श्रीडूंगरगढ़ टुडे 6 नवम्बर 2025
श्रीडूंगरगढ़ उपखंड क्षेत्र के ग्राम सातलेरा में लम्बे समय से गांव के दोनों सार्वजनिक नलकूप खराब पड़े थे। पानी के अभाव में ग्रामीण बून्द बून्द के लिए तरस रहे थे। ग्रामीणों की शिकायतों और मीडिया में खबर प्रकाशन के बाद विभाग ने गांव के एक ट्यूबवेल को बुधवार को ठीक कर दिया है। हालांकि दूसरा ट्यूबवेल अब भी बंद पड़ा है, जिससे पानी की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।ग्रामीण राजूराम जाखड़ ने बताया कि गांव के दोनों सरकारी ट्यूबवेल काफी समय से बंद पड़े थे एक करीब डेढ़ साल से और दूसरा दो महीने से ज्यादा समय से। कई बार विभाग को अवगत करवाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे गांव में पीने के पानी की भारी किल्लत हो गई थी। ग्रामीणों को मजबूरन टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा था। एक टैंकर पानी के लिए ग्रामीणों को करीब ₹500 तक खर्च उठाना पड़ रहा था। पानी की कमी का असर पशुओं पर भी पड़ा, जो रोज़ाना प्यास से बेहाल रहते थे। गांव के सक्रिय युवा कार्यकर्ता गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि दूसरा ट्यूबवेल अब भी विद्युत विभाग से जुड़ी तकनीकी समस्या के चलते बंद है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि विभाग जल्द समाधान निकालकर सातलेरा को पूरी तरह पानी संकट से राहत दिलाएगा।ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी श्रीडूंगरगढ़ से गुहार लगाई थी कि दोनों ट्यूबवेल जल्द चालू करवाए जाएं, ताकि लोगों और पशुओं को राहत मिल सके। खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन हरकत में आया और एक ट्यूबवेल को दुरुस्त कर दिया गया है।






