श्रीडूंगरगढ़ टुडे 23 दिसंबर 2025
राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनाव 2026 को लेकर एक नई और क्रांतिकारी पहल है। राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ (RYPMS) ने राज्य निर्वाचन आयोग को एक औपचारिक ज्ञापन भेजकर मांग की है कि गाँवों का नेतृत्व करने वाले उम्मीदवारों के लिए अब केवल वोट पाना ही काफी नहीं होना चाहिए, बल्कि उनकी शारीरिक, मानसिक और शैक्षिक योग्यता के कड़े मानक तय किए जाने चाहिए।
“निरोगी राजस्थान” के लिए स्वस्थ नेतृत्व अनिवार्य
महासंघ के संरक्षक योगगुरु ओमप्रकाश कालवा और अध्यक्ष योगाचार्य रामावतार यादव सहित सभी महासंघ जुड़े लोगों ने जारी इस प्रस्ताव (क्रमांक: RYPMS12/25/187) में “जय राजस्थान – निरोगी राजस्थान” के संकल्प को दोहराया गया है। महासंघ का तर्क है कि यदि नेतृत्व करने वाला व्यक्ति स्वयं स्वस्थ और ऊर्जावान नहीं होगा, तो वह जनसेवा का दायित्व पूरी निष्ठा से नहीं निभा पाएगा।
महासंघ की 4 प्रमुख मांगें:
- अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण (Medical Fitness): उम्मीदवारों के लिए आधारभूत स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य हो ताकि उनकी कार्यक्षमता प्रमाणित हो सके।
- चरित्र एवं सेवा भाव का शपथ-पत्र: केवल आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार के सामाजिक योगदान और ‘सेवा भाव’ का विवरण देने वाला एक संक्षिप्त शपथ-पत्र भी लिया जाए।
- न्यूनतम शैक्षिक योग्यता का पुनर्निर्धारण: ग्राम विकास की तकनीकी बारीकियों और डिजिटल शासन को समझने के लिए न्यूनतम शिक्षा के मानकों को फिर से तय किया जाए।
- मानसिक सजगता (Yoga & Mindfulness): समाज को सही दिशा देने के लिए उम्मीदवार का मानसिक रूप से शांत, संतुलित और तनाव मुक्त होना आवश्यक है। हम लोकतंत्र में महत्वपूर्ण इकाई ‘पंचायत’ पूरी पारदर्शिता देखना चाहते हैं।”
लोकतंत्र की मजबूती की ओर बढ़ता कदम
इस पहल को राजनीतिक गलियारों में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
यदि चुनाव आयोग इन सुझावों पर विचार करता है, तो राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है जहाँ पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की ‘फिटनेस’ और ‘मानसिक संतुलन’ को प्राथमिकता दी जाएगी।




