श्रीडूंगरगढ़ टुडे 7 नवम्बर 2025
श्री डूंगरगढ़ (बीकानेर): शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल करते हुए, कस्बे को ‘बालिका स्वाध्याय निःशुल्क लाईब्रेरी’ (Reg. No. RJ08-010443) का शुभारंभ किया गया है। यह लाईब्रेरी विशेष रूप से शिक्षा से वंचित, ग्रामीण एवं जरूरतमंद 50 बेटियों के लिए समर्पित है, जो इसे संभाग की पहली ऐसी महत्वपूर्ण पहल बनाती है। लाइब्रेरी परिवार के आजीवन सदस्य योग प्रेमी बलराम बेनीवाल ने इस प्रयास को सर्व समाज एवं सामुदायिक प्रेरणा का शिखर बताया है।
वर्तमान परिदृश्य में महत्व : ‘पुस्तकालय – बुद्धि, संस्कार और सफलता का द्वार’ के सुविचार पर आधारित यह निःशुल्क पहल, आर्थिक और पारिवारिक चिंताओं से दूर, बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उत्तम वातावरण और निशुल्क पुस्तकें प्रदान कर रही है। यह सीधे तौर पर लैंगिक असमानता को संतुलित करने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
बेटियों के लिए क्रांति : यह लाईब्रेरी बालिकाओं को केवल पढ़ने की सुविधा नहीं दे रही है, बल्कि उन्हें समय-समय पर मोटिवेशन स्पीकरों के माध्यम से प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही है। इससे उन्हें राजकीय सेवाओं में जाने और अपने जीवन को गौरवशाली बनाने में मदद मिलेगी।
दूरदर्शी योजना एवं सहयोग : लाइब्रेरी की कार्यकारिणी टीम में चेयरमैन श्रीमती मंजु देवी, निदेशक राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा, और व्यवस्थापक श्री हरीश कुमार शर्मा शामिल हैं। टीम को सेवानिवृत जिला शिक्षा अधिकारी श्री गजानंद सेवग (मुख्य सलाहकार) का मार्गदर्शन प्राप्त है। प्रबंधन की महत्वाकांक्षी योजना इस लाईब्रेरी को प्रदेश की सबसे बड़ी और डिजिटल बनाने की है। देश-विदेश के कोने-कोने से मिल रहा सहयोग और आजीवन सदस्यता का जुनून इस बात का प्रमाण है कि यह पहल पूरे समाज को जोड़ रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
यह निःशुल्क लाईब्रेरी “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के संकल्प को ज़मीन पर उतारने वाली एक सशक्त क्रांति है।
लाइब्रेरी के निदेशक निस्वार्थ भाव से सेवा दे रहे ख्याति प्राप्त योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा और उनकी टीम को बहुत बहुत साधुवाद




