श्रीडूंगरगढ़ टुडे 15 जनवरी 2026
राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ के तत्वावधान में प्रदेश भर के योग प्रशिक्षक अपनी वाजिब मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। आगामी 28 जनवरी 2026 (गुरुवार) को राजधानी जयपुर के शहीद स्मारक पर महासंघ द्वारा एक विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।
महासंघ के प्रदेश संरक्षक योगाचार्य ओम प्रकाश कालवा और प्रदेश अध्यक्ष योगाचार्य रामावतार यादव ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार लंबे समय से योग प्रशिक्षकों की अनदेखी कर रही है। अब योग प्रशिक्षक चुप नहीं बैठेंगे और अपनी मांगों को मनवाकर ही दम लेंगे।
ये हैं प्रमुख मांगें:
महासंघ ने सरकार के समक्ष जो मांग पत्र रखा है, उसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
स्थायीकरण व कार्य दिवस वृद्धि: HWC, AHWC और पीएम श्री (PM-SHRI) योजनाओं में कार्यरत योग शिक्षकों को स्थायी किया जाए और उनकी कक्षाओं को महीने में 10 दिन से बढ़ाकर पूरे 30 दिन किया जाए।
सम्मानित मानदेय: योग प्रशिक्षकों को एक सम्मानजनक मानदेय दिया जाए अन्य राज्यों की तर्ज पर मानदेय 27000 मासिक जिससे वे अपना जीवन यापन कर सकें।
योग बोर्ड का गठन: राज्य में योग के प्रचार-प्रसार और नियमन के लिए एक स्वतंत्र ‘योग बोर्ड’ का गठन हो।
अनिवार्य विषय: विद्यालयों में योग को एक अनिवार्य और स्वतंत्र विषय के रूप में शामिल किया जाए।
नयी भर्तियां: स्कूल, कॉलेज, बैंक, पुलिस विभाग और जेल आदि में योग शिक्षक के नए पद सृजित कर विज्ञप्ति जारी की जाए।
प्रदेश भर से जुटेंगे योग साधक
प्रदेश महासचिव योगाचार्य रवींद्र सिंह माल और कार्यकारी अध्यक्ष योगाचार्य राकेश कुमार तूनवाल ने बताया कि इस धरने में प्रदेश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में योग प्रशिक्षक शामिल होंगे।
महासंघ की अपील
प्रदेश महामंत्री योगाचार्य जय सिंह जांगिड और मीडिया प्रभारी योगाचार्य बलराम बेनीवाल ने प्रदेश के समस्त योग प्रशिक्षकों से आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में 28 जनवरी को जयपुर पहुंचें और इस आंदोलन को सफल बनाएं ताकि योग और योग प्रशिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश महासचिव डॉ. मनोज सैनी सहित अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।




