श्रीडूंगरगढ़ टुडे 1 मार्च 2026
नेशनल हाईवे-11 पर सातलेरा के पास वर्ष 2018 में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में जान गंवाने वाले लेखराम के परिवार को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 10,04,538 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है।न्यायाधीश सरिता नौशाद ने कहा कि ट्रक चालक की लापरवाही से यह दुर्घटना हुई थी और मुआवजे की राशि पर 4 जुलाई 2018 से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देय होगा।
कैसे हुआ था हादसा?
22 अप्रैल 2018 की रात करीब 1:30 बजे बीनादेसर से बारात में शामिल होकर लौट रही मिनी बस सातलेरा के पास पहुंची। बस के आगे चल रहे ट्रक ने अचानक ब्रेक लगाकर सड़क पर वाहन रोक दिया। पीछे चल रही मिनी बस ट्रक से टकरा गई। हादसे में लेखराम समेत पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे।
इस मामले में पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ में एफआईआर दर्ज हुई थी और जांच के बाद ट्रक चालक कुन्दनमल के खिलाफ चार्जशीट पेश की गई।
बीमा कंपनी ने यह तर्क दिया कि वाहन का परमिट नहीं था, इसलिए वह जिम्मेदार नहीं है। लेकिन कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि केवल परमिट के आधार पर बीमा कंपनी दायित्व से मुक्त नहीं हो सकती, खासकर जब दुर्घटना और चालक की लापरवाही साबित हो चुकी हो।
कोर्ट ने मृतक की उम्र 40 वर्ष मानते हुए उसकी आय अकुशल श्रमिक के न्यूनतम वेतन के आधार पर तय की। गणना के बाद कुल 10,04,538 रुपए मुआवजा निर्धारित किया गया।इस राशि का भुगतान ट्रक चालक, वाहन मालिक और बीमा कंपनी मिलकर करेंगे।पीड़ित के परिवार की ओर से पैरवी अधिवक्ता पूनमचंद मारु ने की।








