श्रीडूंगरगढ़ टुडे 26 जनवरी 2026
तालुका विधिक सेवा समिति, श्री डूंगरगढ़ के तत्वावधान में आज ‘बालिका स्वाध्याय निशुल्क लाइब्रेरी’ में 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विधिक साक्षरता, संविधान के मूल्यों और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान गाया गया।
संविधान और लोकतंत्र पर चर्चा:
समारोह में लाइब्रेरी की छात्रा नीतू शर्मा ने संविधान की उद्देशिका (Preamble) का वाचन कर सभी को संविधान के मूल तत्वों की याद दिलाई। योग प्रशिक्षक किशनलाल शर्मा ने छात्राओं को ‘गणतंत्र’, ‘साम्यवाद’ और राजनीति के केंद्र बिंदुओं को विस्तार से समझाया। उन्होंने छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए उनका मंतव्य जाना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
शिक्षा और समाज पर मंथन:
विशिष्ट अतिथि लालचंद जाखड़ (लाला राजस्थानी) ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में स्वतंत्रता के मायने और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रश्नोत्तर शैली में छात्राओं से भ्रष्टाचार मुक्त समाज बनाने पर चर्चा की।
श्री देवी सिंह बिका ने बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जागरूकता, शिक्षा और शक्ति के समन्वय से ही बेटियां समाजोपयोगी बन सकती हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि बालिका शिक्षा के हर प्रयास में समाज उनके साथ सहयोगी रहेगा।
नारी शक्ति और कानून:
लाइब्रेरी की चेयरमैन श्रीमती मंजू देवी ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण और उनका विकास ही समाज में ‘स्थाई परिवर्तन’ ला सकता है। एक शिक्षित महिला पूरे परिवार और समाज को बदल देती है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और विधिक सेवा समिति के सदस्य बलराम बेनीवाल ने पूरे आयोजन को सफल बनाने में मुख्य भूमिका निभाई। अपने संबोधन में उन्होंने विधिक सेवा समिति के कार्यों का परिचय दिया और ‘लोक अदालत’ के महत्व को समझाते हुए बताया कि कैसे सुलभ और सस्ता न्याय आमजन तक पहुँच रहा है। कार्यक्रम के अंत में योगगुरु ओमप्रकाश कालवा ने पधारे हुए सभी अतिथियों और वक्ताओं का आभार व्यक्त किया और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। समापन पर सभी को मिष्ठान वितरण किया गया।



