श्रीडूंगरगढ़ टुडे 6 जनवरी 2026
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏🏾जय श्री गणेशाय नमः🙏🏾
🙏🏾जय श्री कृष्णा🙏🏾
🕉️आज का पंचांग-06.01.2026🕉️
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ मंगलवार 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर का इतिहास
धार्मिक मान्यता महत्व व कथा की जानकारी
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………… 06.01.2026
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर………………………….श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………… उत्तर
गोल………………………. …………..दक्षिण
ऋतु………………………………….. शिशिर
मास…………………………………….. माघ
पक्ष…………………………………….. कृष्ण
तिथि…तृतीया. प्रातः 8.02 तक/चतुर्थी(क्षय)
वार………………………………… मंगलवार
नक्षत्र…. अश्लेषा. अपरा. 12.18 तक / मघा
चंद्रमा……. कर्क. अपरा. 12.18 तक / सिंह
योग…… प्रीति. रात्रि. 8.20 तक / आयुष्मान्
करण………….विष्टि(भद्रा). प्रातः 8.02 तक
करण………… बव. रात्रि 7.20 तक / बालव
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………प्रातः 07.19.41 पर
सूर्यास्त…………………सायं. 05.54.58 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 10.35.16
रात्रिमान………………………….13.24.52
चंद्रास्त……………….. .09.40.46 AM पर
चंद्रोदय………………… 09.09.06 PM पर
राहुकाल..अपरा. 3.16 से 4.36 तक(अशुभ)
यमघंट…….प्रातः 9.59 से 11.18 तक(शुभ)
गुलिक…अपरा.12.37 से 1.57(शुभे त्याज्य)
अभिजित….. मध्या.12.16 से 12.59 (शुभ)
पंचक………………………….. आज नहीं है।
हवन मुहूर्त…………………….. .आज नहीं है।
दिशाशूल………………………… .उत्तर दिशा
दोष परिहार…… गुड़ का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है ।यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं। और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं।इसी तरह भद्रा फल विचार करें
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न / ग्रह – राशि – अंश – कला – चरणाक्षर
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
मानसिक तौर पर आप स्थिर महसूस नहीं करेंगे- इसलिए इस बात का ख़याल रखें कि दूसरों के सामने आप कैसे बर्ताव करते और बोलते हैं। आज धन लाभ होने की संभावना तो बन रही है लेकिन ऐसा हो सकता है कि अपने गुस्सैल स्वभाव के कारण आप पैसा कमाने में सक्षम न हो पाएं। डाक या ई-मेल से आया कोई महत्वपूर्ण संदेश पूरे परिवार के लिए ख़ुशख़बरी लाएगा। आज किसी ऐसे इंसान से मिलने की संभावना है जो आपके दिल को गहराई से छूएगा। आपका रचनात्मक काम आस-पास के लोगों को अचरज में डाल देगा और आपको काफ़ी सराहना मिलेगी। आज इस राशि के कुछ छात्र लेपटॉप या टीवी पर कोई मूवी देखकर अपना कीमती समय जाया कर सकते हैं। जब आपका जीवनसाथी जब सारे मनमुटाव भुलाकर प्यार के साथ आपके पास फिर आएगा, तो जीवन और भी सुन्दर लगेगा।
लग्न ………….धनु 21°8′ पूर्वाषाढ़ा 3 फा
सूर्य ……….. धनु 21°31′ पूर्वाषाढ़ा 3 फा
चन्द्र ………….कर्क 27°9′ आश्लेषा 4 डो
बुध ^ ……………धनु 12°16′ मूल 4 भी
शुक्र ^ …… .धनु 21°23′ पूर्वाषाढ़ा 3 फा
मंगल ^ ……धनु 22°23′ पूर्वाषाढ़ा 3 फा
बृहस्पति * ..मिथुन 26°28′ पुनर्वसु 2 को
शनि ……….मीन 2°21′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
राहू * ……..कुम्भ 17°45′ शतभिषा 4 सू
केतु * ….सिंह 17°45′ पूर्व फाल्गुनी 2 टा
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
चंचल…………..प्रातः 9.59 से 11.18 तक
लाभ………….पूर्वा. 11.18 से 12.37 तक
अमृत…………अपरा. 12.37 से 1.57 तक
शुभ…………….अपरा. 3.16 से 4.36 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
लाभ……………. .रात्रि. 7.36 से 9.16 तक
शुभ…….रात्रि. 10.57 से 12.37 AM तक
अमृत..रात्रि. 12.37 AM से 2.18 AM तक
चंचल….रात्रि. 2.18 AM से 3.59 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षर….
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
12.18 PM तक—अश्लेषा—4——-डा_______राशि कर्क - पाया रजत्_______ _______________________________
06.07 PM तक——-मघा—1——-मा
12.00 AM तक——-मघा—2——-मी
05.06 AM तक——-मघा—3——–मू
उपरात रात्रि तक——-मघा—4——–मे
राशि सिंह – पाया रजत्
आज का दिन
व्रत विशेष………………..संकष्टी तिल चतुर्थी
चंद्रोदय……………………… रात्रि. 9.09 पर
अन्य व्रत……………..माघ स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष……………………………. नहीं है।
दिन विशेष………… विश्व युद्ध अनाथ दिवस
विष्टि(भद्रा)………………….प्रातः 8.02 तक हवन मुहूर्त……………………… आज नहीं है।
खगोलीय….. ..पूषायां बुध. रात्रि. 11.59 पर
पंचक………………………….. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग… उदयात्. अपरा. 13.18 तक अमृ.सि.योग…………………… आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग…………………. आज नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
दिनांक………………………. .07.01.2026
तिथि……………… माघ कृष्णा पंचमी बुधवार
व्रत विशेष…………………………….. नहीं है।
अन्य व्रत…………….. माघ स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष……………………………… नहीं है।
दिन विशेष……………………… आज नहीं है।
विष्टि(भद्रा)……………………….आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………… .आज नहीं है।
खगोलीय………………………. .आज नहीं है।
पंचक………………………….. .आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………… . आज नहीं है।अमृ.सि.योग……………………. .आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………….. .आज नहीं है।
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर का इतिहास
धार्मिक मान्यता महत्व व कथा की जानकारी
विश्व में दो पशुपतिनाथ मंदिर प्रसिद्ध है एक नेपाल के काठमांडू का और दूसरा भारत के मंदसौर का। दोनों ही मंदिर में मूर्तियां समान आकृति वाली है। नेपाल का मंदिर बागमती नदी के किनारे काठमांडू में स्थित है और इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल किया गया है। यह मंदिर भव्य है और यहां पर देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।
पशु अर्थात जीव या प्राणी और पति का अर्थ है स्वामी और नाथ का अर्थ है मालिक या भगवान। इसका मतलब यह कि संसार के समस्त जीवों के स्वामी या भगवान हैं पशुपतिनाथ। दूसरे अर्थों में पशुपतिनाथ का अर्थ है जीवन का मालिक।
माना जाता है कि यह शिवलिंग, वेद लिखे जाने से पहले ही स्थापित हो गया था। पशुपति काठमांडू घाटी के प्राचीन शासकों के अधिष्ठाता देवता रहे हैं। पाशुपत संप्रदाय के इस मंदिर के निर्माण का कोई प्रमाणित इतिहास तो नहीं है किन्तु कुछ जगह पर यह उल्लेख मिलता है कि मंदिर का निर्माण सोमदेव राजवंश के पशुप्रेक्ष ने तीसरी सदी ईसा पूर्व में कराया था।
605 ईस्वी में अमशुवर्मन ने भगवान के चरण छूकर अपने को अनुग्रहीत माना था। बाद में इस मंदिर का पुन: निर्माण लगभग 11वीं सदी में किया गया था। दीमक की वजह से मंदिर को बहुत नुकसान हुआ, जिसकी कारण लगभग 17वीं सदी में इसका पुनर्निर्माण किया गया।
बाद में मध्य युग तक मंदिर की कई नकलों का निर्माण कर लिया गया। ऐसे मंदिरों में भक्तपुर (1480), ललितपुर (1566) और बनारस (19वीं शताब्दी के प्रारंभ में) शामिल हैं। मूल मंदिर कई बार नष्ट हुआ है। इसे वर्तमान स्वरूप नरेश भूपलेंद्र मल्ला ने 1697 में प्रदान किया।
अप्रैल 2015 में आए विनाशकारी भूकंप में पशुपतिनाथ मंदिर के विश्व विरासत स्थल की कुछ बाहरी इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गयी थी जबकि पशुपतिनाथ का मुख्य मंदिर और मंदिर की गर्भगृह को किसी भी प्रकार की हानि नहीं हुई थी।
पशुपतिनाथ मंदिर में भगवान की सेवा करने के लिए 1747 से ही नेपाल के राजाओं ने भारतीय ब्राह्मणों को आमंत्रित किया था। बाद में ‘माल्ला राजवंश’ के एक राजा ने दक्षिण भारतीय ब्राह्मण को मंदिर का प्रधान पुरोहित नियुक्त कर दिया। दक्षिण भारतीय भट्ट ब्राह्मण ही इस मंदिर के प्रधान पुजारी नियुक्त होते रहे थे। वर्तमान में प्रचंड सरकार के काल में भारतीय ब्राह्मणों का एकाधिकार खत्म कर नेपाली लोगों को पूजा का प्रभाव सौंप दिया गया।
ये मंदिर प्रत्येक दिन प्रातः 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुला रहता है। केवल दोपहर के समय और साय पांच बजे मंदिर के पट बंद कर दिए जाते है। मंदिर में जाने का सबसे उत्तम समय सुबह सुबह जल्दी और देर शाम का होता है। पुरे मंदिर परिसर का भ्रमण करने के लिए 90 से 120 मिनट का समय लगता है।
नेपाल में पशुपतिनाथ का मंदिर काठमांडू के पास देवपाटन गांव में बागमती नदी के किनारे स्थित है। मंदिर में भगवान शिव की एक पांच मुंह वाली मूर्ति है। पशुपतिनाथ विग्रह में चारों दिशाओं में एक मुख और एकमुख ऊपर की ओर है। प्रत्येक मुख के दाएं हाथ में रुद्राक्ष की माला और बाएं हाथ में कमंदल मौजूद है। मान्यता अनुसार पशुपतिनाथ मंदिर का ज्योतिर्लिंग पारस पत्थर के समान है।
कहते हैं कि ये पांचों मुंह अलग-अलग दिशा और गुणों का परिचय देते हैं। पूर्व दिशा की ओर वाले मुख को तत्पुरुष और पश्चिम की ओर वाले मुख को सद्ज्योत कहते हैं। उत्तर दिशा की ओर वाले मुख को वामवेद या अर्धनारीश्वर कहते हैं और दक्षिण दिशा वाले मुख को अघोरा कहते हैं। जो मुख ऊपर की ओर है उसे ईशान मुख कहा जाता है।
इस मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति तक पहुंचने के चार दरवाजे बने हुए हैं। वे चारों दरवाजे चांदी के हैं। पश्चिमी द्वार की ठीक सामने शिव जी के बैल नंदी की विशाल प्रतिमा है जिसका निर्माण पीतल से किया गया है। इस परिसर में वैष्णव और शैव परंपरा के कई मंदिर और प्रतिमाएं है। पशुपतिनाथ मंदिर को शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, केदारनाथ मंदिर का आधा भाग माना जाता है।
यह मंदिर हिंदू और बौद्ध वास्तुकला का एक अच्छा मिश्रण है। मुख्य पगोडा शैली का मंदिर सुरक्षित आंगन में स्थित है जिसका संरक्षण नेपाल पुलिस द्वारा किया जाता है। यह मंदिर लगभग 264 हेक्टर क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें 518 मंदिर और स्मारक सम्मिलित है। मंदिर की द्वी स्तरीय छत का निर्माण तांबे से किया गया है जिनपर सोने की परत चढाई गई है।
मंदिर वर्गाकार के एक चबूतरे पर बना है जिसकी आधार से शिखर तक की ऊंचाई 23m 7cm है। मंदिर का शिखर सोने का है जिसे गजुर कहते हैं। परिसर के भीतर दो गर्भगृह है एक भीतर और दुसरी बाहर। भीतरी गर्भगृह वह स्थान है जहां शिव की प्रतिमा को स्थापित किया गया है जबकि बाहरी गर्भगृह एक खुला गलियारा है।
भीतरी आंगन में मौजूद मंदिर और प्रतिमाओं में वासुकि नाथ मंदिर, उन्मत्ता भैरव मंदिर, सूर्य नारायण मंदिर, कीर्ति मुख भैरव मंदिर, बूदानिल कंठ मंदिर हनुमान मूर्ति, और 184 शिवलिंग मूर्तियां प्रमुख रूम से मौजूद है जबकि बाहरी परिसर में राम मंदिर, विराट स्वरूप मंदिर, 12 ज्योतिर्लिंग और पंद्र शिवालय गुह्येश्वरी मंदिर के दर्शन किए जाते हैं। पशुपतिनाथ मंदिर के बाहर आर्य घाट स्थिति है। पौराणिक काल से ही केवल इसी घाट के पानी को मंदिर के भीतर ले जाए जाने का प्रावधान है।
पशुपतिनाथ मंदिर के संबंध में यह मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस स्थान के दर्शन करता है उसे किसी भी जन्म में फिर कभी पशु योनि प्राप्त नहीं होती है।
हालांकि शर्त यह है कि पहले शिवलिंग के पहले नंदी के दर्शन ना करे। यदि वो ऐसा करता है तो फिर अलगे जन्म में उसे पशु बनना पड़ता है। मंदिर की महिमा के बारे में आसपास के लोगों से आप काफी कहानियां भी सुन सकते हैं। मंदिर में अगर कोई घंटा-आधा घंटा ध्यान करता है तो वह जीव कई प्रकार की समस्याओं से मुक्त भी हो जाता है।
- एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव यहां पर चिंकारे का रूप धारण कर निद्रा में चले बैठे थे। जब देवताओं ने उन्हें खोजा और उन्हें वाराणसी वापस लाने का प्रयास किया तो उन्होंने नदी के दूसरे किनारे पर छलांग लगा दी। कहा जाता हैं इस दौरान उनका सींग चार टुकडों में टूट गया था। इसके बाद भगवान पशुपति चतुर्मुख लिंग के रूप में यहां प्रकट हुए थे।
2.दूसरी कथा एक चरवाहे से जुड़ी है। कहते हैं कि इस शिवलिंग को एक चरवाहे द्वारा खोजा गया था जिसकी गाय का अपने दूध से अभिषेक कर शिवलिंग के स्थान का पता लगाया था।
3.तीसरी कथा भारत के उत्तराखंड राज्य से जुडी एक पौराणिक कथा से है। इस कथा के अनुसार इस मंदिर का संबंध केदारनाथ मंदिर से है। कहा जाता है जब पांडवों को स्वर्गप्रयाण के समय शिवजी ने भैंसे के स्वरूप में दर्शन दिए थे जो बाद में धरती में समा गए लेकिन पूर्णतः समाने से पूर्व भीम ने उनकी पुंछ पकड़ ली थी।
जिस स्थान पर भीम ने इस कार्य को किया था उसे वर्तमान में केदारनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। एवं जिस स्थान पर उनका मुख धरती से बाहर आया उसे पशुपतिनाथ कहा जाता है। पुराणों में पंचकेदार की कथा नाम से इस कथा का विस्तार से उल्लेख मिलता है।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज ख़ुद को ज़्यादा आशावादी बनने के लिए प्रेरित करें। इससे न सिर्फ़ आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यवहार लचीला होगा, बल्कि डर, ईर्ष्या और नफ़रत जैसे नकारात्मक मनोभावों में भी कमी आएगी। आर्थिक पक्ष के मजबूत होने की पूरी संभावना है। अगर आपने किसी शख्स को पैसा उधार दिया था तो आज आपको वो पैसा वापस मिलने की उम्मीद है। आपकी परेशानी आपके लिए ख़ासी बड़ी हो सकती है, लेकिन आस-पास के लोग आपके दर्द को नहीं समझेंगे। शायद उन्हें लगता हो कि इससे उन्हें कोई लेना-देना नहीं है। आपका संगी आज आपकी बातों को सुनने से ज्यादा अपनी बातें कहना पसंद करेगा जिसकी वजह से आप थोड़े खिन्न हो सकते हैं। आप क़ामयाबी ज़रूर हासिल करेंगे – बस एक-एक करके महत्वपूर्ण क़दम उठाने की ज़रूरत है। समय का पहिया बहुत तेजी से चलता है इसलिए आज से ही अपने कीमती समय का सही उपयोग करना सीख लें। आप और आपका जीवनसाथी एक-दूसरे से आज एक-दूसरे की ख़ूबसूरत भावनाओं का इज़हार कर सकेंगे।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज आपका ऊर्जा-स्तर ऊँचा रहेगा। संदिग्ध आर्थिक लेन-देन में फँसने से सावधान रहें। नाती-पोतों से आज काफ़ी ख़ुशी मिल सकती है। पुरानी यादों को ज़ेहन में ज़िंदा कर दोस्ती को फिर से तरोताज़ा करने का वक़्त है। आपके लिए आज बहुत सक्रिय और लोगों से मेल-जोल भरा दिन रहेगा। लोग आपसे आपकी राय मांगेंगे और जो भी आप कहेंगे, उसे बिना सोचे मान लेंगे। आज आप नए विचारों से परिपूर्ण रहेंगे और आप जिन कामों को करने के लिए चुनेंगे, वे आपको उम्मीद से ज़्यादा फ़ायदा देंगे। क्या आपको पता है कि आपका जीवनसाथी वाक़ई आपके लिए फ़रिश्ता है। उन पर ग़ौर करें, यह बात आपको ख़ुद-ब-ख़ुद दिख जाएगी।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज किसी ऊँचे और ख़ास इंसान से मिलते समय घबराएँ नहीं और आत्मविश्वास बनाए रखें। यह सेहत के लिए उतना ही ज़रूरी है, जितना काम-धंधे के लिए पैसा। ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने और चालाकी-भरी आर्थिक योजनाओं से बचें। शादी लायक़ युवाओं का रिश्ता तय हो सकता है। किसी दिलचस्प इंसान से मिलने की प्रबल संभावना है। सेमिनार और गोष्ठियों में हिस्सा लेकर आज आप कई नए विचार पा सकते हैं। आपका आकर्षक और चुम्बकीय व्यक्तित्व सभी के दिलों को अपनी तरफ़ खींचेगा। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
अपनी ऊर्जा को व्यक्तित्व-विकास के काम में लगाएँ, जिससे आप और भी बेहतर बन सकें। आपको कई स्रोतों से आर्थिक लाभ होगा। प्रभावशाली और महत्वपूर्ण लोगों से परिचय बढ़ाने के लिए सामाजिक गतिविधियाँ अच्छा मौक़ा साबित होंगी। अपने साथी को भावनात्मक तौर पर ब्लैकमेल करने से बचें। दफ़्तर में अपनी ग़लती स्वीकार करना आपके पक्ष में जाएगा। लेकिन आपको इसे सुधारने के लिए विश्लेषण की ज़रूरत है। आपकी वजह से जिसे नुक़सान हुआ हो, उससे माफ़ी मांगने की ज़रूरत है। याद रखिए कि हर कोई ग़लती करता है, लेकिन केवल बेवकूफ़ ही उन्हें दोहराते हैं। लम्बे वक़्त से लटकी हुई दिक़्क़तों को जल्द ही हल करने की ज़रूरत है और आप जानते हैं कि आपको कहीं-न-कहीं से शुरुआत करनी होगी- इसलिए सकारात्मक सोचें और आज से ही प्रयास शुरू करें। वैवाहिक जीवन के कुछ साइड इफ़ेक्ट्स भी होते हैं; आज आपको इनका सामना करना पड़ सकता है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज आपका बच्चों जैसा भोला स्वभाव फिर सतह पर आ जाएगा और आप शरारती मनोदशा में होंगे। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। एक ख़ुशनुमा और बढ़िया शाम के लिए आपका घर मेहमानों से भर सकता है। कुछ लोगों के लिए नया रोमांस ताज़गी लाएगा और आपको ख़ुशमिज़ाज रखेगा। आज का दिन समझ-बूझ के क़दम उठाने का है, इसलिए तब तक अपने विचार व्यक्त न करें जब तक आप उनकी सफलता के लिए आश्वस्त न हों। यात्रा करना फ़ायदेमंद लेकिन महंगा साबित होगा। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आपकी उम्मीद एक महक से भरे हुए ख़ूबसूरत फूल की तरह खिलेगी। आपका कोई दोस्त आपसे आज बड़ी रकम उधार मांग सकता है, अगर आप उनको यह रकम देते हैं तो आप आर्थिक तंगी में आ सकते हैं। कोई चिट्ठी या ई-मेल पूरे परिवार के लिए अच्छी ख़बर लाएगी। शाम के लिए कोई ख़ास योजना बनाएँ और कोशिश करें कि यह ज़्यादा-से-ज़्यादा मस्ती से भरपूर हो। दफ़्तर में कोई आपकी योजनाओं में अड़ंगा लगा सकता है- इसलिए आँखें खोलकर रखिए और अपने चारों तरफ़ हो रही गतिविधियों के प्रति सजग रहिए। इस राशि के बच्चे आज खेलकूद में दिन बिता सकते हैं, ऐसे में माता-पिता को उनपर ध्यान देना चाहिए क्योंकि चोट लगने की संभावना है। आपका जीवनसाथी आज आपके लिए कुछ बहुत ख़ास करने वाला है।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
अभी जो धुंध आपके चारों तरफ़ छायी हुई है और आपकी प्रगति को बाधित कर रही है, उससे बाहर निकलने का समय है। बिना विचार किये आपको किसी को भी अपना पैसा नहीं देना चाहिए नहीं तो आपको आने वाले वक्त में बड़ी परेशानी है सकती है। दोस्त और जीवनासाथी आराम तथा ख़ुशी देंगे, नहीं तो बाक़ी दिन उबाऊ और नीरस गुज़रेगा। आपके प्रिय/जीवनसाथी का फ़ोन आपका दिन बना देगा। मशहूर लोगों से मेलजोल आपको नई योजनाएँ और आइडिया सुझाएगा। दूसरों को यह बताने के लिए ज़्यादा उतावले न हों कि आज आप कैसा महसूस कर रहे हैं।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज अपने विचारों को आप सकारात्मक रखें, क्योंकि आपको ‘डर’ नाम के दानव का सामना करना पड़ सकता है। नहीं तो आप निष्क्रिय होकर इसका शिकार हो सकते हैं। व्यापाार में मुनाफा आज कई व्यापारियों के चेहरे पर खुशी ला सकता है। ऐसे दोस्तों के पास जाएँ, जिन्हें आपकी ज़रूरत है। अपने प्रिय के साथ सैर-सपाटे पर जाते समय ज़िंदगी को पूरी शिद्दत से जिएँ। किसी नयी परियोजना पर काम करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार लें। अगर आप यात्रा कर रहें है तो सभी ज़रूरी दस्तावेज़ साथ रखना न भूलें। आज आपके वैवाहिक जीवन के सबसे अच्छे दिनों में से एक हो सकता है।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज खीज और चिढ़चिढ़ेपन के अहसास को ख़ुद पर छाने न दें। दिन के दूसरे हिस्से में आर्थिक तौर पर फ़ायदा होगा। यह वक़्त इस बात को समझने का है कि ग़ुस्सा छोटा-पागलपन है और यह आपको बारी नुक़सान की तरफ़ धकेल सकता है। आपके लिए अपने प्रिय से दूर रहना बहुत मुश्किल होगा। व्यवसाय में किसी धोखेबाज़ी से बचने के लिए अपने आँख-कान खुले रखें। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी आज आप अपने लिए समय निकालपाने में सक्षम होंगे। खाली वक्त में आज कुछ रचनात्मक कर सकते हैं। आपका वैवाहिक जीवन आपके परिवार के चलते नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकता है, लेकिन आप दोनों होशियारी से स्थिति संभाल सकते हैं।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज का दिन फ़ायदेमन्द साबित होगा और आप किसी पुरानी बीमारी में काफ़ी आराम महसूस करेंगे। अगर आपका धन से जुड़ा कोई मामला कोर्ट-कचहरी में अटका था तो आज उसमें आपको विजय मिल सकती है और आपको धन लाभ हो सकता है। दूसरों को प्रभावित करने की आपकी क्षमता आपको कई सकारात्मक चीज़ें दिलाएगी। आपको पहली नज़र में किसी से प्यार हो सकता है। यह उन उम्दा दिनों में से एक दिन है जब कार्यक्षेत्र में आप अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की तारीफ करेंगे और आपका बॉस भी आपके काम से खुश होगा। कारोबारी भी आज कारोबार में मुनाफा कमा सकते हैं। आज इस राशि के कुछ छात्र लेपटॉप या टीवी पर कोई मूवी देखकर अपना कीमती समय जाया कर सकते हैं। यह दिन शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक रहेगा।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज कुछ नहीं उअच्छी चीज़ों को ग्रहण करने के लिए आपका दिमाग़ खुला रहेगा। जो लोग दुग्ध उद्योग से जुड़े हैं उन्हें आज आर्थिक लाभ होने की प्रबल संभावना है। पारिवारिक मोर्चे पर चीज़ें अच्छी रहेंगी और अपनी योजनाओं के लिए आप पूरे सहयोग की उम्मीद कर सकते हैं। आप आज प्रेमपूर्ण मनोभाव में होंगे, इसलिए अपने प्रिय के साथ कुछ अच्छा समय बिताने की योजना बनाएँ। आज आप अतिरिक्त ज़िम्मेदारी अपने कंधों पर ले सकते हैं, जो आपके लिए ज़्यादा आय और प्रतिष्ठा का कारण साबित होगी। दिन अच्छा है दूसरों के साथ-साथ आप अपने लिए भी वक्त निकाल पाएंगे।
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