श्रीडूंगरगढ़ टुडे 24 जनवरी 2026
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
जय श्री गणेशाय नमः
जय श्री कृष्णा
आज का पचांग-24.01.2026
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ शनिवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
🕉️✴️🌄🏵️🌞🏵️🌄✴️🕉️
आज विशेष
हिंदू पूजा पद्धति से जुड़े 30 आवश्यक नियम
जिनकी जानकारी हर हिंदू को होनी चाहिए
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………….24.01.2026
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर………………………….श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………… उत्तर
गोल………………………. …………..दक्षिण
ऋतु………………………………….. शिशिर
मास…………………………………….. माघ
पक्ष…………………………………….. शुक्ल
तिथि…….षष्ठी. रात्रि. 12.40* तक/ सप्तमी
वार………………………………….. शनिवार
नक्षत्र….. उ.भाद्रपद.अपरा.2.16 तक/ रेवती
चंद्रमा……………….. मीन. (संपूर्ण अहोरात्र)
योग…………शिव. अपरा. 2.01 तक / सिद्ध
करण……………..कौलव. अपरा. 1.15 तक
करण…….. तैत्तिल. रात्रि. 12.40* तक / गर
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………प्रातः 07.18.49 पर
सूर्यास्त……………….. सायं. 06.08.26 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 10.49.36
रात्रिमान………………………….13.10.06
चंद्रोदय………………….10.34.28 AM पर
चंद्रास्त………………….11.27.22 PM पर
राहुकाल.प्रातः11.01 से 12.22 तक(अशुभ)
यमघंट…….अपरा. 2.05 से 3.26 तक(शुभ)
गुलिक……प्रातः 7.19 से 8.40(शुभे त्याज्य)
अभिजित……..मध्या.12.22 से 1.05 (शुभ)
पंचक………………………………… जारी है।
पंचक समाप्ति..25.01.2026. / 1.36 PM
हवन मुहूर्त आज……………………….नहीं है।
हवन मुहूर्त कल………………………..नहीं है।
दिशाशूल…………………………… पूर्व दिशा
दोष परिहार……उड़द का सेवन कर यात्रा करें
आज का दिन
व्रत विशेष…………………….. आज नहीं है।
व्रत विशेष…..गुप्त नवरात्रि व्रत विधान जारी
गुप्त नवरात्रि..षष्टम्.(मां त्रिपुर सुन्दरी पूजन)
अन्य व्रत…………….माघ स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष…………………….. आज नहीं है।
दिन विशेष……….. अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस
विष्टि(भद्रा)……………………. आज नहीं है।
खगोलीय……. श्रवणे रवि. प्रातः 10.50 पर
सर्वा.सि.योग………………….. आज नहीं है।अमृ.सि.योग………………….. आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग…..अपरा. 2.16 से रात्रि पर्यंत
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
दिनांक……………………….25.01.2026
तिथि………….. माघ शुक्ला सप्तमी रविवार
व्रत विशेष…………………….. आज नहीं है।
व्रत विशेष…..गुप्त नवरात्रि व्रत विधान जारी
गुप्त नवरात्रि……सप्तम्.(मां धूमावती पूजन)
अन्य व्रत…………….माघ स्नान व्रत जारी है।
दिवस विशेष……………….श्री नर्मदा जयंती
पर्व विशेष……………श्री देवनारायण जयंती
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल– सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है। यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं।और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट
लग्न / ग्रह – राशि – अंश – कला – चरणाक्षर
लग्न ………मकर 9°24′ उत्तराषाढ़ा 4 जी
सूर्य ………मकर 9°51′ उत्तराषाढ़ा 4 जी
चन्द्र ……मीन 12°45′ उत्तरभाद्रपद 3 झ
बुध ^ ……….मकर 11°30′ श्रवण 1 खी
शुक्र ^ …………मकर 14°1′ श्रवण 2 खू
मंगल ^ … मकर 6°20′ उत्तराषाढ़ा 3 जा
बृहस्पति * … मिथुन 24°5′ पुनर्वसु 2 को
शनि …….. मीन 3°45′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ……..कुम्भ 16°48′ शतभिषा 4 सू
केतु * … सिंह 16°48′ पूर्व फाल्गुनी 2 टा
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
शुभ……………..प्रातः 8.40 से 10.01 तक
चंचल………….अपरा. 12.44 से 2.05 तक
लाभ…………….अपरा. 2.05 से 3.26 तक
अमृत……………अपरा. 3.26 से 4.47 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
लाभ……….सायं-रात्रि. 6.08 से 7.47 तक
शुभ…………….रात्रि. 9.26 से 11.05 तक
अमृत…..रात्रि. 11.05 से 12.43 AM तक
चंचल..रात्रि.12.43 AM से 2.22 AM तक
लाभ….रात्रि. 5.40 AM से 7.19 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष –यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षर
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
08.21 AM तक—उ.भाद्रपद—3——-झ
02.16 PM तक—उ.भाद्रपद—4——-ञ
राशि मीन – पाया लौह
08.07 PM तक——–रेवती—1——-दे
01.58 AM तक——–रेवती—2——दो
उपरांत रात्रि तक——–रेवती—3——-च
राशि मीन – पाया स्वर्ण
. ✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
हिंदू पूजा पद्धति से जुड़े 30 आवश्यक नियम
जिनकी जानकारी हर हिंदू को होनी चाहिए
सुखी और समृद्धिशाली जीवन के लिए देवी-देवताओं के पूजन की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। आज भी बड़ी संख्या में लोग इस परंपरा को निभाते हैं। पूजन से हमारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, लेकिन पूजा करते समय कुछ खास नियमों का पालन भी किया जाना चाहिए।
अन्यथा पूजन का शुभ फल पूर्ण रूप से प्राप्त नहीं हो पाता है। यहां 30 ऐसे नियम बताए जा रहे हैं जो सामान्य पूजन में भी ध्यान रखना चाहिए। इन बातों का ध्यान रखने पर बहुत ही जल्द शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।
ये नियम इस प्रकार हैं
1- सूर्य, गणेश, दुर्गा, शिव और विष्णु, ये पंचदेव कहलाते हैं, इनकी पूजा सभी कार्यों में अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। प्रतिदिन पूजन करते समय इन पंचदेव का ध्यान करना चाहिए। इससे लक्ष्मी कृपा और समृद्धि प्राप्त होती है।
2- शिवजी, गणेशजी और भैरवजी को तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए।
3- मां दुर्गा को दूर्वा (एक प्रकार की घास) नहीं चढ़ानी चाहिए। यह गणेशजी को विशेष रूप से अर्पित की जाती है।
4- सूर्य देव को शंख के जल से अर्घ्य नहीं देना चाहिए।
5_ तुलसी का पत्ता बिना स्नान किए नहीं तोड़ना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति बिना नहाए ही तुलसी के पत्तों को तोड़ता है तो पूजन में ऐसे पत्ते भगवान द्वारा स्वीकार नहीं किए जाते हैं।
6- शास्त्रों के अनुसार देवी-देवताओं का पूजन दिन में पांच बार करना चाहिए। सुबह 5 से 6 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त में पूजन और आरती होनी चाहिए। इसके बाद प्रात: 9 से 10 बजे तक दूसरी बार का पूजन। दोपहर में तीसरी बार पूजन करना चाहिए।
इस पूजन के बाद भगवान को शयन करवाना चाहिए। शाम के समय चार-पांच बजे पुन: पूजन और आरती। रात को 8-9 बजे शयन आरती करनी चाहिए। जिन घरों में नियमित रूप से पांच * पूजन किया जाता है, वहां सभी देवी-देवताओं का वास होता है और ऐसे घरों में धन-धान्य की कोई कमी नहीं होती है।
7- प्लास्टिक की बोतल में या किसी अपवित्र धातु के बर्तन में गंगाजल नहीं रखना चाहिए। अपवित्र धातु जैसे एल्युमिनियम और लोहे से बने बर्तन। गंगाजल तांबे के बर्तन में रखना शुभ रहता है।
8- स्त्रियों को और अपवित्र अवस्था में पुरुषों को शंख नहीं बजाना चाहिए। यह इस नियम का पालन नहीं किया जाता है तो जहां शंख बजाया जाता है, वहां से देवी लक्ष्मी चली जाती हैं।
9- मंदिर और देवी-देवताओं की मूर्ति के सामने कभी भी पीठ दिखाकर नहीं बैठना चाहिए।
10- केतकी का फूल शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए।
11- किसी भी पूजा में मनोकामना की सफलता के लिए दक्षिणा अवश्य चढ़ानी चाहिए। दक्षिणा अर्पित करते समय अपने दोषों को छोड़ने का संकल्प लेना चाहिए। दोषों को जल्दी से जल्दी छोड़ने पर मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होंगी।
12-दूर्वा (एक प्रकार की लंबी गांठ वाली घास) रविवार को नहीं तोडऩी चाहिए।
13_ मां लक्ष्मी को विशेष रूप से कमल का फूल अर्पित किया जाता है। इस फूल को पांच दिनों तक जल छिड़क कर पुन: चढ़ा सकते हैं।
14-शास्त्रों के अनुसार शिवजी को प्रिय बिल्व पत्र छह माह तक बासी नहीं माने जाते हैं। अत: इन्हें जल छिड़क कर पुन: शिवलिंग पर अर्पित किया जा सकता है।
15- तुलसी के पत्तों को 11 दिनों तक बासी नहीं माना जाता है। इसकी पत्तियों पर हर रोज जल छिड़कर पुन: भगवान को अर्पित किया जा सकता है।
16- आमतौर पर फूलों को हाथों में रखकर हाथों से भगवान को अर्पित किया जाता है। ऐसा नहीं करना चाहिए। फूल चढ़ाने के लिए फूलों को किसी पवित्र पात्र में रखना चाहिए और इसी पात्र में से लेकर देवी-देवताओं को अर्पित करना चाहिए।
17-तांबे के बर्तन में चंदन, घिसा हुआ चंदन या चंदन का पानी नहीं रखना चाहिए।
18- हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी दीपक से दीपक नहीं जलाना चाहिए। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति दीपक से दीपक जलते हैं, वे रोगी होते हैं।
19- बुधवार और रविवार को पीपल के वृक्ष में जल अर्पित नहीं करना चाहिए।
20- पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख रखकर करनी चाहिए। यदि संभव हो सके तो सुबह 6 से 8 बजे के बीच में पूजा अवश्य करें।
21- पूजा करते समय आसन के लिए ध्यान रखें कि बैठने का आसन ऊनी होगा तो श्रेष्ठ रहेगा।
22- घर के मंदिर में सुबह एवं शाम को दीपक अवश्य जलाएं। एक दीपक घी का और एक दीपक तेल का जलाना चाहिए।
23- पूजन-कर्म और आरती पूर्ण होने के बाद उसी स्थान पर खड़े होकर 3 परिक्रमाएं अवश्य करनी चाहिए।
24- रविवार, एकादशी, द्वादशी, संक्रान्ति तथा संध्या काल में तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए।
25-भगवान की आरती करते समय ध्यान रखें ये बातें- भगवान के चरणों की चार बार आरती करें, नाभि की दो बार और मुख की एक या तीन बार आरती करें। इस प्रकार भगवान के समस्त अंगों की कम से कम सात बार आरती करनी चाहिए।
26- पूजाघर में मूर्तियाँ 1 ,3 , 5 , 7 , 9 ,11 इंच तक की होनी चाहिए, इससे बड़ी नहीं तथा खड़े हुए गणेश जी,सरस्वतीजी, लक्ष्मीजी, की मूर्तियाँ घर में नहीं होनी चाहिए।
27-गणेश या देवी की प्रतिमा तीन तीन, शिवलिंग दो,शालिग्राम दो,सूर्य प्रतिमा दो,गोमती चक्र दो की संख्या में कदापि न रखें।
28-अपने मंदिर में सिर्फ प्रतिष्ठित मूर्ति ही रखें उपहार,काँच, लकड़ी एवं फायबर की मूर्तियां न रखें एवं खण्डित, जलीकटी फोटो और टूटा काँच तुरंत हटा दें। शास्त्रों के अनुसार खंडित मूर्तियों की पूजा वर्जित की गई है।
जो भी मूर्ति खंडित हो जाती है, उसे पूजा के स्थल से हटा देना चाहिए और किसी पवित्र बहती नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। खंडित मूर्तियों की पूजा अशुभ मानी गई है। इस संबंध में यह बात ध्यान रखने योग्य है कि सिर्फ शिवलिंग कभी भी, किसी भी अवस्था में खंडित नहीं माना जाता है।
29-मंदिर के ऊपर भगवान के वस्त्र, पुस्तकें एवं आभूषण आदि भी न रखें मंदिर में पर्दा अति आवश्यक है अपने पूज्य माता –पिता तथा पित्रों का फोटो मंदिर में कदापि न रखें, उन्हें घर के नैऋत्य कोण में स्थापित करें।
30-विष्णु की चार, गणेश की तीन,सूर्य की सात, दुर्गा की एक एवं शिव की आधी परिक्रमा कर सकते हैं।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज के दिन आपको पहले जैसी सुविधा नही मिलेगी प्रत्येक कार्य मे विघ्न बाधाए आएंगी पूर्व में बनाई योजनाए आज किसी कमी के कारण अधूरी रह सकती है। कार्य क्षेत्र पर छोटी सी चूंक से बड़ा नुकसान होने की संभावना है। आर्थिक हानि होने की सम्भवना है। स्वास्थ्य भी विपरीत रहने से कार्यो के प्रति उत्साहहीनता रहेगी। कार्य क्षेत्र पर आर्थिक कारणों से किसी से झड़प हो सकती है। परिचित आवश्यकता पड़ने पर टालमटोल करेंगे। व्यवहार को संतुलित बनाये रखें अन्यथा भविष्य में होंने वाले लाभ से भी वंचित रहना पड़ेगा। परिवार में आपके कारण विवाद हो सकता है। वाणी अथवा व्यवहार से किसी को ठेस ना पहुंचे इसका ध्यान रखें। आज किसी अन्य के काम हाथ मे ना लें।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपका सार्वजनिक जीवन बेहतर बनेगा लेकिन दिखावे की मानसिकता रहने के कारण आवश्यकता से अधिक खर्च करेंगे जिसके फलस्वरूप बजट प्रभावित होगा। सेहत आज सामान्य रहेगी लेकिन पुराने रक्त अथवा चर्म रोग की समस्या फिर से बन सकती है। कार्य व्यवसाय को लेकर आज थोड़े लापरवाह रहेंगे लेकिन मध्यान बाद धन की आवश्यकता पड़ने पर स्वभाव में गंभीरता आ जायेगी। आज समय पर कोई काम।नही आएगा धन के व्यवहार ना चाहकर भी करने पड़ेंगे। घर मे वातावरण शांत रहेगा महिलाए प्रतिस्पर्धा के कारण स्वयं को अन्य से निम्न आंकने पर दुखी होंगी।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज के दिन आप अपनी महत्त्वकांक्षाओ की पूर्ति कर सकेंगे। दिन का पहला भाग आनंद से व्यतीत करेंगे सुख के लगभग सभी साधन उपलब्ध होंगे। कार्य क्षेत्र से धन के साथ सम्मान की भी प्राप्ति होगी। व्यापार में विस्तार करने की योजना गति पकड़ेगी निकट भविष्य में आय के नए मार्ग खुलेंगे। परिजनों की इच्छा पूर्ती होने से संबंधो में मधुरता बढ़ेगी। आज आपका मधुर व्यवहार सामाजिक क्षेत्र पर भी प्रसिद्धि दिलाएगा। धन लाभ के प्रबल योग है परंतु जल्दबाजी में गलत जगह निवेश भी हो सकता है। परिजन-मित्रो के साथ उत्तम भोजन वाहन सुख मिलेगा। संध्या का समय प्रेम-प्यार के लिए भी यादगार रहेगा। सुखोपभोग के खर्च लगे रहेंगे।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन लाभप्रद रहेगा लेकिन आज आपको भ्रम में डालने वाली परिस्थितियों से बुद्धि विवेक द्वारा स्वयं ही विजय पानी होगी। काम-धंधा आरम्भ में आशा से कम रहेगा अव्यवस्था भी रहेगी मध्यान बाद अचानक तेजी आने से संभलने का अवसर नही मिलेगा फिर भी संध्या तक आशानुकूल धन लाभ होने से प्रसन्न रहेंगे। नौकरी पेशा जातक अधिक कार्यभार के कारण थकान अनुभव करेंगे। निराशा में सरकारी विरोधी कार्य से बचे सरकार संबंधित कार्यो में भी आज प्रयास करने पर गति आएगी। स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव आएगा लेकिन इसका दैनिक कार्यो पर असर नहीं पड़ेगा। घर में शांति रहेगी।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन उतारचढ़ाव वाला रहेगा। जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उसमे पहले सेहत बाधा डालेगी बाद में आर्थिक अथवा अन्य पारिवारिक उलझनों के चलते बीच मे ही छोड़ना पड़ेगा। स्वास्थ्य को लेकर आज विशेष सतर्क रहें असंयमित दिनचार्य के कारण कमजोरी एवं मासपेशी संबंधित तकलीफ हो सकती है। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन केवल संभावनाओ पर आधारित रहेगा। धन लाभ की आशाये जागेगी लेकिन अंत समय पर ढीली पड़ जाएगी खर्च आज संचित कोष से ही करना पड़ेगा। परिजन किसी वादे के अंत समय पर टालने से क्रोधित रहेंगे। संध्या बाद मानसिक रूप से विचिलत रहेंगे। मित्र रिश्तेदारों के व्यवहार आज अनअपेक्षित ही रहेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन आशाजनक लाभ दिलाएगा किसी पुराने कार्य के पूर्ण होने पर उत्साह से भरे रहेंगे। स्वभाव भी परोपकारी रहने से किसी के कार्य को मना नही करेंगे कार्य व्यवसाय से मध्यान बाद आकस्मिक धन लाभ होगा आज प्रयास करने पर डूबे धन की प्राप्ति भी हो सकती है। व्यवसायियों का ध्यान मध्यान तक कार्य पर केंद्रित रहेगा इसका लाभ शीघ्र देखने को मिलेगा इसके बाद मन मनोरंजन की ओर भटकेगा फिर भी लाभ के स्त्रोत्र यथावत बने रहेंगे। खर्च भी कम रहने से आर्थिक बचत कर पाएंगे। सरकारी कार्य में कोई नई उलझन पड़ेगी आज ना ही करें। घर में शांति बनी रहेगी। महिला मित्रो से गलत फहमी होगी।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन वृद्धिकारक रहेगा। आज प्रातः काल से ही मन मे धन प्राप्ति की तिकड़म लगी रहेगी धन कमाने का रास्ता गलत हो या सही इसका आपके ऊपर कोई फर्क नही पड़ेगा। मध्यान तक परिश्रम अधिक करना पड़ेगा इसके बाद अचानक ही मेहनत फलीभूत होगी धन लाभ एक से अधिक साधनों से होगा। आप में स्वार्थ सिद्धि की भावना प्रबल रहेगी। कार्य क्षेत्र अथवा पारिवार में अपना काम बनाने के लिए दिखावे का गुस्सा करेंगे। वाणी में मिठास रहने से कार्य शीघ्र बन भी जाएंगे। विद्यार्थ एवं नौकरी पेशा जातक बेहतर प्रदर्शन करने पर सम्मान के पात्र बनेंगे। समाज के वरिष्ठ व्यक्तियों से भेंट आनंदित करेगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आप अपनी बुद्धि बल से ही सफलता पा सकते है। लेकिन आपकी मानसिकता बैठे बिठाये लाभ पाने की रहेगी इस वजह से मेहनत वाले कार्यो की अनदेखी करेंगे। अहम की भावना भी आज कुछ ज्यादा ही रहेगी किसी की बात को धैर्य से सुनने की जगह तुरंत प्रतिउत्तर देने से माहौल खराब होगा। नौकरी या व्यवसाय दोनो जगह श्रेष्ठ दिखाने की होड़ लगेगी इसका परिणाम शून्य ही रहेगा। सरकारी अथवा व्यवसाय संबंधित कागजी कार्यवाही के लिये भागदौड़ करनी पड़ सकती है। धन लाभ रुक रुक कर होने से कार्य क्षेत्र पर अधिक ध्यान देना होगा। परिवार में रिश्तेदारो का आगमन हो सकता है। शारीरिक रूप से चुस्त रहेंगे। परिश्रम का उचित फल मुश्किल से ही मिलेगा।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज का दिन अशांति से भरा रहेगा। दिन के आरंभ में ही किसी परिजन अथवा आस-पड़ोसी से कलह होने की संभावना है यहां गलती आपकी ही रहेगी लेकिन ना मानने के कारण विवाद बढेगा। कार्य क्षेत्र पर घर का गुस्सा उतारे पर सहकर्मियों से भी मतभेद होगा बाद में इसका पश्चाताप भी करेंगे लेकिन अवसर निकलने के बाद ही। धन लाभ किसी की खुशामद के बाद ही सम्भव है। मध्यान के बाद का समय चुनौती से भरा रहेगा। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धा बढ़ने से मन में उच्चाटन आएगा। कार्यो को छोड़ आराम करने का मन करेगा। घरेलु कार्यो में लापरवाही के कारण झगडे होने की संभावना है। सेहत में भी गिरावट अनुभव करेंगे। संताने जिद पर अड़ेंगी।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन धन लाभ दिलाने वाला रहेगा। लेकिन आज आप किसी अन्य की बातों में आकर हाथ आये लाभ से वंचित भी रह सकते है। कार्य क्षेत्र पर किसी अनुभवी की सलाह से ही आर्थिक आयोजन करें सफलता की संभावनाए बढ़ेंगी। विदेशी वस्तुओ के व्यवसाय में आज निवेश से बचें। नौकरी वाले लोगो को कम मेहनत करनी पड़ेगी। आज आप योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेंगे जिससे सफलता की संभावना भी शत प्रतिशत रहेगी। विरोधी आपके आगे विफल रहेंगे। बेरोजगारों को रोजगार मिलने की संभावना है परंतु मन चाहा रोजगार पाने के लिए थोड़ा और समय लगेगा। मित्र-परिजनों के साथ हास्य-परिहास के वातावरण मिलने से मानसिक शांति मिलेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपको मिला जुला फल देगा। काम काज को लेकर दिन के आरंभ से मन मे कोई गुप्त चिंता रहेगी जिसका निराकरण मध्यान बाद ही सम्भव होगा। व्यवसायी वर्ग आज प्रत्येक कार्य संकोच के साथ करेंगे निवेश करने में झिझकेंगे लेकिन आज निवेश करने का फल दुगुना होकर आने वाले समय मे अवश्य ही मिलेगा। शारीरिक रूप से आज चुस्त अनुभव करेंगे अपने कार्यो के साथ ही सामाजिक कार्यो के प्रति भी गंभीर रहेंगे। अधूरे कार्य पूर्ण करके ही आज दम लेंगे। मध्यान बाद धन लाभ होने से मन इच्छित कार्य पूर्ण करेंगे। खरीददारी करने का मन बनेगा। सहकर्मियों के भरोसे ना रहें। गृहस्थ में थोड़ी गरमा-गरमी रहने पर भी हालात सामान्य ही रहेंगे।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज प्रातःकाल से ही मन पर चंचलता हावी रहेगी लेकिन आज बीते दिनों की अपेक्षा मानसिक रूप से हल्कापन अनुभव करेंगे। सेहत सामान्य रहेगी। आरम्भ में लापरवाही दिखाएंगे लेकिन जिम्मेदारी बढ़ने पर कार्यो को गंभीर होकर करेंगे जिससे सफलता की संभावनाएं बढ़ेंगी। अधिकांश कार्य समय से पहले पूर्ण कर लेंगे। व्यवसाय के लिए आज अनुकूल परिस्थितियां बनेगी जिससे लाभ की संभावनाएं बढ़ेंगी। नौकरी वाले लोग आज अधिकारी वर्ग से विशेष प्रयोजन सिद्ध कर पाएंगे। सरकारी कार्य भी थोड़े बौद्धिक श्रम से बना लेंगे। परिजनों के साथ संबंधों में निकटता आएगी। मित्र परिचितों से संबंधो में मधुरता आएगी। छोटी-छोटी बातों को अनदेखा करना ही बेहतर रहेगा।




