श्रीडूंगरगढ़ टुडे 7 दिसंबर 2025
धरती पर स्वर्ग देखना है,
तो माता-पिता के चरणों में है।
कलयुग में ईश्वर की प्राप्ति करनी है,
तो माता-पिता की सेवा में है।
बच्चे माता-पिता की जान है,
बच्चों के लिए माता-पिता कुर्बान है।
बच्चों की हर बात को माता-पिता सुनते हैं,
सुनकर पूरा करने का प्रयास करते हैं।
कभी भी अभाव को सामने नहीं आने देते हैं,
अभाव होने पर भी सब कुछ ला देते हैं।
ऐसे माता-पिता होते हैं,
बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ न्योछावर कर देते हैं।
बच्चा कह दे तबीयत खराब है,
माता-पिता की नींद उड़ जाती है।
जब तक बच्चा सोन जाय उन्हें नींद नहीं आती है,
बच्चे हो यदि दूर रह रहकर उनकी याद सताती है।
अब सब रिश्ते दिखावे के रह गये है,
पर माता पिता का रिश्ता आज भी सच्चा है।
माता-पिता के लिए हर बच्चा अच्छा है,
बच्चों में बसती माता-पिता की जान है।
बच्चा एक चीज माँगे तो माता-पिता दो ला देते हैं,
बच्चों की खुशी के लिए सब कुछ सहन कर लेते हैं।
ऐसे साक्षात् ईश्वर के समान माता-पिता होते हैं।।





