श्रीडूंगरगढ़ टुडे 15 सितंबर 2025
श्रीडूंगरगढ़। सोमवार को सेवा केंद्र मालू भवन में जैन समाज की धर्मप्रेमी राजू देवी पुगलिया (धर्मपत्नी स्व. माणकचंद पुगलिया) ने 30 दिन की निराहार तपस्या मासखमण पूर्ण कर समाज के बीच उपस्थित होकर सभी का आशीर्वाद प्राप्त किया। यह तपस्या श्रीडूंगरगढ़ जैन समाज में इस वर्ष की पहली मासखमण तपस्या है।
कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से साध्वी सरसप्रभा ने की। सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी संगीतश्री व साध्वी डॉ. परमप्रभा ने तपस्विनी की तप अनुमोदना की। तपस्विनी बहिन की अनुमोदना में श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा से विजयराज सेठिया, महेंद्र मालू (साध्वी प्रमुखा का संदेश वाचन), महिला मंडल से उपाध्यक्ष मधु झाबक, युवक परिषद से अध्यक्ष विक्रम मालू, किशोर मंडल से विशाल बोथरा, अणुव्रत समिति से उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, ओसवाल पंचायत से मंत्री कांतिलाल पुगलिया व मोहनलाल सेठिया ने विचार रखे और सामूहिक गीतिका प्रस्तुत की।
साध्वी वृंद में साध्वी ललितरेखा, साध्वी चंद्रयशा, साध्वी शांतिप्रभा, साध्वी कमलविभा, साध्वी मुदिताश्री, साध्वी कर्तव्ययशा, साध्वी ऋजुप्रज्ञा, साध्वी संपतप्रभा, साध्वी श्रेयसप्रभा और साध्वी प्रेक्षाप्रभा ने गीतिका व वक्तव्य के माध्यम से अनुमोदना दी।
परिवार की ओर से भिखी देवी दुगड़, इंदु देवी पुगलिया, शिखा पुगलिया, साधना सुराणा और सुशीला पुगलिया ने वक्तव्य व गीतिका से तपस्विनी का अभिनंदन किया। भीकमचंद पुगलिया ने साध्वीयों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए सभी का आभार जताया।
तपस्विनी बहिन का सम्मान परिवार की महिलाओं मैना देवी दुगड़, कमला देवी बरडिया सहित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, महिला मंडल और युवक परिषद द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन सभा मंत्री प्रदीप पुगलिया ने किया।

















