। आज हो सकता है कि पहली नज़र में ही आपको कोई पसंद कर ले। जरुरी कामों को समय न देना और फिजूल के कामों पर वक्त जाया करना आज आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। आप शादीशुदा ज़िन्दगी से जुड़े चुटकुले सोशल मीडिआ पर पढ़कर खिलखिलाते हैं। लेकिन आज जब आपके वैवाहिक जीवन से जुड़ी कई प्यारी चीज़ें आपके सामने आएंगी, तो आप भावुक हुए बिना नहीं रह सकेंगे। अपने प्रिय के साथ पर्याप्त समय बिताने की संभावना है। ऐसा हो भी क्यों न, ऐसे पल ही तो किसी संबंध को प्रगाढ़ बनाते हैं।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
अगर आप पिछले कुछ वक़्त से झुंझलाहट महसस कर रहें हैं तो आपको याद रखना चाहिए कि सही कर्म और विचार आज आपके लिए बहुप्रतीक्षित राहत लेकर आएंगे। आज कोई लेनदार आपके दरवाजे पर आ सकता है और आपसे पैसे उधार मांग सकता है। उन्हें पैसे लौटाकर आप आर्थिक तंगी में आ सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि उधार लेने से बचें। पारिवारिक तनावों को अपनी एकाग्रता भंग न करने दें। बुरा दौर ज़्यादा सिखाता है। उदासी के भंवर में ख़ुद को खोकर वक़्त बर्बाद करने से बेहतर है कि ज़िंदगी के सबक़ को जानने और सीखने की कोशिश की जाए। आपका प्रिय को आपसे भरोसे और वादे की ज़रूरत है। जो लोग घर सेे बाहर रहते हैं आज वो अपने सारे काम पूरे करके शाम के समय किसी पार्क या एकांत जगह पर समय बिताना पसंद करेंगे। समय मुफ़्त ज़रूर है पर बेशक़ीमती भी है, इसलिए अपने अधूरे कार्यों को निपटाकर आप आने वाले कल के लिए निश्चिंत हो सकते हैं।
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पूर्ण चन्द्र ग्रहण शंका समाधान
पूर्ण चन्द्रग्रहण (भारत में दृश्य) 07 सितम्बर 2025
भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा, दिनांक 07 सितम्बर, रविवार को यह ग्रहण अंटार्कटिका, पश्चिमी प्रशांत महासागर, आस्ट्रेलिया, एशिया, हिन्द महासागर, यूरोप, पूर्वी अटलांटिक महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। आइसलैण्ड, अफ्रीका के पाश्चिमी भाग और अटलांटिक महासागर के कुछ भाग में उपच्छागा का अंत चन्द्रोदय के समय दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत के सभी हिस्सो में दिखाई देगा। पूरे देश में ग्रहण के आरम्भ से अंत तक सभी चरण दिखेगें इसका सूतक दोपहर 12:56 से आरम्भ हो जायेगा
ग्रहण की परिस्थितियाँ👉 (भारतीय मानक समय)
उपच्छाया प्रवेश👉 रात्रि 08:56 से
ग्रहण प्रारम्भ 👉 रात्रि 09:56 से
पूर्णता प्रारम्भ👉 मध्यरात्रि 11:00 से
ग्रहण मध्य👉 मध्यरात्रि 11:41 से
पूर्णता समाप्त 👉 मध्यरात्रि 12:23 से
ग्रहण समाप्त (मोक्ष) 👉 मध्य रात्रि 01:26 पर।
उपच्छाया अन्त 👉 मध्यरात्रि 02.26 पर
ग्रहण (परिमाण) 👉 1:368
ग्रहण की अवधि 👉 3 घण्टे 30 मिनट
पूर्णता की अवधि 👉 01 घंटा 23 मिनट
यह ग्रहण सम्पूर्ण भारत मे पूर्ण रूप से दिखाई देगा अतः धर्मनिष्ठ एवं श्रद्धालुजनों को ग्रहण-संबंधी पथ्य-अपथ्य का विचार करते हुए ग्रहण संबंधी व्रत-दानादि का अनुष्ठान करना चाहिए।
क्या है चंद ग्रहण पौराणिक एवं वैज्ञानिक मान्यता
एक पौराणिक कथा के अनुसार एक बार समुद्र मंथन के दौरान असुरों और दानवों के बीच अमृत के लिए घमासान चल रहा था इस मंथन में अमृत देवताओं को मिला लेकिन असुरों ने उसे छीन लिया अमृत को वापस लाने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी नाम की सुंदर कन्या का रूप धारण किया और असुरों से अमृत ले लिया जब वह उस अमृत को लेकर देवताओं के पास पहुंचे और उन्हें पिलाने लगे तो राहु नामक असुर भी देवताओं के बीच जाकर अमृत पिने के लिए बैठ गया जैसे ही वो अमृत पीकर हटा, भगवान सूर्य और चंद्रमा को भनक हो गई कि वह असुर है तुरंत उससे अमृत छिना गया और विष्णु जी ने अपने सुदर्शन चक्र से उसकी गर्दन धड़ से अलग कर दी। क्योंकि वो अमृत पी चुका था इसीलिए वह मरा नहीं उसका सिर और धड़ राहु और केतु नाम के ग्रह पर गिरकर स्थापित हो गए। ऐसी मान्यता है कि इसी घटना के कारण सुर्य और चंद्रमा को ग्रहण लगता है, इसी वजह से उनकी चमक कुछ देर के लिए चली जाती है। इसके साथ यह भी माना जाता है कि जिन लोगों की राशि में सुर्य और चंद्रमा मौजूद होते हैं उनके लिए यह ग्रहण बुरा प्रभाव डालता है।
वहीं, विज्ञान के अनुसार यह एक प्रकार की खगोलीय स्थिति है. जिनमें चंद्रमा, पृथ्वी और पृथ्वी तीनों एक ही सीधी रेखा में आ जाते हैं। इससे चंद्रमा पृथ्वी की उपछाया से होकर गुजरता है, जिस वजह से उसकी रोशनी फिकी पड़ जाती है।
ग्रहण-सूतक के समय पालनीय
सूतक के समय तथा ग्रहण के समय दान तथा जापादि का महत्व माना गया है. पवित्र नदियों अथवा तालाबों में स्नान किया जाता है। मंत्र जाप किया जाता है तथा इस समय में मंत्र सिद्धि का भी महत्व है। तीर्थ स्नान, हवन तथा ध्यानादि शुभ काम इस समय में किए जाने पर शुभ तथा कल्याणकारी सिद्ध होते हैं। धर्म-कर्म से जुड़े लोगों को अपनी राशि अनुसार अथवा किसी योग्य ब्राह्मण के परामर्श से दान की जाने वाली वस्तुओं को इकठ्ठा कर के रख लेना चाहिए फिर अगले दिन सुबह सूर्योदय के समय दुबारा स्नान कर संकल्प के साथ उन वस्तुओं को योग्य व्यक्ति को दे देना चाहिए।
ग्रहण-सूतक में वर्जित कार्य
सूतक के समय और ग्रहण के समय भगवान की मूर्ति को स्पर्श करना निषिद्ध माना गया है। खाना-पीना, सोना, नाखून काटना, भोजन बनाना, तेल लगाना आदि कार्य भी इस समय वर्जित हैं. इस समय झूठ बोलना, छल-कपट, बेकार का वार्तालाप और मूत्र विसर्जन से परहेज करना चाहिए. सूतक काल में बच्चे, बूढ़े, गर्भावस्था स्त्री आदि को उचित भोजन लेने में कोई परहेज नहीं हैं।
सूतक आरंभ होने से पहले ही अचार, मुरब्बा, दूध, दही अथवा अन्य खाद्य पदार्थों में कुशा तृण डाल देना चाहिए जिससे ये खाद्य पदार्थ ग्रहण से दूषित नहीं होगें। अगर कुशा नहीं है तो तुलसी का पत्ता भी डाल सकते हैं. घर में जो सूखे खाद्य पदार्थ हैं उनमें कुशा अथवा तुलसी पत्ता डालना आवश्यक नहीं है।
ग्रहण में क्या करें, क्या न करें ?
चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप-ध्यान करने से कई गुना फल होता है। श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का आठ हजार जप करने के पश्चात ग्रहणशुद्धि होने पर उस घृत को पी ले। ऐसा करने से वह मेधा (धारणशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाक् सिद्धि प्राप्त कर लेता है। सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करने वाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक ‘अरुन्तुद’ नरक में वास करता है। सूर्यग्रहण में ग्रहण चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्र ग्रहण में तीन प्रहर (9) घंटे पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। बूढ़े, बालक और रोगी डेढ़ प्रहर (साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं। ग्रहण-वेध के पहले जिन पदार्थों में कुश या तुलसी की पत्तियाँ डाल दी जाती हैं, वे पदार्थ दूषित नहीं होते। पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय, कुत्ते को डालकर नया भोजन बनाना चाहिए। ग्रहण वेध के प्रारम्भ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग भी अत्यावश्यक परिस्थिति में ही करना चाहिए और ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए। ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव-पूजन और श्राद्ध तथा अंत में सचैल (वस्त्रसहित) स्नान करना चाहिए। स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं। ग्रहण पूरा होने पर सूर्य या चन्द्र, जिसका ग्रहण हो उसका शुद्ध बिम्ब देखकर भोजन करना चाहिए। ग्रहणकाल में स्पर्श किये हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए। ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए। ग्रहण के स्नान में गरम जल की अपेक्षा ठंडा जल, ठंडे जल में भी दूसरे के हाथ से निकाले हुए जल की अपेक्षा अपने हाथ से निकाला हुआ, निकाले हुए की अपेक्षा जमीन में भरा हुआ, भरे हुए की अपेक्षा बहता हुआ, (साधारण) बहते हुए की अपेक्षा सरोवर का, सरोवर की अपेक्षा नदी का, अन्य नदियों की अपेक्षा गंगा का और गंगा की अपेक्षा भी समुद्र का जल पवित्र माना जाता है। ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरतमंदों को वस्त्रदान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है। ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए। बाल तथा वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए व दंतधावन नहीं करना चाहिए। ग्रहण के समय ताला खोलना, सोना, मल-मूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन – ये सब कार्य वर्जित हैं। ग्रहण के समय कोई भी शुभ व नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। ग्रहण के समय सोने से रोगी, लघुशंका करने से दरिद्र, मल त्यागने से कीड़ा, स्त्री प्रसंग करने से सूअर और उबटन लगाने से व्यक्ति कोढ़ी होता है। गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए। तीन दिन या एक दिन उपवास करके स्नान दानादि का ग्रहण में महाफल है, किन्तु संतानयुक्त गृहस्थ को ग्रहण और संक्रान्ति के दिन उपवास नहीं करना चाहिए। भगवान वेदव्यासजी ने परम हितकारी वचन कहे हैं- ‘सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (जप, ध्यान, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्यग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है। यदि गंगाजल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदायी होता है।’ ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम-जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है। ग्रहण के अवसर पर दूसरे का अन्न खाने से बारह वर्षों का एकत्र किया हुआ सब पुण्य नष्ट हो जाता है। (स्कन्द पुराण) भूकंप एवं ग्रहण के अवसर पर पृथ्वी को खोदना नहीं चाहिए। (देवी भागवत) अस्त के समय सूर्य और चन्द्रमा को रोगभय के कारण नहीं देखना चाहिए।
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