श्रीडूंगरगढ़ टुडे 19 जनवरी 2026
अपने जन्मदिन पर फिजूलखर्ची से बचकर गायों को चारा खिलाकर उनकी देखभाल करके और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इन दिनों गौ माताओं के साथ जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगांठ मनाना भारतीय संस्कृति में एक लोकप्रिय और पूजनीय तरीका बन गया है।
सोमवार को बीकानेर निवासी पंडित पंकज पुरोहित ने उनकी संगिनी सुनीता पुरोहित ने गौ माताओं को गुड़-खल-चूरी का भंडारा समर्पित कर अपनी 25वीं वैवाहिक वर्षगांठ मनाई।
वहीं दुलचासर मूंधड़ा परिवार के पुरखचन्द मूंधड़ा की सुपुत्री सरिता व दामाद आलोक मोहता सींथल ने गुड़, खल, मूंग चूरी का भंडारा गोवंश को समर्पित कर अपनी वैवाहिक वर्षगांठ मनाई।
बेंगलुरु प्रवासी विमल कुमार छाजेड़ की दोहिती हुबली प्रवासी कस्वी बैद एवं रतनगढ़ की शिवानी भाटी ने गोवंश को गुड़ खिलाकर जन्म दिवस मनाया। गौशाला कमेटी ने गौ सेवा कर वैवाहिक वर्षगांठ एवं जन्मोत्सव मनाने वाले दानदाताओं को बधाई देते हुए आभार जताया। गौशाला प्रबंधक अगरसिंह पड़िहार ने बताया कि गांव कोटासर की गौशाला जिले में प्रथम श्रेणी की सर्वश्रेष्ठ गौशाला से पुरस्कृत है एवं प्रत्येक गौ सेवा की फुल प्रदर्शित एवं प्रत्येक भामाशाहों के जन्मोत्सव वैवाहिक पुरस्कार एवं अन्य पर्वों पर बड़ी एलइडी स्क्रीन पर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सेवा की पर्दिशित की जा रही है। गौशाला कि प्रत्येक गतिविधि सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए ऑनलाइन अपडेट होने की वजह से क्षेत्र के एवं प्रवासी दानदाताओं ने कोटा सर की श्री करणी गौशाला पर भरोसा जताया है। गौशाला से जुड़े हुए सभी दानदाता प्रतिदिन अपने परिवार जनों के जन्मोत्सव एवं वैवाहिक वर्षगांठ गौ सेवा कर मना रहे हैं।














