श्रीडूंगरगढ़ टुडे 30दिसंबर 2025
नव परिसीमन में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में दो पंचायत समितियों का गठन किया गया था इस दौरान भाजपा के एक बड़े नेता के पैतृक गांव को श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति से हटा कर रीड़ी पंचायत समिति में शामिल किए जाने के लेकर का जबरदस्त विरोध सामने आया।
संपूर्ण ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत के नेतृत्व में इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उपखंड अधिकारी,तहसीलदार, जिला कलक्टर, विधायक, सांसद पंचायतीराज मंत्री, पंचायत परिसीमन के संयोजक राजेन्द्र सिंह राठौड़, सहसंयोजक अरूण चतुर्वेदी सहित भाजपा संगठन के जिला व प्रदेश पदाधिकारियों व मुख्यमंत्री तक अपनी आपत्ति पहुंचाई ग्रामीणों का कहना था कि श्रीडूंगरगढ़ के नजदीकी गांव होने पर भी गांव पुंदलसर को पंचायत समिति रीड़ी में शामिल कर दिया गया है, परिसीमन रिपोर्ट में भी रीड़ी पंचायत समिति में दिखाया गया
इसके बाद चली राजनीतिक व प्रशासन कवायद और भाजपा की अंदरूनी विरोध की आवाज जयपुर के शीर्ष नेताओं तक वापस पहुंची एवं सोमवार को जयपुर से आये आदेश में पुन्दलसर को रीड़ी से विलोपित कर पुनः श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में शामिल कर दिया गया।
इस संशोधन के बाद अब श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में कुल 33 ग्राम पंचायतें एवं पंचायत समिति रीड़ी में 31 ग्राम पंचायतें शामिल होगी। इस आदेश आने के बाद क्षेत्र के कई राजनीतिक चर्चाओं को बल मिल गया है और जल्द ही आने वाले पंचायत समिति सदस्यों के वार्डों में भी ग्राम पंचायत पुन्दलसर को पुनः श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति में ही रखा जाएगा।
इस फैसले के बाद ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। और इस निर्णय का स्वागत करते हुए संघर्ष में सहयोग करने वाले जनप्रतिनिधियों, नेताओं, व समर्थकों का आभार जताया।





