श्रीडूंगरगढ़ टुडे 25 जनवरी 2026
कोटासर गांव के भोमियाजी दादोसा मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को कथास्थल पर नंदोत्सव का आयोजन किया गया। कथा में जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया ,पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो-जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। कथास्थल पर भगवान के बाल रूप की सजीव झांकी सजाई गई।महिलाओं ने भगवान के जन्म पर बधाई गीत भी गाए।

कथावाचक पंडित राकेश भाई पारीक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण इस धरती पर धर्म की रक्षा के लिए जन्म लिया। अधर्म की नीति का समाप्त करने के लिए भगवान स्वयं पृथ्वी पर आते है। उन्होंने कहा कि अनीति, अत्याचार, पाप, अनाचार और षडयंत्र कभी सफल नहीं होते हैं। यह क्षणिक होते हैं। लेकिन सद्चार, परोपकार, सद्कर्म, न्याय और नीति हमेशा स्थाई होते हैं। इंसान का जीवन इन्हीं आचारणों के करीब होना चाहिए।

अगर सिंह ने बताया श्रीमद् भागवत का आयोजन समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से हो रहा है। इस अवसर पर गांव सहित आस-पास सहित अनेक गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे है।


रविवार को गांव लिखमीसर दिखनादा से हरीराम भादू, प्रभुराम कूकना, हेमाराम डेलू गांव दुसारणा से मोहनराम गोदारा, रामप्रताप सारण, भागीदास स्वामी, पीपासरिया से पेमाराम गोदारा दुलचासर से माल सिंह पड़िहार, सावंतसर से मास्टर शंकर लाल धारणिया, बंसीलाल, रामस्वरूप, रामचन्द्र मुंड मुंडसर सहित अनेक कथा प्रेमियों ने पहुंचकर कथा का श्रवण किया। व्यास पीठ से सब को आशीर्वाद प्रदान कर दुपट्टे पहना कर सम्मानित किया गया।










