Menu
2 मार्च 2026,सोमवार, होलिका दहन की हार्दिक शुभकानमाओं के साथ देखें,आज का पंचांग व राशिफल साथ जानें रोजाना और भी नई कुछ खास बातें पंडित नरेश सारस्वत रीड़ी के साथ  |  श्री ओसवाल पंचायत भवन में जे.पी. हॉल उद्घाटन एवं अर्हम भवन शिलान्यास 4 मार्च को  |  श्री गोपाल गौशाला दुलचासर में मूंधड़ा परिवार ने गौवंश के लिए समर्पित किया एक पेटी गुड़  |  सीए फाइनल में श्रीडूंगरगढ़ के हर्ष सिंघी ने रचा इतिहास, 22 साल की उम्र में पहले अटेंप्ट में मिली सफलता  |  सूडसर उपडाकघर बचाओ संघर्ष समिति का धरना 34वें दिन भी रहा जारी, धरनार्थियों ने डाक विभाग को जगाने के लिए बजाए पींपे  | 

राजस्थान के कोने-कोने में सुलग रही विरोध की आग, ऑनलाइन ‘वार रूम’ से तैयार हो रही महा-आंदोलन की रणनीति ।

Post BannerPost BannerPost BannerPost BannerPost BannerPost BannerPost BannerPost BannerPost BannerPost Banner

श्रीडूंगरगढ़ टुडे 23 जनवरी 2026

राजस्थान की राजधानी जयपुर में आगामी 28 जनवरी 2026 को एक ऐसा मंजर देखने को मिलने वाला है, जो इतिहास में दर्ज होगा। राजस्थान योग प्रशिक्षक महासंघ ने अब ‘अनिनय-विनय’ का रास्ता छोड़कर ‘आर-पार की लड़ाई’ का शंखनाद कर दिया है। शहीद स्मारक पर होने वाला यह विशाल धरना प्रदर्शन केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों योग शिक्षकों के दबे हुए आक्रोश का ज्वालामुखी है जो अब फटने को तैयार है।

ऑनलाइन मीटिंग्स में बन रही ‘चक्रव्यूह’ जैसी रणनीति पिछले 48 घंटों से प्रदेश भर के योग प्रशिक्षकों के मोबाइल और लैपटॉप शांत नहीं हुए हैं। महासंघ के पदाधिकारी दिन-रात मैराथन ऑनलाइन मीटिंग्स ले रहे हैं। हर जिले हर तहसील और हर ब्लॉक स्तर पर वर्चुअल वॉर रूम’ तैयार किए गए हैं। सूत्रों की मानें तो, जिलावार हो रही इन गुप्त और रणनीतिक बैठकों में जयपुर कूच का ऐसा प्लान तैयार किया गया है कि प्रशासन भी सकते में आ सकता है। हर जिले से बसों और निजी वाहनों का काफिला 27 जनवरी की रात से ही जयपुर की ओर रवाना होना शुरू हो जाएगा।

मांग नहीं, अब ‘हक’ छीनने की तैयारी पोस्टरों और बैनरों ने साफ़ कर दिया है कि योग शिक्षक अब लॉलीपॉप से नहीं मानने वाले। महासंघ ने CSR रूल 2022 के तहत सीधे स्थायीकरण और ₹27,000 मानदेय की हुंकार भरी है।

सबसे बड़ा सवाल: जो योग शिक्षक पूरे समाज को निरोग रख रहा है, उसे महीने में मात्र 10 दिन का रोजगार क्यों?
सीधी चेतावनी: 10 दिन नहीं, अब पूरे 30 दिन का काम और दाम चाहिए।

इन चेहरों के नेतृत्व में होगा महा-संग्राम’ आंदोलन की कमान योगगुरु ओमप्रकाश कालवा (प्रदेश संरक्षक) और योगाचार्य रामावतार यादव (प्रदेश अध्यक्ष) सहित प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष राकेश तुनवाल, प्रदेश महासचिव रविन्द्र गुर्जर अपने हाथों में ले ली है। महासंघ ने ऑनलाइन संवाद के जरिए प्रदेश के कोने-कोने में जोश भर दिया है। योगचार्यों का साफ़ कहना है— “सरकार ने हमारी चुप्पी को हमारी कमजोरी समझ लिया था, लेकिन 28 जनवरी को जब जयपुर की सड़कें ‘भगवा’ और ‘सफ़ेद’ कपड़ों में लिपटे योग शिक्षकों से पट जाएंगी, तब सरकार की नींद टूटेगी।”

प्रमुख मांगें जो बनेंगी सरकार के गले की फांस:

  1. CHC, PHC और आयुर्वेद (AHW) सेंटर्स पर कार्यरत शिक्षकों को CSR रूल 2022 में डालकर नियमित किया जाए।
  2. वेतन विसंगति ख़त्म हो: अन्य राज्यों की तर्ज पर ₹27,000 फिक्स मानदेय मिले।
  3. PM श्री विद्यालयों में ‘गेस्ट’ नहीं, ‘फुल टाइम’ परमानेंट नियुक्ति हो।
  4. योग बोर्ड का गठन तत्काल प्रभाव से लागू हो।

प्रशासन अलर्ट मोड पर लगातार चल रही इन हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन मीटिंग्स और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टर्स को देखते हुए खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि 28 तारीख को शहीद स्मारक पर पैरा रखने की जगह नहीं मिलेगी।

अंतिम आवाहन महासंघ ने खुले शब्दों में कह दिया है

यह लड़ाई किसी एक की नहीं, हर उस घर की है जिसका बेटा/बेटी योग की डिग्री लेकर बेरोजगार बैठा है। अभी नहीं तो कभी नहीं!”


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

home होम live_tv लाइव टीवी
WhatsApp sports_cricket क्रिकेट subscriptions यूट्यूब