श्रीडूंगरगढ़ टुडे 23 जनवरी 2026
एनडीपीएस के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए डोडा पोस्त के साथ पकड़े गए दो आरोपियों लालचंद और मुन्नीराम की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश सरिता नौशाद ने कहा कि बरामद मादक पदार्थ की मात्रा अधिक है और मामला गंभीर प्रकृति का है।
क्या है पूरा मामला?
15 जनवरी 2026 को पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ की गश्ती टीम जयपुर-बीकानेर हाईवे पर संदू देवी पारख कॉलेज के पास सर्विस रोड पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति पुलिस वाहन देखकर भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस ने संदेह के आधार पर दोनों को रोका। तलाशी के दौरान बाइक पर रखे थैले से सात किलो 980 ग्राम डोडा पोस्त चूरा व छिलका बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया।
आरोपियों की ओर से कहा गया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है, कोई वास्तविक बरामदगी नहीं हुई और वे 19 जनवरी से न्यायिक हिरासत में हैं। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि लालचंद का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और जांच में समय लग सकता है।
वही अपर लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले में भारी मात्रा में डोडा पोस्त बरामद हुआ है। साथ ही आरोपी मुन्नीराम का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है, ऐसे में जमानत देना उचित नहीं होगा।
कोर्ट ने की खारिज की जमानत याचिका
कोर्ट ने सभी तथ्यों, बरामद मादक पदार्थ की मात्रा, अपराध की गंभीरता और आरोपी मुन्नीराम के आपराधिक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए कहा कि इस स्तर पर जमानत देना न्यायोचित नहीं है। इसलिए कोर्ट ने लालचंद और मुन्नीराम की जमानत याचिका खारिज कर दी।









