श्रीडूंगरगढ़ टुडे 20 फरवरी 2026
राजस्थान विधानसभा में कृषि एवं सहकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल में किसानों के नाम पर केवल राजनीति की और उन्हें लगातार लूटने का काम किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी किसानों के वास्तविक हितों के लिए ईमानदार प्रयास नहीं किए।
विधायक सारस्वत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा एवं सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने पिछली कांग्रेस सरकार के समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार पर सख्ती से लगाम लगाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि जब आमजन सर्द रातों में अपने घरों में विश्राम कर रहे थे, तब मंत्री स्वयं नकली खाद-बीज माफिया और किसानों का शोषण करने वाले गिरोहों के खिलाफ छापेमारी कर रहे थे।
विधायक ने नकली खाद एवं नकली बीज बेचने वालों पर की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए मांग की कि जिन अधिकारियों पर पूर्व में कार्रवाई हुई थी और जो अपने प्रभाव से पुनः उन्हीं पदों पर पहुंच गए हैं, उनकी दोबारा जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की कृषि समस्याओं को उठाते हुए विधायक सारस्वत ने कहा कि बीकानेर जिले में सिंचाई पूरी तरह ट्यूबवेल आधारित है, लेकिन डिग्गी एवं जीएलआर निर्माण की अनुमति नहीं होने से किसान वंचित हैं। उन्होंने वर्षा जल के साथ-साथ ट्यूबवेल से डिग्गी भरने की अनुमति देने की मांग की, जिससे हजारों किसानों को लाभ मिल सके।
उन्होंने कृषि विभाग में स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए श्रीडूंगरगढ़ उपखंड में नए कृषि पर्यवेक्षक मुख्यालय सृजित करने की मांग की, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। पॉलीहाउस योजना में अनुदान राशि एवं आकार घटाए जाने पर आपत्ति जताते हुए विधायक ने अनुदान प्रतिशत और संरचना का आकार दोनों बढ़ाने की मांग की। साथ ही “प्याज भंडारण योजना” का नाम बदलकर “कृषि उत्पाद भंडारण गृह” करने तथा अनुदान राशि बढ़ाने की मांग की।
विधायक ताराचंद सारस्वत ने यूरिया-डीएपी वितरण में हो रही कालाबाज़ारी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आधार कार्ड से बिल काटकर खाद को ब्लैक में बेचा जा रहा है। उन्होंने मांग की कि खाद वितरण को सिंचाई पर्ची या ट्यूबवेल के बिजली बिल से जोड़ा जाए, ताकि इस गड़बड़ी पर रोक लग सके। उन्होंने बताया कि उनकी मांग पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा सरकारी खरीद में बिजली बिल को अनिवार्य किया गया, जिससे अकेले बीकानेर जिले में लगभग 500 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े पर रोक लगाई जा सकी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) खरीद पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि कांग्रेस शासन में फर्जी गिरदावरी, फर्जी टोकन एवं माफिया तंत्र के माध्यम से किसानों को लूटा गया, जिस पर भाजपा सरकार ने प्रभावी अंकुश लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान कुछ लोगों ने संगठित गिरोह बनाकर किसानों के नाम पर फर्जी गिरदावरियां तैयार कीं और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ ग्राम सेवा सहकारी समितियां (GSS) भी इस फर्जीवाड़े में शामिल रही हैं।
विधायक ने मांग की कि वर्षों से कुछ लोगों द्वारा जीएसएस पर जमाए गए अवैध कब्जे हटाकर अन्य किसानों को लाभ दिया जाए तथा फर्जीवाड़े में शामिल पटवारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किए जाएं। उन्होंने कांग्रेस को ललकारते हुए कहा कि उनके नेता कभी भी नकली खाद-बीज प्रकरण पर नहीं बोले।
उन्होंने यह भी कहा कि सबसे पहले वर्ष 2024 में उन्होंने नकली खाद-बीज का मुद्दा विधानसभा में प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने छापेमारी कर दोषियों को पकड़वाया। विधायक ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भैरोंसिंह शेखावत को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने किसानों के हित में अनेक ऐतिहासिक योजनाएं शुरू की थीं।
अंत में विधायक ताराचंद सारस्वत ने कहा कि किसान अब जागरूक हो चुका है और खोखले नारों में नहीं आने वाला। उन्होंने कृषि एवं सहकारिता विभाग में सक्रिय माफियाओं, भ्रष्ट अधिकारियों एवं दलालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।
