श्रीडूंगरगढ़ टुडे 24 अक्टूबर 2025
बेटी से बढ़ता घर का मान,
हमारी बेटी हमारा अभिमान ।
बेटी से बढ़ती घर की शोभा,
बेटा भी है। घर की शान ।।
बेटी को शिक्षा दिलवाओ,
पढ़ा-लिखा काबिल बनाओ।
संस्कार भरपूर दो,
मर्यादित ढंग से रहना सीखाओ।
बेटी बढ़ाती मान,
हमारी बेटी हमारा अभिमान,
बेटा हीरा है तो बेटी मोती है,
अपनी बेटी को मजबूत बनाओ।
मुश्किलों से लड़ना सीखाओ,
त्याग, तपस्या, धैर्य की मूरत बनाओ।
‘बेटी के सर्वांगीण विकास पर ध्यान हो,
कल्पना में नहीं यथार्थ में जीना सीखाओ।
फेशनपरस्ती की दुनिया से बचाओ, बेटी को कठिन परिश्रम करना सीखाओ। बेटी है घर की शान, बेटी बढ़ाती मान, हमारी बेटी हमारा अभिमान ।
बेटी माता-पिता की खुशियों का खजाना हैं,
बेटी जीवन की सारी बाधाएँ हर लेती है।
भाग्यशाली है वे लोग लो जिनके घर बेटा होता है,
सौभाग्यशाली है वे लोग जिनके घर बेटी होती है।
बेटी के बिना घर-संसार अधूरा है,
बेटी होने पर ही परिवार पूरा है।
बेटी बढ़ाती घर का मान,
मेरी बेटी मेरा अभिमान।।





