श्रीडूंगरगढ़ टुडे 21 दिसंबर 2025
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏🏾जय श्री गणेशाय नमः🙏🏾
🙏🏾जय श्री कृष्णा🙏🏾
🕉️आज का पंचांग-21.12.2025🕉️
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ रविवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
सूर्यदेव के रथ में लगे और सात घोड़ो का रहस्य
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………….21.12.2025
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर………………………….श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………..दक्षिण
गोल………………………. …………..दक्षिण
ऋतु…………………………………… .हेमंत
मास………………………………………पौष
पक्ष……………………………………..शुक्ल
तिथि. प्रतिपदा(2). प्रातः 9.12 तक / तृतीया
वार………………………………….. रविवार
नक्षत्र…पूर्वाषाढ़ा. रात्रि. 3.36* तक/ उ.षाढ़ा
चंद्रमा………………….धनु. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग………… वृद्धि. अपरा. 4.35 तक / ध्रुव
करण…………………. बव. प्रातः 9.12 तक
करण…… बालव. रात्रि 10.03 तक / कौलव
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………..प्रातः 7.14.08 पर
सूर्यास्त…………………..सायं. 5.45.08 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 10.31.00
रात्रिमान…………………………. 13.29.29
चंद्रास्त………………….. 6.48.43 PM पर
चंद्रोदय………………….. 7.45.33 AM पर
राहुकाल….सायं. 4.26 से 5.45 तक(अशुभ)
यमघंट…..अपरा. 12.30 से 1.49 तक(शुभ)
गुलिक…अपरा. 3.07 से 4.26 (शुभे त्याज्य)
अभिजित….. मध्या.12.09 से 12.51 (शुभ)
पंचक………………………………….. नहीं है।
हवन मुहूर्त…………………………… आज है।
दिशाशूल……………………….. पश्चिम दिशा
दोष परिहार…….. घी का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल-सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है।यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं। और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न / ग्रह – राशि – अंश – कला – चरणाक्षर
लग्न ………………..धनु 4°45′ मूल 2 यो
सूर्य ………………..धनु 5°13′ मूल 2 यो
चन्द्र ………..धनु 16°19′ पूर्वाषाढ़ा 1 भू
बुध …………वृश्चिक 18°11′ ज्येष्ठा 1 नो
शुक्र ^ ………………धनु 1°15′ मूल 1 ये
मंगल ^ ……………धनु 10°9′ मूल 4 भी
बृहस्पति * .. मिथुन 28°30′ पुनर्वसु 3 हा
शनि ……… मीन 1°29′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
राहू * ……. कुम्भ 18°36′ शतभिषा 4 सू
केतु * .. सिंह 18°36′ पूर्व फाल्गुनी 2 टा
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
चंचल………….. प्रातः 8.33 से 9.52 तक
लाभ…………..प्रातः 9.52 से 11.11 तक
अमृत………..पूर्वा. 11.11 से 12.30 तक
शुभ……………अपरा. 1.49 से 3.07 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
शुभ………सायं-रात्रि. 5.45 से 7.26 तक
अमृत…………..रात्रि. 7.26 से 9.08 तक
चंचल………….रात. 9.08 से 10.49 तक
लाभ..रात्रि. 2.11 AM से 3.52 AM तक
शुभ….रात्रि. 5.33 AM से 7.15 AMतक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षर….
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
07.56 AM तक—पूर्वाषाढ़ा—-1——-भू
02.30 PM तक—पूर्वाषाढ़ा—-2——-धा
09.03 PM तक—पूर्वाषाढ़ा—-3—– -फा
03.36 AM तक—पूर्वाषाढ़ा—-4——-ढ़ा
उपरात रात्रि तक—–उ.षाढ़ा—-1——-भे_______राशि धनु - पाया ताम्र_______
आज का दिन
व्रत विशेष…………………………….नहीं है।
अन्य व्रत…………………………….. नहीं है।
पर्व विशेष……….उत्तरायण(सायन सिद्धांत)
दिन विशेष…शिशिर ऋतु प्रारंभ. रात्रि 8.33.
दिन विशेष…………….. चंद्रदर्शन सायंकाल
दिन विशेष… UNO विश्व बास्केटबाल दिवस
विष्टि(भद्रा)……………………..आज नहीं है।
हवन मुहूर्त…………………….. आज नहीं है।
खगोलीय……… मकरे भानु. रात्रि. 8.33 पर
सर्वा.सि.योग….. रात्रि. 3.36* से रात्रि पर्यंत अमृ.सि.योग…………………… आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………….. आज नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
दिनांक……………………… 22.12.2025
तिथि…………. पौष शुक्ला द्वितीया सोमवार
व्रत विशेष……………………………. नहीं है।
अन्य व्रत…………………………….. नहीं है।
पर्व विशेष……………………………. नहीं है।
दिन विशेष……………. राष्ट्रीय गणित दिवस
विष्टि(भद्रा)……………………..आज नहीं है।
हवन मुहूर्त…………………….. आज नहीं है।
खगोलीय……………………… आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग….. रात्रि. 5.32* से रात्रि पर्यंत अमृ.सि.योग…………………… आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग….. रात्रि. 5.32* से रात्रि पर्यंत
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
सूर्यदेव के रथ में लगे और सात घोड़ो का रहस्य
हिन्दू धर्म में देवी-देवताओं तथा उनसे जुड़ी कहानियों का इतिहास काफी बड़ा है या यूं कहें कि कभी ना खत्म होने वाला यह इतिहास आज विश्व में अपनी एक अलग ही पहचान बनाए हुए है। विभिन्न देवी-देवताओं का चित्रण, उनकी वेश-भूषा और यहां तक कि वे किस सवारी पर सवार होते थे यह तथ्य भी काफी रोचक हैं।
सूर्य रथ
हिन्दू धर्म में विघ्नहर्ता गणेश जी की सवारी काफी प्यारी मानी जाती है। गणेश जी एक मूषक यानि कि चूहे पर सवार होते हैं जिसे देख हर कोई अचंभित होता है कि कैसे महज एक चूहा उनका वजन संभालता है। गणेश जी के बाद यदि किसी देवी या देवता की सवारी सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है तो वे हैं सूर्य भगवान।
क्यों जुते हैं सात घोड़े
सूर्य भगवान सात घोड़ों द्वारा चलाए जा रहे रथ पर सवार होते हैं। सूर्य भगवान जिन्हें आदित्य, भानु और रवि भी कहा जाता है, वे सात विशाल एवं मजबूत घोड़ों पर सवार होते हैं। इन घोड़ों की लगाम अरुण देव के हाथ होती है और स्वयं सूर्य देवता पीछे रथ पर विराजमान होते हैं।
सात की विशेष संख्या
लेकिन सूर्य देव द्वारा सात ही घोड़ों की सवारी क्यों की जाती है? क्या इस सात संख्या का कोई अहम कारण है? या फिर यह ब्रह्मांड, मनुष्य या सृष्टि से जुड़ी कोई खास बात बताती है। इस प्रश्न का उत्तर पौराणिक तथ्यों के साथ कुछ वैज्ञानिक पहलू से भी बंधा हुआ है।
कश्यप और अदिति की संतानें
सूर्य भगवान से जुड़ी एक और खास बात यह है कि उनके 11 भाई हैं, जिन्हें एकत्रित रूप में आदित्य भी कहा जाता है। यही कारण है कि सूर्य देव को आदित्य के नाम से भी जाना जाता है। सूर्य भगवान के अलावा 11 भाई ( अंश, आर्यमान, भाग, दक्ष, धात्री, मित्र, पुशण, सवित्र, सूर्या, वरुण, वमन, ) सभी कश्यप तथा अदिति की संतान हैं।
वर्ष के 12 माह के समान
पौराणिक इतिहास के अनुसार कश्यप तथा अदिति की 8 या 9 संतानें बताई जाती हैं लेकिन बाद में यह संख्या 12 बताई गई। इन 12 संतानों की एक बात खास है और वो यह कि सूर्य देव तथा उनके भाई मिलकर वर्ष के 12 माह के समान हैं। यानी कि यह सभी भाई वर्ष के 12 महीनों को दर्शाते हैं।
सूर्यदेव की दो पत्नियां
सूर्य देव की दो पत्नियां – संज्ञा एवं छाया हैं जिनसे उन्हें संतान प्राप्त हुई थी। इन संतानों में भगवान शनि और यमराज को मनुष्य जाति का न्यायाधिकारी माना जाता है। जहां मानव जीवन का सुख तथा दुख भगवान शनि पर निर्भर करता है वहीं दूसरी ओर शनि के छोटे भाई यमराज द्वारा आत्मा की मुक्ति की जाती है। इसके अलावा यमुना, तप्ति, अश्विनी तथा वैवस्वत मनु भी भगवान सूर्य की संतानें हैं। आगे चलकर मनु ही मानव जाति का पहला पूर्वज बने।
सूर्य भगवान का रथ
सूर्य भगवान सात घोड़ों वाले रथ पर सवार होते हैं। इन सात घोड़ों के संदर्भ में पुराणों तथा वास्तव में कई कहानियां प्रचलित हैं। उनसे प्रेरित होकर सूर्य मंदिरों में सूर्य देव की विभिन्न मूर्तियां भी विराजमान हैं लेकिन यह सभी उनके रथ के साथ ही बनाई जाती हैं।
कोणार्क मंदिर
विशाल रथ और साथ में उसे चलाने वाले सात घोड़े तथा सारथी अरुण देव, यह किसी भी सूर्य मंदिर में विराजमान सूर्य देव की मूर्ति का वर्णन है। भारत में प्रसिद्ध कोणार्क का सूर्य मंदिर भगवान सूर्य तथा उनके रथ को काफी अच्छे से दर्शाता है।
सात से कम या ज्यादा क्यों नहीं
लेकिन इस सब से हटकर एक सवाल काफी अहम है कि आखिरकार सूर्य भगवान द्वारा सात ही घोड़ों की सवारी क्यों की जाती हैं। यह संख्या सात से कम या ज्यादा क्यों नहीं है। यदि हम अन्य देवों की सवारी देखें तो श्री कृष्ण द्वारा चालए गए अर्जुन के रथ के भी चार ही घोड़े थे, फिर सूर्य भगवान के सात घोड़े क्यों? क्या है इन सात घोड़ों का इतिहास और ऐसा क्या है इस सात संख्या में खास जो सूर्य देव द्वारा इसका ही चुनाव किया गया।
सात घोड़े और सप्ताह के सात दिन
सूर्य भगवान के रथ को संभालने वाले इन सात घोड़ों के नाम हैं – गायत्री, भ्राति, उस्निक, जगति, त्रिस्तप, अनुस्तप और पंक्ति। कहा जाता है कि यह सात घोड़े एक सप्ताह के सात दिनों को दर्शाते हैं। यह तो महज एक मान्यता है जो वर्षों से सूर्य देव के सात घोड़ों के संदर्भ में प्रचलित है लेकिन क्या इसके अलावा भी कोई कारण है जो सूर्य देव के इन सात घोड़ों की तस्वीर और भी साफ करता है।
सात घोड़े रोशनी को भी दर्शाते हैं
पौराणिक दिशा से विपरीत जाकर यदि साधारण तौर पर देखा जाए तो यह सात घोड़े एक रोशनी को भी दर्शाते हैं। एक ऐसी रोशनी जो स्वयं सूर्य देवता यानी कि सूरज से ही उत्पन्न होती है। यह तो सभी जानते हैं कि सूर्य के प्रकाश में सात विभिन्न रंग की रोशनी पाई जाती है जो इंद्रधनुष का निर्माण करती है।
बनता है इंद्रधनुष
यह रोशनी एक धुर से निकलकर फैलती हुई पूरे आकाश में सात रंगों का भव्य इंद्रधनुष बनाती है जिसे देखने का आनंद दुनिया में सबसे बड़ा है।
प्रत्येक घोड़े का रंग भिन्न
सूर्य भगवान के सात घोड़ों को भी इंद्रधनुष के इन्हीं सात रंगों से जोड़ा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि यदि हम इन घोड़ों को ध्यान से देखें तो प्रत्येक घोड़े का रंग भिन्न है तथा वह एक-दूसरे से मेल नहीं खाता है। केवल यही कारण नहीं बल्कि एक और कारण है जो यह बताता है कि सूर्य भगवान के रथ को चलाने वाले सात घोड़े स्वयं सूरज की रोशनी का ही प्रतीक हैं।
पौराणिक गाथा से इतर
यदि आप किसी मंदिर या पौराणिक गाथा को दर्शाती किसी तस्वीर को देखेंगे तो आपको एक अंतर दिखाई देगा। कई बार सूर्य भगवान के रथ के साथ बनाई गई तस्वीर या मूर्ति में सात अलग-अलग घोड़े बनाए जाते हैं, ठीक वैसा ही जैसा पौराणिक कहानियों में बताया जाता है लेकिन कई बार मूर्तियां इससे थोड़ी अलग भी बनाई जाती हैं।
अलग-अलग घोड़ों की उत्पत्ति
कई बार सूर्य भगवान की मूर्ति में रथ के साथ केवल एक घोड़े पर सात सिर बनाकर मूर्ति बनाई जाती है। इसका मतलब है कि केवल एक शरीर से ही सात अलग-अलग घोड़ों की उत्पत्ति होती है। ठीक उसी प्रकार से जैसे सूरज की रोशनी से सात अलग रंगों की रोशनी निकलती है। इन दो कारणों से हम सूर्य भगवान के रथ पर सात ही घोड़े होने का कारण स्पष्ट कर सकते हैं।
सारथी अरुण
पौराणिक तथ्यों के अनुसार सूर्य भगवान जिस रथ पर सवार हैं उसे अरुण देव द्वारा चलाया जाता है। एक ओर अरुण देव द्वारा रथ की कमान तो संभाली ही जाती है लेकिन रथ चलाते हुए भी वे सूर्य देव की ओर मुख कर के ही बैठते है !
केवल एक ही पहिया
रथ के नीचे केवल एक ही पहिया लगा है जिसमें 12 तिल्लियां लगी हुई हैं। यह काफी आश्चर्यजनक है कि एक बड़े रथ को चलाने के लिए केवल एक ही पहिया मौजूद है, लेकिन इसे हम भगवान सूर्य का चमत्कार ही कह सकते हैं। कहा जाता है कि रथ में केवल एक ही पहिया होने का भी एक कारण है।
पहिया एक वर्ष को दर्शाता है
यह अकेला पहिया एक वर्ष को दर्शाता है और उसकी 12 तिल्लियां एक वर्ष के 12 महीनों का वर्णन करती हैं। एक पौराणिक उल्लेख के अनुसार सूर्य भगवान के रथ के समस्त 60 हजार वल्खिल्या जाति के लोग जिनका आकार केवल मनुष्य के हाथ के अंगूठे जितना ही है, वे सूर्य भगवान को प्रसन्न करने के लिए उनकी पूजा करते हैं। इसके साथ ही गांधर्व और पान्नग उनके सामने गाते हैं औरअप्सराएं उन्हें खुश करने के लिए नृत्य प्रस्तुत करती हैं।
ऋतुओं का विभाजन
कहा जाता है कि इन्हीं प्रतिक्रियाओं पर संसार में ऋतुओं का विभाजन किया जाता है। इस प्रकार से केवल पौराणिक रूप से ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक तथ्यों से भी जुड़ा है भगवान सूर्य का यह विशाल रथ।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज आप ऊर्जा से भरपूर होंगे- आप जो भी करेंगे उसे आप उससे आधे वक़्त में ही कर देंगे, जितना वक़्त आप अक्सर लेते हैं। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. आपकी भरपूर ऊर्जा और ज़बरदस्त उत्साह सकारात्मक परिणाम लाएंगे व घरेलू तनाव दूर करने में मददगार रहेंगे। आज वे कपड़े न पहनें जो आपके प्रिय को पसंद न हों, नहीं तो संभव है कि वो आहत महसूस करे। इस राशि के उम्रदराज जातक आज के दिन अपने पुराने मित्रों से खाली समय में मिलने जा सकते हैं। वैवाहिक जीवन में कठिन दौर से गुज़रने के बाद आपको अब कुछ राहत का एहसास होगा। अपने साथी के लिए कोई बेहतरीन पकवान बनाना आपके फीके पड़े रिश्तों में गर्मजोशी भर सकता है।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज बहुत ज़्यादा तनाव और चिंता करने की आदत सेहत को नुक़सान पहुँचा सकती है। आज का दिन ऐसी चीज़ों को ख़रीदने के लिए बढ़िया है, जिनकी क़ीमत आगे चलकर बढ़ सकती है। आज के दिन आपको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यथार्थवादी रवैया अपनाएँ और जो आपकी ओर मदद का हाथ बढ़ाएँ, उनसे किसी चमत्कार की उम्मीद न करें। आज रोमांस आपके दिलो-दिमाग़ पर छाया रहेगा। वक़ील के पास जाकर क़ानूनी सलाह लेने के लिए अच्छा दिन है। समय की कमी की वजह से आप दोनो के बीच निराशा या कुंठा के भाव पनप सकते हैं। जीवन का आनंंद अपने लोगों को साथ लेकर चलने में है यह बात आज आप स्पष्टता से समझ सकते हैं।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज शारीरिक और मानसिक लाभ के लिए ध्यान व योग करना उपयोगी रहेगा। आपके पिता की कोई सलाह आज कार्यक्षेत्र में आपको धन लाभ करा सकती है. परिवार की स्थिति आज वैसी नहीं रहेगी जैसा आप सोचते हैं। आज घर में किसी बात को लेकर कलह होने की संभावना है ऐसी स्थिति में खुद पर काबू रखें। वक्त के साथ चलना आपके लिए अच्छा है लेकिन साथ ही आपको यह समझना भी जरुरी है कि जब कभी आपके पास खाली समय हो अपने करीबियों के साथ वक्त बिताएं। आज छुट्टी के दिन किसी मल्टीप्लेक्स में जाकर कोई अच्छी फ़िल्म देखने से बढ़िया और क्या हो सकता है।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज की आउटडोर गतिविधियां काफ़ी थकावटी और तनाव देने वाली साबित होंगी। आपके मन में जल्दी पैसे कमाने की तीव्र इच्छा पैदा होगी। अचानक आयी ज़िम्मेदारी आपकी दिन की योजनाओं में बाधा डाल सकती है। आप पाएंगे कि आप दूसरों के लिए ज़्यादा और ख़ुद के लिए कम कर पा रहें। आपको अपनी रसिक कल्पनाओं पर अधिक ग़ौर करने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि संभव है कि वे आज सच हो जाएँ। अपने जिगरी यारों के साथ आज आप खाली समय का आनंद लेने का विचार बना सकते हैं। जीवनसाथी से निकटता आज आपको ख़ुशी देगी। आज आपका आत्मविश्वास कमजोर रह सकता है। इसका कारण आपकी खराब दिनचर्या है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज दूसरों के साथ ख़ुशी बांटने से सेहत और खिलेगी। जल्दबाज़ी में फ़ैसले न लें- ख़ासतौर पर अहम आर्थिक सौदों में मोलभाव करते वक़्त। एक नज़दीकी रिश्तेदार ख़ुद के लिए आपका ज़्यादा ध्यान चाहेगा, हालाँकि वह काफ़ी मददगार और ख़याल रखने वाला होगा। प्यार में थोड़ी निराशा आपको हतोत्साहित नहीं कर सकेगी। परिवार की जरुरतों को पूरा करते-करते आप कई बार खुद को वक्त देना भूल जाते हैं। लेकिन आज आप सबसे दूर होकर अपने आप के लिए वक्त निकाल पाएंगे। संभव है कि वैवाहिक जीवन में ठहराव से तंग आकर आपका जीवनसाथी आपके ऊपर फूट पड़े। शादीशुदा हैं तो आज आपके बच्चे की कोई शिकायत घर पर आ सकती है।जिससे आप परेशान हो जाएंगे।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज किसी झगड़ालू इंसान से वाद-विवाद आपका मूड ख़राब कर सकता है। समझदारी से काम लें और अगर संभव हो तो इससे बचें, क्योंकि किसी भी तरह का विवाद आपके लिए मददगार नहीं रहेगा। समय और धन की कद्र आपको करनी चाहिए नहीं तो आने वाला वक्त परेशानियों भरा रह सकता है। माता-पिता की तबीयत यत में सुधार होगा और वे अपना प्यार आपके ऊपर बरसाएंगे। अगर आप अपने संगी के साथ कहीं बाहर घूमने जा रहे हैं तो कपड़े सोच-समझकर पहनें। अगर आप ऐसा नहीं करते तो वह आपसे नाराज हो सकता है। ऑफिस से जल्दी घर जाने का प्लान आज आप ऑफिस पहुंचकर ही कर सकते हैं। घर पहुंचकर आप मूवी देखने या किसी पार्क में परिवार के लोगों के साथ जाने का प्लान बना सकते हैं। अपने जीवनसाथी को सरप्राइज़ देते रहें, नहीं तो वह ख़ुद को आपके जीवन में महत्वहीन समझ सकता है। जिन दोस्तों से अरसे से मुलाक़ात नहीं हुई है, उनसे मिलने के लिए सही समय है। अपने दोस्तों को पहले ही इत्तला कर दें कि आप आ रहे हैं, नहीं तो काफ़ी वक़्त ख़राब हो सकता है।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज आपको कई दिक़्क़तों और मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है, जिस वजह से आप झुंझलाहट और बेचैनी महसूस करेंगे। अचानक आए ख़र्चे आर्थिक बोझ बढ़ा सकते हैं। हालात को क़ाबू में रखने के लिए अपने भाई की मदद लें। विवाद को ज़्यादा तूल देने की बजाय उसे दोस्ताना तरीक़े से हल करने की कोशिश करें। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। अपने शरीर को दुरुस्त करने के लिए आज भी आप कई बार सोचेंगे लेकिन बाकी दिनों की तरह भी आज यह प्लान धरा का धरा रह जाएगा। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा। आज आपका आत्मविश्वास कमजोर रह सकता है। इसका कारण आपकी खराब दिनचर्या है।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आप मुस्कुराएँ, क्योंकि यह सभी समस्याओं का सबसे सही इलाज है। जो लोग अपने करीबियों या रिश्तेदारों के साथ मिलकर बिजनेस कर रहे हैं उन्हें आज बहुत सोच समझकर कदम रखने की जरुरत है नहीं तो आर्थिक नुक्सान हो सकता है। प्यार, मेलजोल और आपसी जुड़ाव में वृद्धि होगी। अपने रोमांटिक ख़यालों को हर किसी को बताने से बचें। वक्त सेे हर काम को पूरा करना ठीक होता है अगर आप ऐसा करते हैं तो आप अपने लिए भी वक्त निकाल पाते हैं। अगर आप हर काम को कल पर टालते हैं तो अपने लिए आप कभी समय नहीं निकाल पाएंगे। अगर आप जीवनसाथी के अलावा किसी और को अपने ऊपर असर डालने का मौक़ा दे रहे हैं, तो जीवनसाथी की ओर से आपको नकारात्मक प्रतिक्रिया मिलना संभव है। संभव है कि आध्यात्मिकता की ओर तीव्र खिंचाव महसूस हो। साथ ही मुमकिन है कि किसी योग कैंप में जाना हो, किसी धर्मगुरू के प्रवचन सुनने का योग बने या फिर कोई आध्यात्मिक पुस्तक पढ़ें।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
अगर संभव हो तो लम्बे सफ़र पर जाने से बचें, क्योंकि लम्बी यात्राओं के लिए अभी आप कमज़ोर हैं और उनसे आपकी कमज़ोरी और बढ़ेगी। भविष्य में अगर आपको आर्थिक रुप से मजबूत बनना है तो आज से ही धन की बचत करें। कुल मिलाकर फ़ायदेमंद दिन है। लेकिन आप समझते थे जिसपर आप आँखें बंद करके यक़ीन कर सकते हैं, वह आपके भरोसे को तोड़ सकता है। आपको अपनी हार से कुछ सबक़ सीखने की ज़रूरत है, क्योंकि आज अपने दिल की बात ज़ाहिर करने से नुक़सान भी हो सकता है। समय का सदुपयोग करना सीेखें। यदि आपके पास खाली वक्त है तो कुछ रचनात्मक करने की कोशिश करें। वक्त को बर्बाद करना अच्छी बात नहीं है। आपकी बीती ज़िन्दगी का कोई राज़ आपके जीवनसाथी को उदास कर सकता है। टी.वी. देखना टाइम पास करने का एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है परन्तु लगातार देखने से आँखों में दर्द संभव है
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आप अपने स्वास्थ्य को नज़रअन्दाज़ न करें, शराब से बचें। जो लोग अब तक पैसे को बिना वजह ही उड़ा रहे थे आज उन्हें अपने आप पर काबू रखना चाहिए और धन की बचत करनी चाहिए। अपने घर के वातावरण में कुछ बदलाव करने से पहले आपको सभी की राय जानने की कोशिश करनी चाहिए। घर से बाहर निकलकर आज आप खुली हवाओं में टहलना पसंद करेंगे। आज आपका मन शांत होगा जिसका फायदा आपको पूरे दिन मिलेगा। शादीशुदा ज़िन्दगी के नज़रिए से चीज़ें काफ़ी अच्छी रहेंगी।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आप शान्त और तनाव-रहित रहें। आपके घर से जुड़ा निवेश फ़ायदेमंद रहेगा। अपने बर्ताव में उदार बनें और परिवार के साथ प्यार भरे पल गुज़ारें। आज आपके पास लोगों से मिलने-जुलने का और अपने शौक़ पूरे करने का पर्याप्त खाली वक़्त है। आपको ख़ुश करने के लिए आपका जीवनसाथी काफ़ी कोशिशें कर सकता है। बिना किसी को बताए आज आप घर में छोटी-मोटी पार्टी रख सकते हैं।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज आपको कई दिक़्क़तों और मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है, जिस वजह से आप झुंझलाहट और बेचैनी महसूस करेंगे। आर्थिक तौर पर सिर्फ़ और सिर्फ़ एक स्रोत से ही लाभ मिलेगा। लोग आपको आशाएँ और सपने देंगे, लेकिन असल में सारा दारोमदार आपके प्रयासों पर रहेगा। आज आप अपने किसी वादे को पूरा नहीं कर पाएंगे जिसकी वजह से आपका साथी आपसे नाराज हो जाएगा। किसी पार्क में घूमते समय आज आपकी मुलाकात किसी ऐसे शख्स से हो सकती है जिससे अतीत में आपके मतभेद थे। आपके लिए यह ख़ूबसूरत दिन रहेगा, लेकिन सेहत को लेकर थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बहुत सारे मेहमानों की आवभगत आपका मूड ख़राब कर सकती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि आप कई पुराने दोस्तों से मिल सकते हैं।
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