श्रीडूंगरगढ़ टुडे 17 सितंबर 2025
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
जय श्री गणेशाय नमः
जय श्री कृष्णा
🕉️आज का पंचांग-17.09.2025🕉️
✴️दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ बुधवार 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
सनातन हिंदु धर्म में पीपल का धार्मिक महत्व
एक प्रामाणिक विश्लेषणात्मक जानकारी
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक……………….. .17.09.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर…………………………. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………….उत्तर
ऋतु…………………………………….. शरद्
मास…………………………………. आश्विन
पक्ष……………………………………. .कृष्ण
तिथि…एकादशी. रात्रि. 11.40 तक/ द्वादशी
वार………………………………….. .बुधवार
नक्षत्र……… पुनर्वसु. प्रातः 6.26 तक / पुष्य
चंद्रराशि…………….. कर्क. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग………. परिघ. रात्रि. 10.54 तक / शिव करण……………….. बव. पूर्वा. 11.57 तक
करण…… बालव. रात्रि.11.40 तक / कौलव
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………. प्रातः 6.19.13 पर
सूर्यास्त…………………..सायं. 6.32.07 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 12.12.53
रात्रिमान………………………….11.47.28
चंद्रास्त………………….. 3.56.06 PM पर
चंद्रोदय………………… . 2.49.35 AM पर
राहुकाल.अपरा.12.26 से 1.57तक(अशुभ)
यमघंट……प्रातः 7.51 से 9.22 तक(अशुभ)
गुलिक..पूर्वा.10.54 से12.26 (शुभे त्याज्य)
अभिजित…मध्या.12.01 से 12.50(अशुभ)
पंचक………………………….. आज नहीं है।
हवन मुहूर्त………………………….. आज है।
दिशाशूल………………………… उत्तर दिशा
दोष परिहार…… तिल का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल- सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न ……सिंह 29°44′ उत्तर फाल्गुनी 1 टे
सूर्य …… कन्या 0°11′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
चन्द्र …………….कर्क 3°17′ पुनर्वसु 4 ही
बुध ^ …. कन्या 3°18′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
शुक्र ……………… सिंह 2°45′ मघा 1 मा
मंगल …………….. तुला 2°16′ चित्रा 3 रा
बृहस्पति …….मिथुन 26°20′ पुनर्वसु 2 को
शनि * …… .मीन 4°42′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ….. .कुम्भ 23°38′ पूर्वभाद्रपद 2 सो
केतु * …. ..सिंह 23°38′ पूर्व फाल्गुनी 4 टू
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
लाभ……………. प्रातः 6.19 से 7.51 तक
अमृत…………… प्रातः 7.51 से 9.22 तक
शुभ…………. पूर्वा. 10.54 से 12.26 तक
चंचल…………. अपरा. 3.29 से 5.01 तक
लाभ……………. सायं. 5.01 से 6.32 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
शुभ……………. रात्रि. 8.01 से 9.29 तक
अमृत………….रात्रि. 9.29 से 10.57 तक
चंचल…..रात्रि. 10.57 से 12.46 AM तक
लाभ….रात्रि. 3.23 AM से 4.51 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये..
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर..
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
06.26 AM तक—–पुनर्वसु—-4——–ही
12.24 PM तक——–पुष्य—-1——–हू
06.25 PM तक——–पुष्य—-2——–हे
12.27 AM तक——–पुष्य—-3——-हो उपरांत रात्रि तक——–पुष्य—-4——-डा
राशि कर्क – पाया रजत्
आज का दिन
व्रत विशेष…….. इंदिरा एकादशी (सर्वेषाम्)
अन्य व्रत……………………………नहीं है।
पर्व विशेष……………..श्री विश्वकर्मा पूजन
दिन विशेष………………… चातुर्मास जारी
दिन विशेष……….महालय श्राद्ध पक्ष जारी
श्राद्ध विशेष………………. एकादशी श्राद्ध
दिन विशेष………. विश्व रोगी सुरक्षा दिवस
दिन विशेष……. श्री नरेंद्र मोदी जन्म दिवस
दिन विशेष………….हैदराबाद मुक्ति दिवस
पंचक………………………… आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)……………………आज नहीं है।
खगोलीय…वर्तमान सूर्य नक्षत्र(उ.फाल्गुनी)
नक्षत्र वाहन………………जंबूक.वर्षा (नेष्ट)
खगोलीय…………………….. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग………………… आज नहीं है।अमृ.सि.योग…………………. आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
दिनांक………………… 18.9.2025
तिथि………..आश्विन कृष्णा द्वादशी गुरुवार
व्रत विशेष……………………. आज नहीं है।
अन्य व्रत…………………………… . नहीं है।
पर्व विशेष……………………. आज नहीं है।
दिन विशेष…………………. चातुर्मास जारी
दिन विशेष………. महालय श्राद्ध पक्ष जारी
श्राद्ध विशेष… द्वादशी श्राद्ध(सन्यासी श्राद्ध)
दिन विशेष………… अंतर्राष्ट्रीय बांस दिवस
दिन विशेष…….. विश्व जल निगरानी दिवस
दिन विशेष………. विश्व समान वेतन दिवस
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…………………… आज नहीं है।खगोलीय….वर्तमान सूर्य नक्षत्र(उ.फाल्गुनी)
नक्षत्र वाहन………………जंबूक.वर्षा (नेष्ट)
खगोलीय…………………….. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है।अमृ.सि.योग…. .प्रातः 6.32 तक(गुरु-पुष्य)
सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
सनातन हिंदु धर्म में पीपल का धार्मिक महत्व
एक विश्लेषणात्मक जानकारी
पीपल को वृक्षों का राजा कहते है। इसकी वंदना में एक श्लोक देखिए:-
मूलम् ब्रह्मा, त्वचा विष्णु,
सखा शंकरमेवच ।
पत्रे-पत्रेका सर्वदेवानाम,
वृक्षराज नमोस्तुते ।।
हिदु धर्म में पीपल के पेड़ का बहुत महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस वृक्ष में सभी देवी-देवताओं और हमारे पितरों का वास भी माना गया है।
पीपल वस्तुत: भगवान विष्णु का जीवन्त और पूर्णत:मूर्तिमान स्वरूप ही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी कहा है की वृक्षों में मैं पीपल हूँ।
पुराणो में उल्लेखित है कि
मूलतः ब्रह्म रूपाय मध्यतो विष्णु रुपिणः।
अग्रतः शिव रुपाय अश्वत्त्थाय नमो नमः।।
अर्थात इसके मूल में भगवान ब्रह्म, मध्य में भगवान श्री विष्णु तथा अग्रभाग में भगवान शिव का वास होता है।
शास्त्रों के अनुसार पीपल की विधि पूर्वक पूजा-अर्चना करने से समस्त देवता स्वयं ही पूजित हो जाते हैं।
कहते है पीपल से बड़ा मित्र कोई भी नहीं है, जब आपके सभी रास्ते बंद हो जाएँ, आप चारो ओर से अपने को परेशानियों से घिरा हुआ समझे, आपकी परछांई भी आपका साथ ना दे, हर काम बिगड़ रहे हो तो
आप पीपल के शरण में चले जाएँ, उनकी पूजा अर्चना करे , उनसे मदद की याचना करें निसंदेह कुछ ही समय में आपके घोर से घोर कष्ट दूर जो जायेंगे।
धर्म शास्त्रों के अनुसार हर व्यक्ति को जीवन में पीपल का पेड़ अवश्य ही लगाना चाहिए । पीपल का पौधा लगाने वाले व्यक्ति को जीवन में किसी भी प्रकार संकट नहीं रहता है। पीपल का पौधा लगाने के बाद उसे रविवार को छोड़कर नियमित रूप से जल भी अवश्य ही अर्पित करना चाहिए। जैसे-जैसे यह वृक्ष बढ़ेगा आपके घर में सुख-समृद्धि भी बढ़ती जाएगी। पीपल का पेड़ लगाने के बाद बड़े होने तक इसका पूरा ध्यान भी अवश्य ही रखना चाहिए, लेकिन ध्यान रहे कि पीपल को आप अपने घर से दूर लगाएं, घर पर पीपल की छाया भी नहीं पड़नी चाहिए।
मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति पीपल के वृक्ष के नीचे शिवलिंग स्थापित करता है तो उसके जीवन से बड़ी से बड़ी परेशानियां भी दूर हो जाती है। पीपल के नीचे शिवलिंग स्थापित करके उसकी नित्य पूजा भी अवश्य ही करनी चाहिए। इस उपाय से जातक को सभी भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है।
सावन मास की अमवस्या की समाप्ति और सावन के सभी शनिवार को पीपल की विधि पूर्वक पूजा करके इसके नीचे भगवान हनुमान जी की पूजा अर्चना / आराधना करने से घोर से घोर संकट भी दूर हो जाते है।
यदि पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर रविवार को छोड़कर नित्य हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तो यह चमत्कारी फल प्रदान करने वाला उपाय है।
पीपल के नीचे बैठकर पीपल के 11 पत्ते तोड़ें और उन पर चन्दन से भगवान श्रीराम का नाम लिखें। फिर इन पत्तों की माला बनाकर उसे प्रभु हनुमानजी को अर्पित करें, सारे संकटो से रक्षा होगी।
पीपल के चमत्कारी उपाय
शास्त्रानुसार प्रत्येक पूर्णिमा पर प्रातः 10 बजे पीपल वृक्ष पर मां लक्ष्मी का फेरा लगता है। इसलिए जो व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत होना चाहते है वो इस समय पीपल के वृक्ष पर फल, फूल, मिष्ठान चढ़ाते हुए धूप अगरबती जलाकर मां लक्ष्मी की उपासना करें, और माता लक्ष्मी के किसी भी मंत्र की एक माला भी जपे । इससे जातक को अपने किये गए कार्यों के सर्वश्रेष्ठ फल मिलते है और वह धीरे धीरे आर्थिक रूप से सक्षम हो जाता है ।
पीपल को विष्णु भगवान से वरदान प्राप्त है कि जो व्यक्ति शनिवार को पीपल की पूजा करेगा, उस पर लक्ष्मी की अपार कृपा रहेगी और उसके घर का ऐश्वर्य कभी नष्ट नहीं होगा।
व्यापार में वृद्धि हेतु प्रत्येक शनिवार को एक पीपल का पत्ता लेकर उस पर चन्दन से स्वस्तिक बना कर उसे अपने व्यापारिक स्थल की अपनी गद्दी / बैठने के स्थान के नीचे रखे । इसे हर शनिवार को बदल कर अलग रखते रहे । ऐसा 7 शनिवार तक लगातार करें फिर 8वें शनिवार को इन सभी पत्तों को किसी सुनसान जगह पर डाल दें और मन ही मन अपनी आर्थिक समृद्धि के लिए प्रार्थना करते रहे, शीघ्र पीपल की कृपा से आपके व्यापार में बरकत होनी शुरू हो जाएगी ।
जो मनुष्य पीपल के वृक्ष को देखकर प्रणाम करता है, उसकी आयु बढ़ती है
जो इसके नीचे बैठकर धर्म-कर्म करता है, उसका कार्य पूर्ण हो जाता है।
पीपल के वृक्ष को काटना
जो मूर्ख मनुष्य पीपल के वृक्ष को काटता है, उसे इससे होने वाले पाप से छूटने का कोई उपाय नहीं है। (पद्म पुराण, खंड 7 अ 12)
हर रविवार पीपल के नीचे देवताओं का वास न होकर दरिद्रा का वास होता है। अत: इस दिन पीपल की पूजा वर्जित मानी जाती है
यदि पीपल के वृक्ष को काटना बहुत जरूरी हो तो उसे रविवार को ही काटा जा सकता है।
शनि दोष में पीपल
शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के बुरे प्रभावों को दूर कर,शुभ प्रभावों को प्राप्त करने के लिए हर जातक को प्रति शनिवार को पीपल की पूजा करना श्रेष्ठ उपाय है।
यदि रोज (रविवार को छोड़कर) पीपल पर पश्चिममुखी होकर जल चढ़ाया जाए तो शनि दोष की शांति होती है l
शनिवार की सुबह गुड़, मिश्रित जल चढ़ाकर, धूप अगरबत्ती जलाकर उसकी सात परिक्रमा करनी चाहिए, एवं संध्या के समय पीपल के वृक्ष के नीचे कड़वे तेल का दीपक भी अवश्य ही जलाना चाहिए। इस नियम का पालन करने से पीपल की अदृश्य शक्तियां उस जातक की सदैव मदद करती है।
ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है।
हर शनिवार को पीपल की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।
ग्रहों के दोषों में पीपल
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ज्योतिष शास्त्र में पीपल से जुड़े हुए कई आसान किन्तु अचूक उपाय बताए गए हैं, जो हमारे समस्त ग्रहों के दोषों को दूर करते हैं। जो किसी भी राशि के लोग आसानी से कर सकते हैं। इन उपायों को करने के लिए हमको अपनी किसी ज्योतिष से कुंडली का अध्ययन करवाने की भी आवश्यकता नहीं है।
पीपल का पेड़ रोपने और उसकी सेवा करने से पितृ दोष में कमी होती है । शास्त्रों के अनुसार पीपल के पेड़ की सेवा मात्र से ही न केवल पितृ दोष वरन जीवन के सभी परेशानियाँ स्वत: कम होती जाती है
पीपल में प्रतिदिन (रविवार को छोड़कर) जल अर्पित करने से कुंडली के समस्त अशुभ ग्रह योगों का प्रभाव समाप्त हो जाता है। पीपल की परिक्रमा से कालसर्प जैसे ग्रह योग के बुरे प्रभावों से भी छुटकारा मिल जाता है। (पद्म पुराण)
असाध्य रोगो में पीपल
पीपल की सेवा से असाध्य से असाध्य रोगो में भी चमत्कारी लाभ होता देखा गया है ।
यदि कोई व्यक्ति किसी भी रोग से ग्रसित है
वह नित्य पीपल की सेवा करके अपने बाएं हाथ से उसकी जड़ छूकर उनसे अपने रोगो को दूर करने की प्रार्थना करें तो जातक के रोग शीघ्र ही दूर होते है। उस पर दवाइयों का जल्दी / तेज असर होता है ।
यदि किसी बीमार व्यक्ति का रोग ठीक ना हो रहा हो तो उसके तकिये के नीचे पीपल की जड़ रखने से बीमारी जल्दी ठीक होती है ।
निसंतान दंपती संतान प्राप्ति हेतु पीपल के एक पत्ते को प्रतिदिन सुबह लगभग एक घंटे पानी में रखे, बाद में उस पत्ते को पानी से निकालकर किसी पेड़ के नीचे रख दें और पति पत्नी उस जल का सेवन करें तो शीघ्र संतान प्राप्त होती है ऐसा लगभग 2-3 माह तक लगातार करना चाहिये।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज के दिन शारीरिक व्यायाम और वज़न घटाने की कोशिशें आपके रूप-रंग को निखारने में फ़ायदेमंद साबित होंगी। आज आपको अपना धन खर्च करने की जरुरत नहीं पड़ेगी क्योंकि घर का कोई बड़ा आज आपको धन दे सकता है। परिवार वालों का हँसी-मज़ाक भरा बर्ताव घर के वातावरण को हल्का-फुल्का और ख़ुशनुमा बना देगा। अपने प्रिय की पुरानी बातों को माफ़ करके आप अपनी ज़िंदगी में सुधार ला सकते हैं। साझीदार से संवाद क़ायम करना बहुत कठिन सिद्ध होगा। सामाजिक और धार्मिक समारोह के लिए बेहतरीन दिन है। आपको ख़ुश करने के लिए आपका जीवनसाथी काफ़ी कोशिशें कर सकता है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आपका दानशीलता का व्यवहार आपके लिए छुपे हुए आशीर्वाद की तरह सिद्ध होगा, क्योंकि यह आपको शक, अनास्था, लालच और आसक्ति जैसी बुराइयों से बचाएगा। ख़र्चों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी आपके मन की शांति को भंग करेगी। सबको अपनी महफ़िल में दावत दें। क्योंकि आपके पास आज अतिरिक्त ऊर्जा है, जो आपको किसी पार्टी या कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए प्रेरित करेगी। अगर आप हुक़्म चलाने की कोशिश करेंगे, तो आपके और आपके प्रिय के बीच काफ़ी परेशानी खड़ी हो सकती है। आज के दिन आप कार्यक्षेत्र में कुछ बढ़िया कर सकते हैं। अपने समय की कीमत समझें, उन लोगों के बीच रहना जिनकी बातें आपके समझ में नहीं आती हैं गलत है। ऐसा करना भविष्य में आपको परेशानियों के अलावा कुछ नहीं देगा। जीवनसाथी से बिना पूछे योजना बनाएंगे, तो उनकी ओर से नकारात्मक प्रतिक्रिया मिल सकती है।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज एक आध्यात्मिक व्यक्ति आशीर्वाद की वर्षा करेगा और मन की शांति लेकर आएगा। जो लोग लघु उद्योग करते हैं उन्हें आज के दिन अपने किसी करीबी की कोई सलाह मिल सकती है जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होने की संभावना है। आपके बच्चे के पुरुस्कार वितरण समारोह का बुलावा आपके लिए ख़ुशनुमा एहसास रहेगा। वह आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और आप उसके ज़रिए अपने सपने साकार होते हुए देखेंगे। साझीदारी और व्यापार में हिस्सेदारी वग़ैरह से दूर रहें। इस राशि वालों को आज खुद के लिए काफी समय मिलेगा। इस समय का उपयोग आप अपने शौकों को पूरा करने में कर सकते हैं। आप कोई किताब पढ़ सकते हैं या अपना पसंदीदा म्यूजिक सुन सकते हैं। यह दिन आपके जीवनसाथी का बेहतरीन पहलू आपको दिखाने वाला है।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज ख़ुद को परिष्कृत करने की कोशिश कई तरीक़ों से अपना असर दिखाएगी- आप ख़ुद को बेहतर और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करेंगे। अगर आप आय में वृद्धि के स्रोत खोज रहे हैं, तो सुरक्षित आर्थिक परियोजनाओं में निवेश करें। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। आज आपकी कड़ी मेहनत कार्यक्षेत्र में ज़रूर रंग दिखाएगी। जीवन की पेचीदिगियों को समझने के लिए आज घर के किसी वरिष्ठ शख्स के साथ आप वक्त गुजार सकते हैं।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपको खेल-कूद में हिस्सा लेने की ज़रूरत है, क्योंकि चिर यौवन का रहस्य यही है। आज आप अपना धन धार्मिक कार्यों में लगा सकते हैं जिससे आपको मानसिक शांति मिलने की पूरी संभावना है। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। व्यवसायियों के लिए अच्छा दिन है, क्योंकि उन्हें अचानक बड़ा फ़ायदा हो सकता है। जब आपको लगता है कि आपके पास घर वालों या अपने दोस्तों के लिए टाइम नहीं है तो आपका मन खराब हो जाता है। आज भी आपकी मन स्थिति ऐसी ही रह सकती है। यह दिन आपके सामान्य वैवाहिक जीवन से कुछ हटकर होने वाला है। आपको अपने जीवनसाथी की ओर से कुछ ख़ास देखने को मिल सकता है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आँखों के मरीज़ प्रदूषित जगहों पर जाने से बचें, क्योंकि धूँआ आपकी आँखों को और नुक़सान पहुँचा सकता है। अगर संभव हो तो सूरज की तेज़ रोशनी से भी बचे। आप घूमने-फिरने और पैसे ख़र्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। शाम के समय अपने जीवनसाथी के साथ बाहर खाना या फ़िल्म देखना आपको सुकून देगा और ख़ुशमिज़ाज बनाए रखेगा। किसी साझीदारी वाले व्यवसाय में जाने से बचें – क्योंकि संभव है कि भागीदार आपका बेजा फ़ायदा उठाने की कोशिश करें। बिना किसी को अवगत कराए ही आज आपके घर में किसी दूर के रिश्तेदार की एंट्री हो सकती है जिसके कारण आपका समय खराब हो सकता है। वैवाहिक जीवन को अधिक सुखमय बनाने के आपके प्रयास उम्मीद से ज़्यादा रंग लाएंगे।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आपकी इच्छा-शक्ति को प्रोत्साहन मिलेगा, क्योंकि आप बहुत पेचीदा हालात से निकलने में क़ामयाब रहेंगे। भावुक फ़ैसला लेते वक़्त अपनी तार्किकता न छोड़ें। तंग आर्थिक हालात के चलते कोई अहम काम बीच में अटक सकता है। पारिवारिक मोर्चे पर चीज़ें अच्छी रहेंगी और अपनी योजनाओं के लिए आप पूरे सहयोग की उम्मीद कर सकते हैं। आज आप हर तरफ़ प्यार-ही-प्यार फैलाएंगे। किसी साझीदारी वाले व्यवसाय में जाने से बचें – क्योंकि संभव है कि भागीदार आपका बेजा फ़ायदा उठाने की कोशिश करें। जीवन की पेचीदिगियों को समझने के लिए आज घर के किसी वरिष्ठ शख्स के साथ आप वक्त गुजार सकते हैं। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी ही आपका सब कुछ है।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आप ध्यान रखें कि संपन्नता दिमाग़ को ज़ंग लगा देती है और कठिनाई उसे पैना करती है। जीवन की गाड़ी को अच्छे से चलाना चाहते हैं तो आज आपको पैसे की आवाजाही पर विशेष ध्यान देना होगा। पुराने परिचितों से मिलने-जुलने और पुराने रिश्तों को फिर से तरोताज़ा करने के लिए अच्छा दिन है। सहकर्मियों के साथ काम करते वक़्त युक्ति और चतुरता की ज़रूरत होगी। आज के दिन घटनाएँ अच्छी तो होंगी, लेकिन तनाव भी देंगी – जिसके चलते आप थकान और दुविधा महसूस करेंगे। आँखें दिल की बातें बयान कर देती हैं। यह दिन अपने जीवनसाथी के साथ इसी भाषा में बात करने के लिए है।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर ऊँचा रहेगा। आज आप अच्छा पैसा कमाएंगे- लेकिन ख़र्च में वृद्धि आपके लिए बचत को और ज़्यादा मुश्किल बना देगा। बढ़िया दिन है जब आप सबके ध्यान को अपनी तरफ़ खींचेंगे- आपके सामने चुनने के लिए कई चीज़ें होंगी और आपके सामने समस्या यह होगी कि किसे पहले चुना जाए। प्यार की ताक़त आपको प्यार करने की वजह देती है। योग्य कर्मियों को पदोन्नति या आर्थिक मुनाफ़ा हो सकता है। आज आप अपना खाली समय अपनी माता की सेवा में बिताना चाहेंगे लेकिन ऐन मौके पर किसी काम के आ जाने की वजह से ऐसा नहीं हो पाएगा। इससे आपको परेशानी होगी। अगर आप अपने जीवनसाथी से स्नेह की आशा रखते हैं, तो यह दिन आपकी आशाओं को पूरा कर सकता है।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज मौज-मस्ती की यात्राएं और सामाजिक मेलजोल आपको ख़ुश रखेंगे और सुकून देंगे। समय और धन की कद्र आपको करनी चाहिए नहीं तो आने वाला वक्त परेशानियों भरा रह सकता है। आपका जीवनसाथी आपकी सहायता करेगा और मददगार साबित होगा। एक ऐसा वक़्त जब नौकरियों या व्यापार के नए प्रस्ताव आएंगे, आपके दिन को ख़ुशनुमा बना देगा। यात्रा और शिक्षा से जुड़े काम आपकी जागरुकता में वृद्धि करेंगे। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से यह दिन शानदार रहेगा।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज के दिन मानसिक दबाव के बावजूद आपकी सेहत अच्छी रहेगी। जो लोग अपने करीबियों या रिश्तेदारों के साथ मिलकर बिजनेस कर रहे हैं उन्हें आज बहुत सोच समझकर कदम रखने की जरुरत है नहीं तो आर्थिक नुक्सान हो सकता है। अपने परिवार को पर्याप्त समय दें। उन्हें महसूस होने दें कि आप उनका ख़याल रखते हैं। उनके साथ अच्छा वक़्त बिताएँ और शिकायत करने का मौक़ा न दें। आज अनुभवी लोगों से जुड़कर जानने की कोशिश करें कि उनका क्या कहना है। आपके द्वारा आज खाली समय में ऐसे काम किये जाएंगे जिनके बारे में आप अक्सर सोचा करते हैं लेकिन उन कामों को कर पाने में समर्थ नहीं हो पाते। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज आपके दोस्त आपका परिचय किसी ख़ास इंसान से कराएंगे, जो आपकी सोच पर गहरा प्रभाव डालेगा। आप अच्छा पैसा बना सकते हैं, बशर्ते आप पारंपरिक तौर पर निवेश करें। पारिवारिक सदस्य या जीवन-साथी तनाव की वजह बन सकते हैं। कई लोगों के लिए आज की शाम ख़ूबसूरत तोहफ़ों और फूलों से भरपूर रहेगी। यदि आप नई जानकारी और क्षमताएँ विकसित करने की थोड़ी ज़्यादा कोशिश करेंगे, तो आपको बहुत लाभ होगा। आज आपके करीबी लोग आपके करीब आने की कोशिश करेंगे लेकिन अपने मन को शांत बनाए रखने के लिए आप एकांत में समय बिताना पसंद करेंगे। अपने जीवनसाथी के साथ आप प्यार से भरे पुराने दिन एक बार फिर जी पाएंगे।
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