श्रीडूंगरगढ़ टुडे 10 अक्टूबर 2025
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏जय श्री गणेशाय नमः🙏
🙏जय श्री कृष्णा🙏
🕉️आज का पंचांग-10.10.2025🕉️
✴️दैनिक गोचर राशिफल सहित✴️
🕉️ शुभ शुक्रवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
निर्धनता व दारिद्र्य निवारक कनकधारा प्रयोग
नित्य श्रद्धा पूर्वक करें माता के स्तोत्र का पाठ
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………….10.10.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर…………………………. श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………..दक्षिण
ऋतु……………………………………. .शरद्
मास……………………………….. ..कार्त्तिक
पक्ष……………………………………. कृष्णा
तिथि…….. चतुर्थी. रात्रि. 7.39 तक / पंचमी
वार…………………………………. .शुक्रवार
नक्षत्र…..कृतिका. सायं. 5.31 तक / रोहिणी
चंद्रमा………………. वृषभ. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग…… सिद्धि. सायं. 5.40 तक / व्यतिपात्
करण………………….. बव. प्रातः 9.15 तक
करण……..बालव. रात्रि. 7.39 तक / कौलव
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………. प्रातः 6.28.36 पर
सूर्यास्त…………………..सायं. 6.07.45 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 11.39.09
रात्रिमान………………………… .12.21.18
चंद्रास्त………………….. 9.50.27 AM पर
चंद्रोदय……………………8.32.11 PM पर
राहुकाल.पूर्वा.10.51 से 12.18 तक(अशुभ)
यमघंट….अपरा. 3.13 से 4.40 तक(अशुभ)
गुलिक…..प्रातः 7.56 से 9.23 (शुभे त्याज्य)
अभिजित….. .मध्या.11.55 से 12.41(शुभ)
पंचक………………………….. आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………… आज नहीं है।
दिशाशूल………………………. .पश्चिम दिशा
दोष परिहार……. जौ का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल-सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न ….…… कन्या 22°27′ हस्त 4 ठ
सूर्य ……….. कन्या 22°46′ हस्त 4 ठ
चन्द्र …… . वृषभ 3°11′ कृत्तिका 2 ई
बुध ………. तुला 10°46′ स्वाति 2 रे
शुक्र… कन्या 1°2′ उत्तर फाल्गुनी 2 टो
मंगल ……. तुला 17°52′ स्वाति 4 ता
बृहस्पति.. मिथुन 29°15′ पुनर्वसु 3 हा
शनि * ..मीन 2°58′ पर्व भाद्रपद 4 दी
राहू * कुम्भ 22°25′ पर्व भाद्रपद 1 से
केतु * .सिंह 22°25′ पूर्व फाल्गुन3 टी
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
चंचल……………प्रातः 6.29 से 7.56 तक
लाभ…………….प्रातः 7.56 से 9.23 तक
अमृत………….प्रातः 9.23 से 10.51 तक
शुभ………….अपरा. 12.18 से 1.46 तक
चंचल……………सायं. 4.40 से 6.08 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
लाभ………….रात्रि. 9.13 से 10.46 तक
शुभ..रात्रि. 12.18 AM से 1.51 AM तक
अमृत..रात्रि. 1.51 AM से 3.24 AM तक
चंचल..रात्रि. 3.24 AM से 4.56 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है और करवाना चाहिये..
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के नुसार राशिगत् नामाक्षर….
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
06.44 AM तक—–कृतिका—–2 —–ई
12.07 PM तक—–कृतिका—–3——उ
05.31 PM तक—–कृतिका—–4——ए
10.55 PM तक—–रोहिणी——1—-ओ
04.22 AM तक—–रोहिणी——2—–वा उपरांत रात्रि तक—–रोहिणी——3—–वी
राशि वृषभ – पाया स्वर्ण _
आज का दिन
व्रत विशेष……….करवा चतुर्थी(करवा चौथ)
चंद्रोदय……………………..रात्रि. 8.32 पर
अन्य व्रत…………..कार्तिक स्नान व्रत जारी पर्व विशेष…………………………… नहीं है
दिन विशेष…………………. चातुर्मास जारी
दिन विशेष………………राष्ट्रीय डाक दिवस
दिन विशेष….विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस
दिन विशेष……. विश्व मृत्युदंड विरुद्ध दिवस
दिन विशेष…….श्रेष्ठ आचरण निर्माण दिवस
पंचक……………………………….. नहीं है
विष्टि(भद्रा)……………………….. .. नहीं है
हवन मुहूर्त………………………….. नहीं है खगोलीय………… वर्तमान सूर्य नक्षत्र(हस्त)
नक्षत्र वाहन…………….. चातक.वर्षा (श्रेष्ठ)
खगोलीय…… चित्रायां रवि. रात्रि. 8.12 पर
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है अमृ.सि.योग………………….. आज नहीं है सिद्ध रवियोग.प्रातः…………… आज नहीं है
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
आज दिनांक………………. 11.10.2025
तिथि………. कार्तिक कृष्णा पंचमी शनिवार
व्रत विशेष…………………………… नहीं है।
अन्य व्रत…………..कार्तिक स्नान व्रत जारी पर्व विशेष………….. पद्म प्रभु जयंति (जैन)
दिन विशेष…………………. चातुर्मास जारी
दिन विशेष…………… विश्व बालिका दिवस
दिन विशेष……………. विश्व मोटापा दिवस
दिन विशेष…… जय प्रकाश नारायण जयंती
पंचक………………………………. . नहीं है।
विष्टि(भद्रा)………………………….. नहीं है।
हवन मुहूर्त…………………………. आज है। खगोलीय…………………….. .आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………. आज नहीं है।अमृ.सि.योग….. उदयात्.अपरा. 3.20 तक
सिद्ध रवियोग.प्रातः…………… आज नहीं है।
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
निर्धनता व दारिद्र्य निवारक कनकधारा प्रयोग
नित्य श्रद्धा पूर्वक करें माता के स्तोत्र का पाठ
मां भगवती महालक्ष्मी प्रसन्नार्थ आदि शंकराचार्य विरचित कनकधारा स्तोत्र..ऐसी मान्यता है कि इस स्तुति से उन्होंने माता लक्ष्मी को प्रसन्न करके स्वर्ण वर्षा करवायी थी..निर्धनता निवारक प्रयोग के रूप में कोई भी नियम पूर्वक पाठ करे तो निश्चित लाभ होगा.
ज्योतिष में धन प्राप्ति के अनेकों उपाय बताए गए है पर उनमें जो सबसे अधिक प्रभावशाली व शीघ्र फलदायी है, वो है कनकधारा स्त्रोत का विधि – विधान से नियमित पाठ। इसकी रचनाकार आदि शंकराचार्य है जिन्होंने इसकी सहायता से सोने की बारिश करवाई थी। एक बार आदिशंकराचार्य भिक्षा मांगने किसी गरीब ब्राह्मण के घर गए। उसके पास उन्हें देने के लिए कुछ नहीं था। उसने भिक्षा के रूप में उन्हें एक सूखा आंवला दे दिया। उसकी दरिद्रता दूर करने के लिए उन्होंने मां लक्ष्मी से प्रार्थना की। प्रार्थना पूरी होते ही उसके घर सोने के आंवलों की वर्षा होने लगी। उनकी ये प्रार्थना कनकधारा स्रोत के नाम से प्रसिद्ध है।
विधि – आप तंत्र-मंत्र सम्बंधित सामग्री की दूकान से एक कनकधारा यंत्र व कनकधारा स्त्रोत ले आए। नियमित कनकधारा यंत्र के सामने धुप-बत्ती करके कनकधारा स्त्रोत का पाठ करें। अगर किसी दिन यह भी भूल जाएं तो बाधा नहीं आती क्योंकि यह सिद्ध मंत्र होने के कारण चैतन्य माना जाता है। यहां प्रस्तुत है कनकधारा स्तोत्र का संस्कृत पाठ एवं हिन्दी अनुवाद।
कनकधारा स्तोत्रम् …………..
अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम्।
अङ्गीकृताऽखिल-विभूतिरपाङ्गलीला माङ्गल्यदाऽस्तु मम मङ्गळदेवतायाः ॥१॥
जैसे भ्रमरी अधखिले पुष्पों से अलंकृत तमाल-वृक्ष का आश्रय लेती है, उसी प्रकार जो दृष्टि श्रीहरि के रोमांच से सुशोभित श्रीअंगों पर निरंतर पड़ता रहता है तथा जिसमें संपूर्ण ऐश्वर्य का निवास है, संपूर्ण मंगलों की अधिष्ठात्री देवी भगवती महालक्ष्मी का वह कृपादृष्टि मेरे लिए मंगलदायी हो।।1।।
मुग्धा मुहुर्विदधती वदने मुरारेः प्रेमत्रपा-प्रणहितानि गताऽऽगतानि।
मालादृशोर्मधुकरीव महोत्पले या सा मे श्रियं दिशतु सागरसम्भवायाः ॥२॥
जैसे भ्रमरी कमल दल पर मंडराती रहती है, उसी प्रकार जो श्रीहरि के मुखारविंद की ओर बराबर प्रेमपूर्वक जाती है और लज्जा के कारण लौट आती है। समुद्र कन्या लक्ष्मी की वह मनोहर दृष्टिमुझे धन संपत्ति प्रदान करें ।।2।।
विश्वामरेन्द्रपद-वीभ्रमदानदक्ष आनन्द-हेतुरधिकं मुरविद्विषोऽपि।
ईषन्निषीदतु मयि क्षणमीक्षणर्द्ध मिन्दीवरोदर-सहोदरमिन्दिरायाः ॥३॥
जो संपूर्ण देवताओं के अधिपति इंद्र के पद का वैभव-विलास देने में समर्थ है, उन मुरारी श्रीहरि को भी आनंदित करने वाली है तथा जो नीलकमल के भीतरी भाग के समान मनोहर जान पड़ती है, उन लक्ष्मीजी के अधखुले नेत्रों की दृष्टि क्षण भर के लिए मुझ पर भी अवश्य पड़े।।3।।
आमीलिताक्षमधिगम्य मुदा मुकुन्द आनन्दकन्दमनिमेषमनङ्गतन्त्रम्।
आकेकरस्थित-कनीनिकपक्ष्मनेत्रं भूत्यै भवेन्मम भुजङ्गशयाङ्गनायाः ॥४॥
शेषशायी भगवान विष्णु की धर्मपत्नी श्री लक्ष्मीजी के नेत्र हमें ऐश्वर्य प्रदान करने वाले हों, जिनकी पुतली तथा बरौनियां अनंग के वशीभूत हो अधखुले, किंतु साथ ही निर्निमेष (अपलक) नयनों से देखने वाले आनंदकंद श्री मुकुन्द को अपने निकट पाकर कुछ तिरछी हो जाती हैं।।4।।
बाह्वन्तरे मधुजितः श्रित कौस्तुभे या हारावलीव हरिनीलमयी विभाति।
कामप्रदा भगवतोऽपि कटाक्षमाला, कल्याणमावहतु मे कमलालयायाः ॥५॥
जो भगवान मधुसूदन के कौस्तुभमणि-मंडित वक्षस्थल में इंद्रनीलमयी हारावली-सी सुशोभित होती है तथा उनके भी मन में प्रेम का संचार करने वाली है, वह कमल-कुंजवासिनी कमला की कृपादृष्टि मेरा कल्याण करें।।5।।
कालाम्बुदाळि-ललितोरसि कैटभारे-धाराधरे स्फुरति या तडिदङ्गनेव।
मातुः समस्तजगतां महनीयमूर्ति-भद्राणि मे दिशतु भार्गवनन्दनायाः ॥६॥
जैसे मेघों की घटा में बिजली चमकती है, उसी प्रकार जो कैटभशत्रु श्रीविष्णु के काली मेघमाला के समान श्याम वक्षस्थल पर प्रकाशित होती है, जिन्होंने अपने आविर्भाव से भृगुवंश को आनंदित किया है तथा जो समस्त लोकों की जननी है, उन भगवती लक्ष्मी की पूजनीय मूर्ति मुझे कल्याण करें ।।6।
प्राप्तं पदं प्रथमतः किल यत् प्रभावान् माङ्गल्यभाजि मधुमाथिनि मन्मथेन।
मय्यापतेत्तदिह मन्थर-मीक्षणार्धं मन्दाऽलसञ्च मकरालय-कन्यकायाः ॥७॥
समुद्र कन्या कमला की वह मंद, अलस, मंथर और अर्धोन्मीलित दृष्टि, जिसके प्रभाव से कामदेव ने मंगलमय भगवान मधुसूदन के हृदय में प्रथम बार स्थान प्राप्त किया था, वही दृष्टि मुझ पर भी पड़े।।7।।
दद्याद् दयानुपवनो द्रविणाम्बुधारा मस्मिन्नकिञ्चन विहङ्गशिशौ विषण्णे।
दुष्कर्म-घर्ममपनीय चिराय दूरं नारायण-प्रणयिनी नयनाम्बुवाहः ॥८॥
भगवान नारायण की प्रेयसी लक्ष्मी का नेत्र रूपी मेघ दयारूपी अनुकूल पवन से प्रेरित हो दुष्कर्म (धनागम विरोधी अशुभ प्रारब्ध) रूपी घाम को चिरकाल के लिए दूर हटाकर विषाद रूपी धर्मजन्य ताप से पीड़ित मुझ दीन रूपी चातक पर धनरूपी जलधारा की वृष्टि करें।।8।।
इष्टाविशिष्टमतयोऽपि यया दयार्द्र दृष्ट्या त्रिविष्टपपदं सुलभं लभन्ते।
दृष्टिः प्रहृष्ट-कमलोदर-दीप्तिरिष्टां पुष्टिं कृषीष्ट मम पुष्करविष्टरायाः ॥९॥
विशिष्ट बुद्धि वाले मनुष्य जिनके प्रीति पात्र होकर जिस दया दृष्टि के प्रभाव से स्वर्ग पद को सहज ही प्राप्त कर लेते हैं, पद्मासना पद्मा की वह विकसित कमल-गर्भ के समान कांतिमयी दृष्टि मुझे मनोवांछित पुष्टि प्रदान करें।।9।।
गीर्देवतेति गरुडध्वजभामिनीति शाकम्भरीति शशिशेखर-वल्लभेति।
सृष्टि-स्थिति-प्रलय-केलिषु संस्थितायै तस्यै नमस्त्रिभुवनैकगुरोस्तरुण्यै ॥१०॥
जो सृष्टि रचना के समय वाग्देवता (ब्रह्मशक्ति) के रूप में विराजमान होती है तथा प्रलय लीला के काल में शाकम्भरी (भगवती दुर्गा) अथवा चन्द्रशेखर वल्लभा पार्वती (रुद्रशक्ति) के रूप में स्थित होती है, त्रिभुवन के एकमात्र पिता भगवान नारायण की उन नित्य यौवना प्रेयसी श्रीलक्ष्मीजी को नमस्कार है।।10।।
श्रुत्यै नमोऽस्तु नमस्त्रिभुवनैक-फलप्रसूत्यै रत्यै नमोऽस्तु रमणीय गुणाश्रयायै।
शक्त्यै नमोऽस्तु शतपत्र निकेतनायै पुष्ट्यै नमोऽस्तु पुरुषोत्तम-वल्लभायै ॥११॥
हे देवी । शुभ कर्मों का फल देने वाली श्रुति के रूप में आपको प्रणाम है। रमणीय गुणों की सिंधु रूपा रति के रूप में आपको नमस्कार है। कमल वन में निवास करने वाली शक्ति स्वरूपा लक्ष्मी को नमस्कार है तथा पुष्टि रूपा पुरुषोत्तम प्रिया को नमस्कार है।।11।।
नमोऽस्तु नालीक-निभाननायै नमोऽस्तु दुग्धोदधि-जन्मभूत्यै।
नमोऽस्तु सोमामृत-सोदरायै नमोऽस्तु नारायण-वल्लभायै ॥१२॥
कमल के समान कमला देवी को नमस्कार है। क्षीरसिंधु सभ्यता श्रीदेवी को नमस्कार है। चंद्रमा और सुधा की सहोदरी बहन को नमस्कार है। भगवान नारायण की वल्लभा को नमस्कार है। ।।12।।
नमोऽस्तु हेमाम्बुजपीठिकायै नमोऽस्तु भूमण्डलनायिकायै।
नमोऽस्तु देवादिदयापरायै नमोऽस्तु शार्ङ्गायुधवल्लभायै ॥१३॥
कमल के समान नेत्रों वाली हे मातेश्वरी ! आप सम्पतिव सम्पुर्ण इंद्रियों को आनंद प्रदान देने वाली हो, , साम्राज्य देने में समर्थ और सारे पापों को हर लेने के लिए सर्वथा हर लेती होमुझे ही आपकी चरण वंदना का शुभ अवसर सदा प्राप्त होता रहे।।13।।
नमोऽस्तु देव्यै भृगुनन्दनायै नमोऽस्तु विष्णोरुरसि स्थितायै।
नमोऽस्तु लक्ष्म्यै कमलालयायै नमोऽस्तु दामोदरवल्लभायै ॥१४॥
जिनकी कृपा दृष्टि के लिए की गई उपासना उपासक के लिए संपूर्ण मनोरथों और संपत्तियों का विस्तार करती है, श्रीहरि की हृदयेश्वरी उन्हीं आप लक्ष्मी देवी का मैं मन, वाणी और शरीर से भजन करता हूं।।14।।
नमोऽस्तु कान्त्यै कमलेक्षणायै नमोऽस्तु भूत्यै भुवनप्रसूत्यै।
नमोऽस्तु देवादिभिरर्चितायै नमोऽस्तु नन्दात्मजवल्लभायै ॥१५॥
हे विष्णु प्रिये! तुम कमल वन में निवास करने वाली हो, तुम्हारे हाथों में नीला कमल सुशोभित है। तुम अत्यंत उज्ज्वल वस्त्र, गंध और माला आदि से सुशोभित हो। तुम्हारी झांकी बड़ी मनोरम है। त्रिभुवन का ऐश्वर्य प्रदान करने वाली देवी, मुझ पर प्रसन्न हो जाओ।।15।।
सम्पत्कराणि सकलेन्द्रिय-नन्दनानि साम्राज्यदान विभवानि सरोरुहाक्षि।
त्वद्-वन्दनानि दुरिताहरणोद्यतानि मामेव मातरनिशं कलयन्तु नान्यत् ॥१६॥
दिशाओं द्वारा सुवर्ण-कलश के मुख से गिराए गए आकाश गंगा के निर्मल एवं मनोहर जल से जिनके श्री अंगों का अभिषेक (स्नान) संपादित होता है, संपूर्ण लोकों के अधीश्वर भगवान विष्णु की गृहिणी और क्षीरसागर की पुत्री उन जगज्जननी लक्ष्मी को मैं प्रात:काल प्रणाम करता हूं ।।16।।
कमले कमलाक्षवल्लभे त्वं करुणापूर-तरङ्गितैरपाङ्गैः।
अवलोकय मामकिञ्चनानां प्रथमं पात्रमकृत्रिमं दयायाः ॥१७॥
कमल के समान नेत्र वाले भगवन केशव की कामिनी पत्नि हे कमले! मैं अकिंचन (दीन-हीन) मनुष्यों में अग्रगण्य हूं, तुम्हारी कृपा का स्वाभाविक पात्र हूं। आप मुझ पर कृपा दृष्टि करें ।।१७।।
स्तुवन्ति ये स्तुतिभिरमीभिरन्वहं त्रयीमयीं त्रिभुवनमातरं रमाम्।
गुणाधिका गुरुतरभाग्यभागिनो भवन्ति ते भुविबुधभाविताशयाः ॥१८॥
जो लोग इस प्रकार प्रतिदिन वेदत्रयी स्वरूपा त्रिभुवन-जननी भगवती लक्ष्मी की स्तुति करते हैं, वे इस लोकमें महान गुणवान और अत्यंत भाग्यवान. होते हैं तथा विद्वान पुरुष भी उनके मनोभावों को जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।।18।।
॥श्रीमदाध्यशङ्कराचार्यविरचितं श्री कनकधारा स्तोत्रम् संपूर्णम्॥
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज आपको काम-काज के मोर्चे पर धक्का लग सकता है, क्योंकि आपकी सेहत आपके साथ नहीं है और इसके चलते आपको कोई ज़रूरी काम अधर में ही छोड़ना पड़ सकता है। ऐसे हालात में धैर्य और होशियारी से काम लें। आज कोई लेनदार आपके दरवाजे पर आ सकता है और आपसे पैसे उधार मांग सकता है। उन्हें पैसे लौटाकर आप आर्थिक तंगी में आ सकते हैं। आपको सलाह दी जाती है कि उधार लेने से बचें। काम का तनाव आपके दिमाग़ पर छा सकता है जिसकी वजह से परिवार और मित्रों के लिए वक़्त नहीं निकाल सकेंगे। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। दफ़्तर में आपके दुश्मन भी आज आपके दोस्त बन जाएंगे – आपके सिर्फ़ एक छोटे-से अच्छे काम की बदौलत। आज आप बिना किसी वजह के कुछ लोगों के साथ उलझ सकते हैं। ऐसा करना आपके मूड को तो खराब करेगा ही साथ ही इससे आपका कीमती समय भी बर्बाद होगा। आपकी बीती ज़िन्दगी का कोई राज़ आपके जीवनसाथी को उदास कर सकता है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज अपना तनाव दूर करने के लिए परिवार वालों की मदद लें। उनकी सहयता को खुले दिल से स्वीकारें। अपनी भावनाओं को दबाएँ और छुपाएँ नहीं। अपने जज़्बात दूसरों के साथ साझा करने से फ़ायदा मिलेगा। ख़र्चों पर क़ाबू रखने की कोशिश करें और सिर्फ़ ज़रूरी चीज़ें ही ख़रीदें। आपका लापरवाह रवैया आपके माता-पिता को दुःखी कर सकता है। कोई भी नयी परियोजना शुरू करने से पहले उनकी राय भी जान लें। एक लम्बा दौर जो काफ़ी समय से आपको दबोचे हुए था, ख़त्म हो चुका है- क्योंकि जल्दी ही आपको आपका जीवन-साथी मिलने वाला है। अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए नयी तकनीकों का सहारा लें। आपकी शैली और काम करने का नया अन्दाज़ उन लोगों में दिलचस्पी पैदा करेगा, जो आप पर नज़दीकी से ग़ौर करते हैं। इस राशि के छात्र छात्राओं को आज के दिन पढ़ाई में मन लगाने में दिक्कतें आ सकती हैं। आज आप अपना कीमती समय दोस्तों के चक्कर में बर्बाद कर सकते हैं। आज का दिन उन्माद में घिर जाने का है; क्योंकि आप अपने जीवनसाथी के साथ सच्चे प्रेम का अनुभव करेंगे।
मिथुन- (क की कू घ ङ । महिला सहकर्मी बहुत मददगार रहेंगी और अटके कामों को भली-भांति पूरा करने में सहयोग देंगी। छात्र-छात्राओं को आज अपने काम को कल पर नहीं टालना चाहिए, आपको जब भी खाली समय मिले अपने काम को पूरा कर लें। ऐसा करना आपके लिए हितकारी है। आज आपका वैवाहिक जीवन हँसी-ख़ुशी, प्यार और उल्लास का केन्द्र बन सकता है।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आपके लिए मौज-मस्ती और मनपसंद काम करने का दिन है। आपके पिता की कोई सलाह आज कार्यक्षेत्र में आपको धन लाभ करा सकती है. ज़रूरत के वक़्त आपको दोस्तों का सहयोग मिलेगा। हालाँकि प्यार में निराशा हाथ लग सकती है लेकिन हिम्मत मत हारिए क्योंकि आखिर में जीत सच्चे प्यार की ही होती है। अगर आप सही लोगों को अपनी क्षमताएँ और प्रतिभा दिखाएंगे, तो जल्दी ही लोगों की निगाहों में आपकी नयी और बेहतर छवि होगी। अगर आप किसी परिस्थिति से घबराकर भागेंगे- तो वह आपका पीछा हर निकृष्ट तरीक़े से करेगी। जन्मदिन भूलने जैसी किसी छोटी-सी बात को लेकर जीवनसाथी से तक़रार संभव है। लेकिन अन्ततः सब ठीक हो जाएगा।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहने की पूरी उम्मीद है। अपने अच्छे स्वास्थ्य के चलते आज आप अपने दोस्तों के साथ खेलने का प्लान बना सकते हैं। आप दूसरों पर कुछ ज़्यादा ख़र्चा कर सकते हैं। आपका मज़ाकिया स्वभाव सामाजिक मेल-जोल की जगहों पर आपकी लोकप्रियता में वृद्धि करेगा। हर बात पर प्यार का दिखावा करना ठीक नहीं है इससे आपका रिश्ता सुधरने की जगह बिगड़ सकता है। नई योजनाएँ आकर्षक होंगी और अच्छी आमदनी का ज़रिया साबित होंगी। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। सेहत के नज़रिए से गले लगने के अपने फ़ायदे हैं और आपको यह एहसास आज अपने जीवनसाथी से मिल सकता है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज अपनी पुरानी परियोजनाओं की सफलता आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगी। जिन लोगों ने अपना पैसा सट्टेबाजी में लगा रखा था आज उन्हें नुक्सान होने की संभावना है। सट्टेबाजी से दूर रहने की आपको सलाह दी जाती है। रिश्तेदारों के साथ बिताया गया वक़्त आपके लिए फ़ायदेमंद रहेगा। रोमांस के लिहाज़ से रोमांचक दिन है। शाम के लिए कोई ख़ास योजना बनाएँ और जितना हो सके, इसे उतना रुमानी बनाने की कोशिश करें। कार्यक्षेत्र में परिस्थितियाँ आपके पक्ष में लगती हैं। आज के दिन घटनाएँ अच्छी तो होंगी, लेकिन तनाव भी देंगी – जिसके चलते आप थकान और दुविधा महसूस करेंगे। जीवनसाथी के साथ आज की शाम वाक़ई कुछ ख़ास रहनि वाली है।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज सेहत के नज़रिए से यह वक़्त थोड़ा ठीक नहीं है, इसलिए जो आप खाएँ उसके प्रति सावधान रहें। आज आपके भाई-बहन आपसे आर्थिक मदद मांग सकते हैं और उनकी मदद करके आप खुद आर्थिक दबाव में आ सकते हैं। हालांकि स्थिति जल्द ही सुधर जाएगी। आपके माता-पिता की सेहत पर ज़्यादा ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है। ख़ुशमिज़ाज रहें और प्यार की राह में बाधाओं का सामना करने के लिए तैयार रहें। आप ऐसी योजनाओं को अमली जामा पहनाने की स्थिति में होंगे, जो कई लोगों को प्रभावित करेगी। अपने घर में बिखरी चीजों को संभालने का आज आप प्लान करेंगे लेकिन आपको इसके लिए आज खाली समय नहीं मिल पाएगा। कोई रिश्तेदार अचानक आपके घर आ सकता है, जिसके चलते आपकी योजनाएँ गड़बड़ा सकती हैं।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आपका प्रबल आत्मविश्वास और आज के दिन का आसान कामकाज मिलकर आपको आराम के लिए काफ़ी वक़्त देंगे। आपको कई स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। प्रभावशाली और महत्वपूर्ण लोगों से परिचय बढ़ाने के लिए सामाजिक गतिविधियाँ अच्छा मौक़ा साबित होंगी। आपका प्रिय दिन भर आपको याद करने में समय बिताएगा। आप जीतोड़ मेहनत और धीरज के बल पर अपने उद्देश्य हासिल कर सकते हैं। खाली समय का पूरा आनंद उठाने के लिए आपको लोगों से दूर होकर अपने पसंदीदा काम करने चाहिए। ऐसा करके आपमें सकारात्मक बदलाव भी आएंगे। अपने जीवनसाथी के स्नहे से भीगकर आप ख़ुद को राजसी महसूस कर सकते हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज अपने दफ़्तर से जल्दी निकलने की कोशिश करें और वे काम करें जिन्हें आप वाक़ई पसंद करते हैं। दीर्घावधि लाभ के नज़रिए से स्टॉक और म्यूचुअल फ़ंड में निवेश करना फ़ायदेमंद रहेगा। आपको अपना बाक़ी वक़्त बच्चों के संग गुज़ारना चाहिए, चाहे इसके लिए आपको कुछ ख़ास ही क्यों न करना पड़े। आज आप अपने किसी वादे को पूरा नहीं कर पायेंगे जिससे वह आपसे नाराज हो जाएगा। अपने काम में तेज़ी लाने के लिए आप तकनीक से जुड़ी चीज़ों में निवेश कर सकते हैं। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। चीज़ें आपकी इच्छा के मुताबिक़ नहीं चलेंगी, लेकिन अपने संगी के साथ आप अच्छा समय गुज़ारेंगे।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज कुछ लोग सोच सकते हैं कि आप नया सीखने के लिए काफ़ी उम्रदराज़ हो चुके हैं- लेकिन यह सच्चाई से बहुत दूर है- आप अपने तेज़ और सक्रिय दिमाग़ की वजह से कुछ भी आसानी से सीख सकते हैं। अपने पैसे को संचय करने के लिए आज अपने घर के लोगों से आपको बात करने की जरुरत है। उनकी सलाह आपकी आर्थिक स्थिति को सुधारने में मददगार होगी। आपके बच्चे के पुरुस्कार वितरण समारोह का बुलावा आपके लिए ख़ुशनुमा एहसास रहेगा। वह आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और आप उसके ज़रिए अपने सपने साकार होते हुए देखेंगे। ज़िन्दगी की हक़ीक़त का सामना करने के लिए आपको अपने प्रिय को कम-से-कम कुछ वक़्त के लिए भूलना पड़ेगा। आपको कार्यक्षेत्र में अच्छे फल पाने के लिए अपने काम करने के तरीके पर गौर करने की जरुरत है नहीं तो आप बॉस की नजरों में आपकी नकारात्मक छवि बन सकती है। ऐसे बदलाव लाएँ जो आपके रूप-रंग में निखार ला सके और संभावित साथियों को आपकी ओर आकर्षित करे। आपके लिए यह ख़ूबसूरत दिन रहेगा, लेकिन सेहत को लेकर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आपको कई दिक़्क़तों और मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है, जिस वजह से आप झुंझलाहट और बेचैनी महसूस करेंगे। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। कल्पनाओं के पीछे न दौड़ें और यथार्थवादी बनें- कुछ वक़्त अपने दोस्तों के साथ गुज़ारें- क्योंकि यह आपके लिए काफ़ी अच्छा साबित होगा। भावनात्मक उथल-पुथल आपको परेशान कर सकती है। कार्यक्षेत्र में आपका कोई प्रतिद्वंदी आज आपके खिलाफ साजिश कर सकता है, इसलिए आज आपको आंख कान खोलकर काम करने की जरुरत है। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। किसी पड़ोसी, दोस्त या रिश्तेदार की वजह से वैवाहिक जीवन में अनबन संभव है।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज किसी दोस्त के साथ ग़लतफ़हमी अप्रिय हालात खड़े कर सकती है, किसी भी फ़ैसले पर पहुँचने से पहले संतुलित नज़रिए से दोनों पक्षों को जाँचें। ख़ास लोग ऐसी किसी भी योजना में रुपये लगाने के लिए तैयार होंगे, जिसमें संभावना नज़र आए और विशेष हो। मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियाँ मज़ेदार रहेंगी, अगर पूरे परिवार की उसमें सहभागिता हो। आज का दिन प्रेम के रंगों में डूबा रहेगा लेकिन रात के वक्त किसी पुरानी बात को लेकर आप झगड़ सकते हैं। आप पाएंगे कि आज लंबे वक़्त से अटके कई सारे छोटे-छोटे, लेकिन अहम काम आप निबटाने में क़ामयाब हो रहे हैं। आज के दिन यात्रा, मनोरंजन और लोगों से मिलना-जुलना होगा। आप महसूस करेंगे कि शादीशुदा ज़िन्दगी आपके लिए वाक़ई ख़ुशनसीबी लेकर आई है।
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