श्रीडूंगरगढ़ टुडे 18 सितंबर 2025
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग-18.09.2025🕉️
✴️दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ गुरुवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
ऋषियों की संख्या सात ही क्यों है..? प्रस्तुत है
प्रामाणिक जानकारी इस विषय में…
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक……………….. .18.09.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर…………………………. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………….उत्तर
ऋतु……………………………………. .शरद्
मास…………………………………. आश्विन
पक्ष…………………………………….. कृष्ण
तिथि….द्वादशी. रात्रि. 11.25 तक/ त्रयोदशी
वार………………………………….. .गुरुवार
नक्षत्र…….. पुष्य. प्रातः 6.32 तक / अश्लेषा
चंद्रराशि………………कर्क. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग…………. शिव. रात्रि. 9.36 तक / सिद्ध करण……………..कौलव. पूर्वा. 11.28 तक
करण………. तैत्तिल. रात्रि.11.25 तक / गर
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय………………… . प्रातः 6.19.36 पर
सूर्यास्त…………………. .सायं. 6.31.02 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 12.11.25
रात्रिमान………………………… .11.48.57
चंद्रास्त………………….. 4.36.32 PM पर
चंद्रोदय………………….. 3.49.51 AM पर
राहुकाल.. अपरा.1.57 से 3.28 तक(अशुभ)
यमघंट….. प्रातः 6.20 से 7.51 तक(अशुभ)
गुलिक…प्रातः 9.22 से 10.54 (शुभे त्याज्य)
अभिजित….. मध्या.12.01 से 12.50(शुभ)
पंचक…………………………. . .आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………… आज नहीं है।
दिशाशूल………………………. . दक्षिण दिशा
दोष परिहार…… दही का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल– सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न …. कन्या 0°51′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
सूर्य ….. कन्या 1°10′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
चन्द्र ……………..कर्क 16°34′ पुष्य 4 ड
बुध ^ …..कन्या 5°7′ उत्तर फाल्गुनी 3 पा
शुक्र ………………सिंह 3°58′ मघा 2 मी
मंगल …………….तुला 2°56′ चित्रा 3 रा
बृहस्पति ….मिथुन 26°29′ पुनर्वसु 2 को
शनि * ….. मीन 4°38′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ….कुम्भ 23°35′ पूर्वभाद्रपद 2 सो
केतु * ….सिंह 23°35′ पूर्व फाल्गुनी 4 टू
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
शुभ……………..प्रातः 6.20 से 7.51 तक
चंचल………..पूर्वा. 10.54 से 12.25 तक
लाभ…………अपरा. 12.25 से 1.57 तक
अमृत………….अपरा. 1.57 से 3.28 तक
शुभ……………..सायं. 4.59 से 6.31 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
अमृत……..सायं-रात्रि. 6.31 से 7.59 तक
चंचल……………रात्रि. 7.59 से 9.28 तक
लाभ..रात्रि.12.26 AM से 1.54 AM तक
शुभ….रात्रि. 3.23 AM से 4.51 AM तक
अमृत..रात्रि. 4.51 AM से 6.20 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये..
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण अनुसार राशिगत् नामाक्षर..
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
06.32 AM तक——पुष्य—-4———डा
12.37 PM तक—अश्लेषा—-1——–डी
06.45 PM तक—अश्लेषा—-2———डू
12.54 AM तक—अश्लेषा—-3———डे उपरांत रात्रि तक—अश्लेषा—-4——–डो
राशि कर्क – पाया रजत्
आज का दिन
व्रत विशेष……………………. आज नहीं है।
अन्य व्रत……………………………नहीं है।
पर्व विशेष……………………. आज नहीं है।
दिन विशेष…………………. चातुर्मास जारी
दिन विशेष………. महालय श्राद्ध पक्ष जारी
श्राद्ध विशेष… द्वादशी श्राद्ध(सन्यासी श्राद्ध)
दिन विशेष………… अंतर्राष्ट्रीय बांस दिवस
दिन विशेष…….. विश्व जल निगरानी दिवस
दिन विशेष………. विश्व समान वेतन दिवस
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)…………………… आज नहीं है।
खगोलीय…. वर्तमान सूर्य नक्षत्र(उ.फाल्गुनी)
नक्षत्र वाहन……………. ..जंबूक.वर्षा (नेष्ट)
खगोलीय…………………….. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है।अमृ.सि.योग….. प्रातः 6.32 तक(गुरु-पुष्य)
सिद्ध रवियोग………………… आज नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
आज दिनांक………………… 19.9.2025
तिथि……..आश्विन कृष्णा त्रयोदशी शुक्रवार
व्रत विशेष……………………………. प्रदोष
अन्य व्रत……………………. मास शिवरात्रि
पर्व विशेष……………. श्री राम शर्मा जयंती
दिन विशेष…………………. चातुर्मास जारी
दिन विशेष………. महालय श्राद्ध पक्ष जारी
श्राद्ध विशेष…… ……..……. त्रयोदशी श्राद्ध
दिन विशेष…………………………. नहीं है।
पंचक…………………………. आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)….. रात्रि. 11.37 से रात्रि. पर्यंत
खगोलीय…. वर्तमान सूर्य नक्षत्र(उ.फाल्गुनी)
नक्षत्र वाहन……………… जंबूक.वर्षा (नेष्ट)
खगोलीय…………………….. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है। अमृ.सि.योग…………………. आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग…………….. … . आज नहीं है।
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
ऋषियों की संख्या सात ही क्यों है..? प्रस्तुत है
प्रामाणिक जानकारी इस विषय में…
हर काल में अलग-अलग सप्तर्षि रहे है। जानै कौन किस काल के है।
आकाश में 7 तारों का एक मंडल नजर आता है। उन्हें सप्तर्षियों का मंडल कहा जाता है। इसके अतिरिक्त सप्तर्षि से उन 7 तारों का बोध होता है, जो ध्रुव तारे की परिक्रमा करते हैं। उक्त मंडल के तारों के नाम भारत के महान 7 संतों के आधार पर ही रखे गए हैं। वेदों में उक्त मंडल की स्थिति, गति, दूरी और विस्तार की विस्तृत चर्चा मिलती है।
ऋषियों की संख्या सात ही क्यों?
।।सप्त ब्रह्मर्षि, देवर्षि, महर्षि, परमर्षय :
कण्डर्षिश्च, श्रुतर्षिश्च, राजर्षिश्च क्रमावश।।
अर्थात:
- ब्रह्मर्षि,
- देवर्षि,
- महर्षि,
- परमर्षि,
- काण्डर्षि,
- श्रुतर्षि और
- राजर्षि
ये 7 प्रकार के ऋषि होते हैं इसलिए इन्हें सप्तर्षि कहते हैं।
भारतीय ऋषियों और मुनियों ने ही इस धरती पर धर्म, समाज, नगर, ज्ञान, विज्ञान, खगोल, ज्योतिष, वास्तु, योग आदि ज्ञान का प्रचार-प्रसार किया था। दुनिया के सभी धर्म और विज्ञान के हर क्षेत्र को भारतीय ऋषियों का ऋणी होना चाहिए। उनके योगदान को याद किया जाना चाहिए। उन्होंने मानव मात्र के लिए ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षी, समुद्र, नदी, पहाड़ और वृक्षों सभी के बारे में सोचा और सभी के सुरक्षित जीवन के लिए कार्य किया। आओ, संक्षिप्त में जानते हैं कि किस काल में कौन से ऋषि थे।
भारत में ऋषियों और गुरु-शिष्य की लंबी परंपरा रही है। ब्रह्मा के पुत्र भी ऋषि थे तो भगवान शिव के शिष्यगण भी ऋषि ही थे। प्रथम मनु स्वायंभुव मनु से लेकर बौद्धकाल तक ऋषि परंपरा के बारे में जानकारी मिलती है। हिन्दू पुराणों ने काल को मन्वंतरों में विभाजित कर प्रत्येक मन्वंतर में हुए ऋषियों के ज्ञान और उनके योगदान को परिभाषित किया है। प्रत्येक मन्वंतर में प्रमुख रूप से 7 प्रमुख ऋषि हुए हैं। विष्णु पुराण के अनुसार इनकी नामावली इस प्रकार है-
1- प्रथम स्वायंभुव मन्वंतर में- मरीचि, अत्रि, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु और वशिष्ठ।
2- द्वितीय स्वारोचिष मन्वंतर में- ऊर्ज्ज, स्तम्भ, वात, प्राण, पृषभ, निरय और परीवान।
3- तृतीय उत्तम मन्वंतर में- महर्षि वशिष्ठ के सातों पुत्र।
4- चतुर्थ तामस मन्वंतर में- ज्योतिर्धामा, पृथु, काव्य, चैत्र, अग्नि, वनक और पीवर।
5- पंचम रैवत मन्वंतर में- हिरण्यरोमा, वेदश्री, ऊर्ध्वबाहु, वेदबाहु, सुधामा, पर्जन्य और महामुनि।
6- षष्ठ चाक्षुष मन्वंतर में– सुमेधा, विरजा, हविष्मान, उतम, मधु, अतिनामा और सहिष्णु।
7- वर्तमान सप्तम वैवस्वत मन्वंतर में- कश्यप, अत्रि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और भारद्वाज।
भविष्य में –
1- अष्टम सावर्णिक मन्वंतर में- गालव, दीप्तिमान, परशुराम, अश्वत्थामा, कृप, ऋष्यश्रृंग और व्यास।
2- नवम दक्षसावर्णि मन्वंतर में- मेधातिथि, वसु, सत्य, ज्योतिष्मान, द्युतिमान, सबन और भव्य।
3- दशम ब्रह्मसावर्णि मन्वंतर में- तपोमूर्ति, हविष्मान, सुकृत, सत्य, नाभाग, अप्रतिमौजा और सत्यकेतु।
4- एकादश धर्मसावर्णि मन्वंतर में- वपुष्मान्, घृणि, आरुणि, नि:स्वर, हविष्मान्, अनघ और अग्नितेजा।
5- द्वादश रुद्रसावर्णि मन्वंतर में- तपोद्युति, तपस्वी, सुतपा, तपोमूर्ति, तपोनिधि, तपोरति और तपोधृति।
6-त्रयोदश देवसावर्णि मन्वंतर में- धृतिमान, अव्यय, तत्वदर्शी, निरुत्सुक, निर्मोह, सुतपा और निष्प्रकम्प।
7-चतुर्दश इन्द्रसावर्णि मन्वंतर में- अग्नीध्र, अग्नि, बाहु, शुचि, युक्त, मागध, शुक्र और अजित।
इन ऋषियों में से कुछ कल्पान्त-चिरजीवी, मुक्तात्मा और दिव्यदेहधारी हैं।
शतपथ ब्राह्मण के अनुसार
〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️
1- गौतम,
2-भारद्वाज,
3- विश्वामित्र,
4- जमदग्नि,
5-वसिष्ठ,
6-कश्यप और
7- अत्रि।
महाभारत के अनुसार
1-मरीचि,
2- अत्रि,
3-अंगिरा,
4-पुलह,
5-क्रतु,
6-पुलस्त्य और
7-वसिष्ठ सप्तर्षि माने गए हैं।
महाभारत में राजधर्म और धर्म के प्राचीन आचार्यों के नाम इस प्रकार हैं– बृहस्पति, विशालाक्ष (शिव), शुक्र, सहस्राक्ष, महेन्द्र, प्राचेतस मनु, भरद्वाज और गौरशिरस मुनि।
कौटिल्य के अर्थशास्त्र में इनकी सूची इस प्रकार है- मनु, बृहस्पति, उशनस (शुक्र), भरद्वाज, विशालाक्ष (शिव), पराशर, पिशुन, कौणपदंत, वातव्याधि और बहुदंती पुत्र।
वैवस्वत मन्वंतर में वशिष्ठ ऋषि हुए। उस मन्वंतर में उन्हें ब्रह्मर्षि की उपाधि मिली। वशिष्ठजी ने गृहस्थाश्रम की पालना करते हुए ब्रह्माजी के मार्गदर्शन में उन्होंने सृष्टि वर्धन, रक्षा, यज्ञ आदि से संसार को दिशाबोध दिया।।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रगति होना निश्चित है। आज आपको किसी अज्ञात स्रोत से पैसा प्राप्त हो सकता है जिससे आपकी कई आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। वैवाहिक बंधन में बंधने के लिए अच्छा समय है। जिसे आप चाहते हैं, उसके साथ आपका तल्ख़ रवैया आपके रिश्ते में दूरी बढ़ा सकता है। अपने काम में तेज़ी लाने के लिए आप तकनीक से जुड़ी चीज़ों में निवेश कर सकते हैं। जल्दबाज़ी में फ़ैसले न करें, ताकि ज़िन्दगी में आगे आपको पछताना न पड़े। ज़्यादा ख़र्चे की वजह से जीवनसाथी से खट-पट हो सकती है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज अपने दफ़्तर से जल्दी निकलने की कोशिश करें और वे काम करें जिन्हें आप वाक़ई पसंद करते हैं। आज आप अपने घर के वरिष्ठ जनों से पैसे की बचत करने को लेकर कोई सलाह ले सकते हैं और उस सलाह को जिंदगी में जगह भी दे सकते हैं. बच्चे भले ही आपका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करना चाहते हों, लेकिन साथ ही ख़ुशियों की वजह भी साबित होते हैं। आपका प्यार न सिर्फ़ परवान चढ़ेगा, बल्कि नई ऊँचाइयों को भी छूएगा। दिन की शुरुआत प्रिय की मुस्कान से होगी और रात उसके सपनों में ढलेगी। कामकाज के मोर्चे पर आपको सबसे स्नेह और सहयोग प्राप्त होगा। जरुरी कामों को समय न देना और फिजूल के कामों पर वक्त जाया करना आज आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अपने जीवनसाथी के साथ आप आज एक शानदार शाम गुज़ार सकते हैं।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज आपको लंबे समय से महसूस हो रही थकान और तनाव से आराम मिलेगा। इन परेशानियों से स्थायी निजात पाने के लिए जीवन-शैली में बदलाव लाने का सही समय है। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। घरेलू मोर्चे पर समस्या खड़ी हो सकती है, इसलिए तोल-मोल कर ही बोलें। आपके जीवन में प्रेम की बहार आ सकती है; आपको ज़रूरत है तो बस अपने आँख-कान खुले रखने की। साझीदारी के लिए अच्छे मौक़े हैं, लेकिन भली-भांति सोचकर ही क़दम बढ़ाएँ। आज टीवी या मोबाइल पर कोई मूवी देखने में आप इतना व्यस्त हो सकते हैं कि आप जरुरी कामों को करना भी भूल जाएंगे। आज आपको ऐसा अनुभव होगा कि आपके जीवनसाथी के द्वारा आपको नीचा दिखाया जा रहा है। जहां तक सम्भव हो इसे नजरअंदाज करें।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आप बेकार के ख़यालों में अपनी ऊर्जा बर्बाद न करें, बल्कि इसे सही दिशा में लगाएँ। आपके पास आज पैसा भी पर्याप्त मात्रा में होगा और इसके साथ ही मन में शांति भी होगी। परिवार के लिए किसी अच्छे और ऊँचे लक्ष्य को हासिल करने के नज़रिए से समझ-बूझकर थोड़ा ख़तरा उठाया जा सकता है। चूके मौक़ों की वजह से डरें नहीं। अपनी बातों को सही साबित करने के लिए आज के दिन आप अपने संगी से झगड़ सकते हैं। हालांकि आपका साथी समझदारी दिखाते हुए आपको शांत कर देगा। आपको कुछ सबसे बढ़िया अवसर नये लोगों के माध्यम से मिलेंगे। अपने ज़बरदस्त आत्मविश्वास का फ़ायदा उठाएँ, बाहर निकलें और कुछ नए सम्पर्क व दोस्त बनाएँ। जीवन की सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में आपको अपने जीवनसाथी से पूरा सहयोग मिलेगा।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज ख़ुद को परिष्कृत करने की कोशिश कई तरीक़ों से अपना असर दिखाएगी- आप ख़ुद को बेहतर और आत्मविश्वास से भरा हुआ महसूस करेंगे। आज अगर आप दूसरों की बात मानकर निवेश करेंगे, तो आर्थिक नुक़सान तक़रीबन पक्का है। आज आपका ऊर्जा से भरपूर, ज़िंदादिल और गर्मजोशी से भरा व्यवहार आपके आस-पास के लोगों को ख़ुश कर देगा। अगर अपने प्रेमी को अपना जीवनसाथी बनाना चाहते हैं तो उनसे आज बात कर सकते हैं। हालांकि बात करने से पहले आपको उनके मनोभावों को जान लेना चाहिए। आपके लिए आज बहुत सक्रिय और लोगों से मेल-जोल भरा दिन रहेगा। लोग आपसे आपकी राय मांगेंगे और जो भी आप कहेंगे, उसे बिना सोचे मान लेंगे। अगर आप अपनी चीज़ों का ध्यान नहीं रखेंगे, तो उनके खोने या चोरी होने की संभावना है। आपको ख़ुशी से भरी शादीशुदा ज़िन्दगी की एहमियत का एहसास होगा।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। अपने धन का संचय कैसे करना है यह हुनर आज आप सीख सकते हैं और इस हुनर को सीख कर आप अपना धन बचा सकते हैं। दोपहर के बाद किसी पुराने दोस्त से मुलाक़ात दिन को ख़ूबसूरत बना देगी। आप अपने सुनहरे दिनों को याद करके पुरानी यादों में डूब जाएंगे। आप इस दिन को अपनी ज़िन्दगी में कभी नहीं भूलेंगे, अगर आप प्यार में डूबने के मौक़े को आज यूँ ही न गवाएँ तो। व्यापारियों के लिए अच्छा दिन है। व्यवसाय के लिए अचानक की गयी कोई यात्रा सकारात्मक परिणाम देगी। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। लंबे वक़्त के बाद आप अपने जीवनसाथी के साथ नज़दीकी महसूस कर पाएंगे।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आप उम्मीदों की दुनिया में रहेंगे । जिन लोगों ने अपना पैसा सट्टेबाजी में लगा रखा था आज उन्हें नुक्सान होने की संभावना है। सट्टेबाजी से दूर रहने की आपको सलाह दी जाती है। दफ़्तर के कामकाज में ज़्यादा व्यस्तता के चलते अपने जीवनसाथी के साथ आपका रिश्ता तनावपूर्ण हो सकता है। आज आपकी कलात्मक और रचनात्मक क्षमता को काफ़ी सराहना मिलेगी और इसके चलते अचानक लाभ मिलने की संभावना भी है। लोगों के साथ बात करने में आज आप अपना बहुमूल्य समय बर्बाद कर सकते हैं। आपको ऐसा करने से बचना चाहिए। यह दिन आपके जीवन में वसंत-काल की तरह है – रोमानी व प्यार से भरा; जहाँ सिर्फ़ आप और आपका जीवनसाथी साथ हों।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज दोस्त से मिली ख़ास तारीफ़ ख़ुशी का ज़रिया बनेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने अपनी ज़िंदगी को पेड़ की तरह बना लिया है, जो ख़ुद तपती धूप में खड़ा होकर और उसे सहकर भी राहगीरों को छांव देता है। आपको मेरी सलाह है कि शराब सिगरेट जैसी चीजों पर पैसा खर्च न करें, ऐसा करना आपके स्वास्थ्य को तो खराब करता ही है आपकी आर्थिक स्थिति भी इससे बिगड़ती है। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में वृद्धि करेगा। विवाहेतर प्रेम संबंध आपकी प्रतिष्ठा धूमिल कर सकते हैं। आपके बॉस किसी भी बहाने में दिलचस्पी नहीं ज़ाहिर करेंगे- इसलिए निगाहों में बने रहने के लिए अपना काम अच्छी तरह से करें। वक्त की नजाकत को समझते हुए आज आप सब लोगों से दूरी बनाकर एकांत में वक्त बिताना पसंद करेंगे। ऐसा करना आपके लिए हितकर भी होगा। रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी न होने से आपके वैवाहिक जीवन में तनाव संभव है। खाना, साफ़-सफ़ाई या कोई और घरेलू चीज़ इसका कारण हो सकती है।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज के दिन शाम का वक़्त अपने जीवनसाथी के साथ किसी फ़िल्म, थिएटर या रेस्टोरेंट में बिताना आपको सुकून देगा और आपका मन तरोताज़ा रखेगा। पैसा अचानक आपके पास अएगा, जो आपके ख़र्चों और बिल आदि को सम्हाल लेगा। काम का तनाव आपके दिमाग़ पर छा सकता है जिसकी वजह से परिवार और मित्रों के लिए वक़्त नहीं निकाल सकेंगे। आज आराम के लिए बहुत कम समय है- क्योंकि पहले के टाले हुए काम आपको व्यस्त रखेंगे। कारोबारी आज करोबार से ज्यादा अपने परिवार के लोगों के बीच समय बिताना पसंद करेंगे। इससे आपके परिवार में सामंजस्य बनेगा। जीवन साथी से पूर्णरूपेण सहयोग न मिलने के कारण आप निराश हो सकते हैं।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आप धैर्य बनाए रखें, क्योंकि आपकी समझदारी और प्रयास आपको सफलता ज़रूर दिलाएंगे। आज के दिन आपको आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता। मुमकिन है कि आप ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करें या आपका बटुआ खो भी सकता है- ऐसे मामलों में सावधानी की कमी आपको नुक़सान पहुँचा सकती है। बच्चों का स्कूल से जुड़ा काम पूरा करने के लिए मदद देने का वक़्त है। आपके लिए अपने प्रिय से दूर रहना बहुत मुश्किल होगा। अपनी पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाकर आप करिअर में नए दरवाज़े खोल सकते हैं। अपने क्षेत्रे में आपको अपार सफलता मिलने की संभावना भी है। अपनी सभी क्षमताओं को निखारकर औरों से बेहतर बनने की कोशिश करें। घर के छोटे सदस्यों को साथ लेकर आज आप किसी पार्क या शॉपिंग मॉल में जा सकते हैं। अलग-अलग नज़रिए के चलते आपके और आपके जीवनसाथी के बीच वाद-विवाद हो सकता है।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आउटडोर गतिविधियां काफ़ी थकावटी और तनाव देने वाली साबित होंगी। अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर आज आप भविष्य के लिए कोई आर्थिक योजना बना सकते हैं और उम्मीद है कि यह योजना सफल भी होगी। दोस्त और रिश्तेदार आपकी मदद करेंगे और आप उनके साथ काफ़ी ख़ुशी महसूस करेंगे। आज आपको अपने प्रिय का एक अलग ही अन्दाज़ देखने को मिल सकता है। आपने भली-भांति काम किया है, इसलिए अब उसके फ़ायदे लेने का समय है। अपने समय की कीमत समझें, उन लोगों के बीच रहना जिनकी बातें आपके समझ में नहीं आती हैं गलत है। ऐसा करना भविष्य में आपको परेशानियों के अलावा कुछ नहीं देगा। अपने जीवनसाथी के स्नहे से भीगकर आप ख़ुद को राजसी महसूस कर सकते हैं।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज ज़िंदगी की ओर उदास नज़रिया रखने से बचें। जो उधारी के लिए आपके पास आएँ, उन्हें नज़रअन्दाज़ करना ही बेहतर रहेगा। आज का दिन ख़ुशियों से भरा रहेगा, क्योंकि आपका जीवन-साथी आपको ख़ुशी देने का हर प्रयास करेगा। आज आपका प्रेमी अपने मनोभावों को आपके सामने खुलकर नहीं रख पाएगा जिसकी वजह से आपको खिन्नता होगी। व्यावसायिक साझीदार सहयोग करेंगे और आप साथ मिलकर टलते आ रहे कामों को पूरा कर सकते हैं। आज के समय में अपने लिए वक्त निकाल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज ऐसा दिन है जब आपके पास अपने लिए भरपूर समय होगा। असहजता की वजह से आप वैवाहिक जीवन में ख़ुद को फँसा हुआ अनुभव कर सकते हैं। आपको ज़रूरत है तो जीवनसाथी के साथ आत्मीय बातचीत की।
अस्वीकरण(Disclaimer)दैनिक पंचांग,धर्म, ज्योतिष,वास्तु आदि विषयों पर यहाँ प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं,जो पूर्ण रूप से दायित्व मुक्त है,अतः संबंधित कोई भी प्रयोग अपने स्वविवेक के साथ करें या किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें।




