श्रीडूंगरगढ़ टुडे 14 नवम्बर 2025
श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर)। बालिका स्वाध्याय निशुल्क लाइब्रेरी के निदेशक व राष्ट्रीय योग क्रांति अभियान के राष्ट्रीय प्रभारी ख्याति प्राप्त योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा की कलम से अभिभावकों के लिए बाल दिवस पर बच्चों के लिए खास खबर इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में दुनियां की हर चीज प्रभावित हुई है। आम आदमी ने अपनी सुख सुविधा के लिए आने वाली पीढ़ियों को अत्यधिक हानि पहुंचा रहा है। संकीर्ण दिमाग की वजह से वास्तव में देखा जाए तो हमारे पूर्वज वाकई में अपने दैनिक जीवन में बिना किसी सुख सुविधा के जीवन भर पुरूषार्थ करते हुए अपने जीवन को आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए दीर्घगामी सोच व वसुदेव कुटुंबकम् की भावना रखते हुए जीवन जिया और हमारे बुजुर्ग आज भी उसी राह पर चल रहे हैं। बड़ी विडंबना है कि आज का इंसान वाकई में स्वार्थी हो गया है वो केवल अपने ओर अपने परिवार तक ही सीमित है। इन सभी का मुख्य कारण ये है शिक्षा और संस्कारों की कमी, स्वार्थपूर्ण जीवन शैली, संकीर्ण मानसिकता, तनावपूर्ण जीवन, आलस्य, बेइमानी, हिंसा, असंतोष, मिलावटी सोच, जातिगत भेदभाव, अमानवीय व्यवहार, लोभ, लालच, अपरिग्रह, अस्तव्यस्त जीवन शैली, कम समय में अधिक उपार्जन, शारीरिक काम में कमी आदि कालवा ने बहुत ही सारगर्भित बात कहते है कि अगर अभी भी नहीं सुधरे तो आगे आने वाला समय ओर भी खतरनाक होगा इसलिए अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को सुधारना चाहते है तो ये काम करें जितना हो सकें उनके साथ कुछ समय जरूर बताएं, उन्हें शारीरिक व्यायाम करवाएं, मोबाइल फोन से दूर रखें, आहार और व्यवहार में सुधार करें, अच्छी शिक्षा और संस्कारों दें, उन्हें ज्यादा से ज्यादा प्रकृति के नजदीक रहने दें। एक बात की सौ बात क्या आप अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल देखना चाहते हो? क्या आप चाहते हो कि आपकी औलाद सुखी और निरोगी जीवन जीएं, क्या आप चाहते हो कि आपकी संतान आपके बुढ़ापे में सेवा करें, क्या आप चाहते हो कि आपके बच्चे दुनियां में नाम कमाएं तो आपको एक काम करना पड़ेगा उनकी दैनिक दिनचर्या में एक घंटे नियमित योगासन, प्राणायाम, ध्यान ओर सूर्यनमस्कार को शामिल करवाना होगा निश्चित तौर पर आपके बच्चों का सर्वांगीण विकास होगा। ओर विश्व पटल पर नाम रोशन करेंगे। ओम कालवा और उनकी टीम राष्ट्रीय योग क्रांति अभियान के तहत योग को धरातल पर लागू करवाने के लिए प्रेरणा स्रोत संघर्ष कर रहे हैं।






