श्रीडूंगरगढ़ टुडे 21 दिसंबर 2025
रविवार को श्रीडूंगरगढ़ न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में पक्षकारों की आपसी सहमति और समझौते के आधार पर कुल 143 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस दौरान न्यायालय की ओर से 2 करोड़ 36 लाख 31 हजार 315 रुपए के अवार्ड पारित किए गए।
लोक अदालत की अध्यक्षता एडीजे सरिता नौशाद और तालुका विधिक सेवा समिति श्रीडूंगरगढ़ के अध्यक्ष एवं एसीजेएम हर्ष कुमार ने की। लोक अदालत में न्यायालय में लंबित राजीनामा योग्य फौजदारी, सिविल, धन वसूली, भरण-पोषण, चेक बाउंस, किराया और बंटवारा संबंधी मामलों का निपटारा किया गया।
बार संघ के एडवोकेट पुखराज तेजी ने बताया कि एडीजे कोर्ट में कुल 21 प्रकरणों का निस्तारण किया गया जिसमें 54 लाख 25 हजार रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई और एसीजेएम न्यायालय में धन वसूली के 4, राजीनामा योग्य फौजदारी के 55, चेक बाउंस के 35, सिविल प्रकृति के 13 तथा भरण-पोषण से जुड़े 15 प्रकरणों का निस्तारण हुआ। एसीजेएम के सभी 122 मामलों में कुल 1.82 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के भुगतान आदेश जारी किए गए।
बड़ी संख्या में पक्षकार व अधिकारी रहे मौजूद
लोक अदालत में बैंक, राजस्व, बिजली एवं जलदाय विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता और बड़ी संख्या में पक्षकार मौजूद रहे। इस अवसर पर एडवोकेट मोहनलाल सोनी, अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध, सत्यनारायण प्रजापत, ओमप्रकाश पंवार, पूनमचंद मारू, मांगीलाल नैण, कैलाश व्यास, केके पुरोहित, सुखदेव व्यास, अबरार, राजीव आत्रेय, ओमनाथ सिद्ध, ओमप्रकाश मिडल, जयप्रकाश मीणा, रामलाल, ओमप्रकाश, गणेश मेघवाल, एडवोकेट दीपिका करनाणी, स्नेहा पारीक, अभियोजन अधिकारी सपन कुमार, एडवोकेट मदनगोपाल स्वामी सहित कोर्ट स्टाफ रामावतार प्रजापत, जितेंद्र रंगा, शुभम स्वामी, जगदीश जांगू, पृथ्वीराज, राजेंद्र सैनी, गणेशाराम, चांदराम मीणा, मालचंद स्वामी, गणेश, सुमित जाखड़ और कुलदीप ने सेवाएं दीं।









