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आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत गांव बाडेला में हुई हरित पहल, वन विभाग ने स्थापित की औषधीय नर्सरी।

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श्रीडूंगरगढ  08 जनवरी 2026

गांवों को स्वस्थ एवं प्राकृतिक जीवनशैली से जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना में चयनित श्रीडूंगरगढ़ के बाडेला गांव में गुरुवार को वन विभाग की टीम ने ग्राम स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक कार्यक्रम का आयोजन कर विद्यार्थियों के साथ रचनात्मक संवाद किया और एक औषधीय पौधों की नर्सरी की शुरुआत की। आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने वाली इस योजना के पहले चरण में बीकानेर जिले की 5 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जिसमें बाडेला भी शामिल है। आयुर्वेद विभाग नोडल एजेंसी के रूप में कार्यरत है, जबकि स्वास्थ्य, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, महिला एवं बाल विकास विभाग,वन विभाग सहित अन्य विभाग सहयोग कर रहे हैं। योजना के तहत 18 सूचकांक को पूरा करने वाली ग्राम पंचायत को 11 लाख रुपए दिए जाएंगे।

सहायक वन संरक्षक  सत्यपाल सिंह ने बताया कि योजना से जुड़े वन विभाग के घटकों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बाडेला में एक नर्सरी स्थापित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस नर्सरी की खास बात यह है कि इसमें स्कूली बच्चों का सक्रिय सहयोग लिया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी में पर्यावरण और आयुर्वेद के प्रति संस्कार विकसित हों।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यनारायण मीणा ने वन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “यह योजना गांव के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। विद्यालय का पूर्ण सहयोग इसके क्रियान्वयन में उपलब्ध रहेगा। विद्यार्थी न केवल नर्सरी कार्यों एवं पौधरोपण में भाग लेंगे, बल्कि इन औषधीय पौधों के गुणों और उपयोग के बारे में भी सीखेंगे।”

इस महत्वपूर्ण पहल की जानकारी देते हुए सहायक वन संरक्षक  सत्यपाल सिंह ने बताया कि इस नर्सरी के माध्यम से लगभग 6000 औषधीय पौधे तैयार किए जाएंगे। इन पौधों को गांव के प्रत्येक घर में वितरित किया जाएगा, ताकि “हर घर आयुर्वेद” की संकल्पना को साकार किया जा सके। प्रत्येक परिवार को 10-10 औषधीय पौधे प्रदान किए जाएंगे।

सहायक वन संरक्षक ने यह भी बताया कि स्कूल परिसर में ही एक एक सुंदर ‘औषधीय वाटिका’ भी विकसित की जाएगी, जो न केवल ग्रामीणों के लिए जड़ी-बूटियों का स्रोत बनेगी, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक प्राकृतिक प्रयोगशाला और ज्ञान केंद्र का भी काम करेगी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यनारायण मीणा ने इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास दिलाया कि योजना को सफल बनाने के लिए स्कूल प्रशासन हर संभव सहयोग करेगा।

कार्यक्रम में सहायक वन संरक्षक सत्यपाल सिंह के अलावा सहायक वनपाल हेमराज, वनरक्षक सुभाष एवं श्रीमती द्रोपती तथा विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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