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कोयंबटूर में विश्व हिंदी दिवस का द्विदिवसीय आयोजन, हिंदी-तमिल संगम पर हुई चर्चा

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 श्रीडूंगरगढ़ टुडे 17 जनवरी 2026

तमिलनाडु हिंदी साहित्य अकादमी, चेन्नई और पीएसजीआर कृष्णम्माल महिला महाविद्यालय, कोयंबटूर के संयुक्त तत्वावधान में विश्व हिंदी दिवस का कार्यक्रम 8 और 9 जनवरी को आयोजित किया गया। पहले दिन का आयोजन अनन्या नेस्ट होटल के कॉन्फ्रेंस हाल में हुआ, जबकि दूसरे दिन का कार्यक्रम कृष्णम्माल कॉलेज परिसर में संपन्न हुआ। पहले दिन स्वागत, अभिनंदन और संगोष्ठी सत्र का आयोजन किया गया, जिसका विषय माखनलाल चतुर्वेदी और सुब्रमण्यम भारती का चिंतन रहा।

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य, पूर्व कुलपति, वी बी सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर ने की। मुख्य अतिथि प्रमुख उद्योगपति चंद्र प्रकाश गोयनका रहे। कार्यक्रम का संचालन कुमुद वाष्र्णेय ने किया। अकादमी के महासचिव ईश्वर करुण ने संस्था का परिचय दिया। इस अवसर पर देश के प्रसिद्ध शैलीवैज्ञानिक, लेखक और साहित्य भूषण से सम्मानित, रुहेलखंड विश्वविद्यालय बरेली के पूर्व परीक्षा समन्वयक तथा आर एस एम महाविद्यालय धामपुर के सेवानिवृत्त प्राध्यापक शंकर क्षेम को अति विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान प्रदान किया गया। डॉ कंचन शर्मा को शिक्षण और महिला सशक्तीकरण के लिए विशिष्ट सम्मान, जबकि डॉ पी बी वनिता और नंद सारस्वत श्रीडूंगरगढ़ निवासी हाल बेंगलुरु को अति विशिष्ट सम्मान दिया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए शंकर क्षेम ने कहा कि तमिल हिंदी संगम कोई नया प्रयोग नहीं बल्कि एक प्राचीन परंपरा है। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा की उत्पत्ति अगस्त मुनि से जुडी है और हिंदी की जननी संस्कृत मानी जाती है। मुख्य अतिथि चंद्र प्रकाश गोयनका ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर निर्मला मौर्य ने विश्व हिंदी दिवस के उद्देश्य और वैश्विक स्तर पर हिंदी के बढते प्रभाव पर बात की तथा माखनलाल चतुर्वेदी और सुब्रमण्यम भारती के राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय चेतना पर विस्तार से चर्चा की। विशिष्ट अतिथि प्रणव तिवारी ने हिंदी भाषा की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। इसी सत्र में शंकर क्षेम की कृतियों सीतायनी, भीष्म पितामह शरशैया से और अमृतलाल नागर एक साक्षात्कार का दक्षिण भारत में लोकार्पण किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वानों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। कवि सम्मेलन में कवियों ने रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर किया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ प्रथम दिन का कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दूसरे दिन 9 जनवरी को कृष्णम्माल कॉलेज में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत सृजनात्मक लेखन कार्यशाला आयोजित की गई। कॉलेज की सचिव डॉ एस यशोदा देवी और प्राचार्य डॉ पी बी हारत्ती ने अतिथियों का स्वागत किया और हिंदी के प्रसार की सराहना की। अकादमी की ओर से सचिव, प्राचार्य और विभागाध्यक्ष का सम्मान किया गया। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ पद्मावती ने कार्यशाला की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। प्रोफेसर निर्मला एस मौर्य ने कहानी लेखन, नंद सारस्वत ने कविता लेखन और डॉ कंचन शर्मा ने लघु निबंध लेखन पर मार्गदर्शन दिया। विद्यार्थियों ने भी सक्रिय भागीदारी की और कार्यशाला को उपयोगी बताया। कार्यक्रम में तमिलनाडु के साथ साथ आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक से आए हिंदी सेवी भी उपस्थित रहे। प्रणव तिवारी, आलोक जायसवाल, कुमुद वाणेय, बी वनिता, नंद सारस्वत, प्रोफेसर शशि प्रभा, डॉ मधु विनय, श्रीमती श्रीदेवी और श्रीमती पार्वती सहित अनेक लोगों के सहयोग से आयोजन सफल रहा।

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