श्रीडूंगरगढ़ टुडे 25 नवम्बर 2025
उत्तर-पश्चिम रेलवे के बीकानेर-रतनगढ़ रेल खंड पर पूर्व सूचना एवं मोहलत की अवधि पूरी होने पर शनिवार शाम को रेलवे द्वारा दुलचासर-कोटासर अंडरब्रिज के पास तिराहे मार्ग के दो तरफा रास्ता आवागमन के लिए बंद कर दिया गया। रेलवे द्वारा बासी महियान, खरळा व गोनाणा रोही एवं कालछा रोही के खेतों की ओर रेलवे की जमीन से गुजरने वाले दो तरफ के रास्ते आमजन के परिवहन साधनों के आवागमन के लिए अस्थाई रूप से पत्थर लगाकर बंद कर दिए जाने आम लोगों को परेशानी हुई। रेलवे ने इस रेलखंड मार्ग रेलगाड़ियों के सुरक्षित संचालन के लिए रेलपटरियों के सामानांतर पास से गुजरने वाले रास्तों के पास पहले तारबंदी की और ग्रामीणों के द्वारा मांगी गई समय सीमा पूरी होने पर अंडरब्रिज के दो तरफ रेलपटरी के सामानांतर चलने वाले रास्तों को एकबारगी अस्थाई रूप से बड़े-बड़े पत्थर डालकर बंद कर दिए गए है। इन दोनों रास्तों के बंद होने इन दोनों रास्तों पर अपने-अपने खेतों आने-जाने वालों को काफी परेशानी हुई और लोगबाग पत्थरों को पैदल लांघते नजर आए। वाहनों को गांव व रोही के मार्ग के दोनो ओर छोड़ना पड़ा। ग्रामीणों व किसानों ने रेलवे की कार्रवाई पर रोष जताते हुए कहा कि खेतों में फसल निकली हुई पड़ी है और चारा भी खेतों में पड़ा है। रास्ता बंद होने से ये परिवहन नहीं होंगे।
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अंडरब्रिज की मरम्मत का कार्य होगा और इसमें बरसाती जमा नहीं हो और अवैध रास्तों से आवागमन बंद हो। इसलिए निर्माण कार्य होगा। दो तरफ दीवार बनाकर टीनशेड लगाया जाएगा। अभी तो अस्थाई रूप से पत्थर डालकर कर आवागमन को रोका गया है और जिससे निर्माण कार्य निर्बाध रूप से हो सकें। इस निर्माण कार्य के बाद स्थाई रूप से दो तरफ के रेलपटरियों के बराबर चलने वाले रास्ते बंद कर दिए जाएंगे।
वंदे भारत ट्रेन के सांडसे टकराने के बाद रेलवे की नजरों में आया कटानी मार्ग :-
दुलचासर-कोटासर रेलवे फाटक के पास से निकलने वाले दोनों मार्गों से लोग पिछले डेढ़ सौ सालों से गुजर रहे थे, यहां पहले विभिन्न खेतों और गांवों के लिए जाने के लिए चार कटाणी मार्ग थे। मीटरगेज के ब्राडगेज में बदलने के बाद से रेलवे ने एक स्थान पर अंडरब्रिज बना दिया। इसी के माध्यम से होकर किसान दूसरे मार्ग की ओर जाते थे। करीब डेढ़ महीने पहले रेलवे ट्रैक पर वंदे भारत ट्रेन एक सांड से टकरा गई थी। जिससे ट्रेन का अगला फाइबर का हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट गया और रेलवे ने कटाणी मार्ग को बंद करने का फैसला कर दिया। इसी के दुर्घटनाग्रस्त एक किमी क्षेत्र में रेलवे ट्रेक के पास तारबंदी कर दी।
क्या बोले किसान :-
दुलचासर निवासी जगदीश प्रसाद महिया ने बताया कि उनका खेत बासी महियान रोही स्थित रोही में है। पहले खेत जाने के लिए छह किलोमीटर का सफर करना पड़ता था। अब रेलवे द्वारा मार्ग बंद किए जाने से बासी महियान के किसानों को पहले भोजास गांव जाना होगा। वहां से बेनीसर गांव और फिर बेनीसर से दुलचासर गांव आना है। यानि छह किलोमीटर की जगह अब 25 किमी का सफर करना होगा। वहीं काल़छा रोही के किसान किशोर सिंह ने बताया कि जहां अब काल़छा रोही के किसानों को दुलचासर गांव आने के लिए पहले सावंतसर गांव जाना होगा। वहां से सूडसर होते हुए दुलचासर आने का मतलब बीस किलोमीटर का अतिरिक्त सफर। खेतों में चारा पड़ा है।जिसे घरों में लाना है। वहीं कटी फसल को मंडी ले जाना है। रेलवे भले ही अपने रास्ते बंद कर दें। लेकिन खेतों की ओर जो तीन रास्ते जा रहें हैं। वहां पहले अंडरब्रिज बनाएं।
आज विधायक से मिलेंगे किसान :-
दुलचासर के पूर्व सरपंच मोडाराम महिया ने बताया कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक ताराचंद सारस्वत से मिलेगा और समस्या के समाधान के लिए उचित कार्रवाई करने की मांग करेगा।
किसानों का मार्ग देना प्रशासन का दायित्व : पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया :-
खेतों में इन दिनों खरीफ फसल की कटाई और रबी फसल की बिजाई का दौर चल रहा है। ऐसी स्थिति में रेलवे द्वारा सैकड़ों साल से प्रचलित मार्ग को यकायक बंद करना ग़लत है। वहीं जिला प्रशासन का दायित्व बनता है कि वो किसानों को अपने खेतों में जाने के लिए मार्ग दे। आज किसानों को अपने खेतों में जाने के लिए 20-20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। इससे ज्यादा किसानों के साथ क्या अन्याय होगा। मैंने दुलचासर-सावंतसर मार्ग, दुलचासर-बासी महियान मार्ग और दुलचासर-भोजास मार्ग पर रेलवे अंडरब्रिज निर्माण लिए चार साल पहले भी विधानसभा में आवाज उठाई थी। यहां के किसानों ने तीन साल पहले सात महीने तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन भी किया था। जिसे किसानों ने क्षेत्रीय सांसद अर्जुनराम मेघवाल के शीघ्र निर्माण के आश्वासन पर धरना स्थगित किया था।












