शहीद स्मारक पर होगा विशाल धरना, इसी माह जयपुर कूच की तैयारी,श्रीडूंगरगढ़ बना महासंघ का स्थाई मुख्यालय, नई कार्यकारिणी का होगा गठन।
श्रीडूंगरगढ़ टुडे 5 दिसंबर 2025
श्रीडूंगरगढ़ ( बीकानेर ) राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ के तत्वावधान में आज एक ऐतिहासिक प्रदेश स्तरीय ऑनलाइन महापंचायत का आयोजन किया गया। संगठन के प्रमुख पदाधिकारी प्रदेश संरक्षक योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा, अध्यक्ष योगाचार्य रामावतार यादव, महासचिव डॉ मनोज सैनी, कार्यकारी अध्यक्ष योगाचार्य राकेश कुमार तूनवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रदेश भर के HWC, AHWC, PM श्री और बेरोजगार योग प्रशिक्षकों ने भारी संख्या में भाग लिया। बैठक का एकमात्र उद्देश्य सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध जयपुर के शहीद स्मारक पर होने वाले आगामी विशाल धरने की अंतिम रूपरेखा तय करना था।
सरकार की उपेक्षा पर फूटा आक्रोश बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राज्य सरकार लंबे समय से योग प्रशिक्षकों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है। योग बोर्ड का गठन, स्कूलों में योग को अनिवार्य विषय बनाना और प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों को स्थायी रोजगार देने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार का रवैया पूर्णतः उदासीन रहा है। इस उपेक्षा के कारण प्रदेश के हजारों योग प्रशिक्षकों में भारी रोष व्याप्त है।
महापंचायत में लिए गए 4 ऐतिहासिक निर्णय आज की बैठक में सर्वसम्मति से आंदोलन को धार देने के लिए निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किए गए:
- जयपुर कूच का आह्वान: प्रदेश के सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के समस्त योग प्रशिक्षकों को एकजुट करें और भारी संख्या बल के साथ जयपुर कूच की तैयारी करें।
- श्रीडूंगरगढ़ बना मुख्यालय: संगठन की गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने के लिए ‘श्री डूंगरगढ़’ को महासंघ का स्थाई मुख्यालय घोषित किया गया।
- इसी माह होगा धरना: प्रशासन से अनुमति मिलते ही, इसी माह (दिसंबर में) जयपुर के शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरना और प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
- कार्यकारिणी का पुनर्गठन: संघर्ष को नई ऊर्जा देने के लिए कार्यकारिणी का पुनर्गठन होगा, जिसमें केवल सक्रिय, जुझारू और धरातल पर कार्य करने वाले नए योग प्रशिक्षकों को ही पद और जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।प्रदेश संरक्षक योगाचार्य ओमप्रकाश कालवा ने सभी संगठनों से अपील करते हुए कहा, “समय आ गया है कि आपसी मतभेद भुलाकर सभी योग संगठन एक मंच पर आएं। हमने सरकार को बहुत समय दिया, लेकिन अब हमारे सब्र का बांध टूट चुका है। अभी नहीं तो कभी नहीं’ के संकल्प के साथ हम शहीद स्मारक पर अपनी ताकत दिखाएंगे। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।” बैठक में संगठन विस्तार और नई जिम्मेदारियों के वितरण पर भी चर्चा की गई, जिसके तहत नवनियुक्त पदाधिकारियों ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना से एकजुट होकर संघर्ष करने की शपथ ली।






