श्रीडूंगरगढ़ टुडे 20 फरवरी 2026
श्रीडूंगरगढ़ निवासी कमलादेवी धर्मपत्नी स्वर्गीय चम्पालाल डागा का दिनांक ’20 फरवरी 2026 को निधन हो गया। जीवन की अंतिम घड़ियों में उन्होंने नेत्रदान कर मानव सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया और समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन गईं।
परिजनों की सहमति से संपन्न हुआ यह नेत्रदान किसी दृष्टिहीन के जीवन में नई रोशनी, नई दृष्टि और नई आशा का संचार करेगा। यह पुण्य कार्य जैन धर्म की अहिंसा, करुणा एवं परोपकार की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करता है।
उल्लेखनीय है कि स्वर्गवास के बाद उनके देवर एंव पुत्रियाँ सहित परिवारजनों नेत्रदान की इच्छा व्यक्त की थी, जो उनके दृढ़ संकल्प और आध्यात्मिक चेतना को दर्शाता है।
नेत्रदान के लिए सहमति प्रदान करने वाले परिवारजनों में कैलाश चन्द डागा देवर एंव पुत्रियाँ सरिता संचेती हेमलता बुच्चा सुनीता भंसाली कान्ता बुच्चा संगीता एंव परिवारजन प्रमुख रहे। इस अवसर पर परिषद संयोजक अशोक झाबक के नेतुतव मे नेत्रदान का कार्य सम्पन हुआ समाज के अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस दौरान मोमासर प्रशासक सरिता संचेती,जुगराज संचेती, पवन सेठिया, कैलाशचन्द डागा, प्रभात अग्रवाल अंकित भंसाली, हेमलता बुच्चा, संगीता सिपानी, सुनीता भंसाली,कान्ता बुच्चा, चंचल डागा, शशि सेठिया,राजकुमार नाई सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं परिवारजन उपस्थित रहे|
नेत्र संग्रह का कार्य प्राणनाथ हॉस्पिटल, सरदारशहर की टीम भंवरलाल प्रजापत एवं दिनेश शर्मा ने किया।
तेरापंथ युवक परिषद श्रीडूंगरगढ़ ने समाज से मरणोपरांत नेत्रदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह एक ऐसा पुण्य कार्य है जिससे किसी का अंधकारमय जीवन प्रकाश भर सकता है।नेत्रदान के लिए 9636288181सम्पर्क कर सकते है
अभातेयुप के पवन मांडोत के निर्देशन मे चल रहे नेत्रदान मे अनेक अंधियारों के जीवन मे प्रकाश आया है तेरापंथ युवक परिषद् एवं तेरापंथ किशोर मंडल, श्रीडूंगरगढ़ ने इस अमूल्य वरदान और पुण्य कार्य की हृदय से अनुमोदना करते हुए समाज से नेत्रदान जैसे मानवीय कार्यों को अपनाने का भावपूर्ण आह्वान किया।








