श्रीडूंगरगढ़ टुडे 8 जनवरी 2026
शहर के बाहर स्थित डंपिंग यार्ड में खुले में जैव चिकित्सा अपशिष्ट के अनियमित निस्तारण का गंभीर मामला सामने आया है। निरीक्षण के दौरान उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट शुभम शर्मा ने पाया कि बायो-मेडिकल कचरे के कारण जहां एक ओर जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर निराश्रित गौवंश द्वारा अपशिष्ट निगलने से उनकी असामयिक मृत्यु भी हो रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने उपखण्ड स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया है। यह समिति शहरी क्षेत्र श्रीडूंगरगढ़ में संचालित सभी सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सा संस्थानों, लैब्स और मेडिकल स्टोर्स में बायो-मेडिकल अपशिष्ट निस्तारण की संयुक्त रूप से जांच करेगी और रिपोर्ट एसडीएम को प्रस्तुत करेगी।
इन अधिकारियों को किया गया शामिल
गठित समिति में तहसीलदार श्रीडूंगरगढ़ को अध्यक्ष, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सदस्य सचिव, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका और थानाधिकारी पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ को सदस्य बनाया गया है।
नियमों की पालना अनिवार्य
समिति को निर्देश दिए गए हैं कि सभी चिकित्सा संस्थानों को बायो-मेडिकल अपशिष्ट का व्यवस्थित पृथक्करण, संग्रहण, उपचार और वैज्ञानिक निपटान पर्यावरण सुरक्षा मानकों के अनुसार सुनिश्चित करवाया जाए, ताकि संक्रमण और प्रदूषण से बचाव हो सके।
प्रशासन के इस कदम से क्षेत्र में स्वास्थ्य सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




