श्रीडूंगरगढ़ टुडे 6 मार्च 2026
पालनहार योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए लाभान्वित बच्चों का वार्षिक सत्यापन (रिन्यूअल) करवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक एलडी पंवार ने बताया कि जिले में कुल 13,259 बच्चों को योजना का लाभ मिल रहा है, जिनमें से 12,698 बच्चों का वार्षिक सत्यापन हो चुका है, जबकि 561 बच्चे अभी सत्यापन से वंचित हैं। बीकानेर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी 162 बच्चों का वार्षिक सत्यापन शेष है।
इनमें श्रीडूंगरगढ़ में 110, खाजूवाला में 22, कोलायत में 58, लूणकरणसर में 34, नोखा में 88, पांचू में 59, बज्जू खालसा में 25 तथा पूगल में 3 बच्चे अभी सत्यापन से वंचित हैं।
पालनहार योजना के अंतर्गत अनाथ बालक-बालिकाओं, पेंशन प्राप्त कर रही तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला के बच्चों, पुनर्विवाहित विधवा माता के बच्चों, नाता जाने वाली माता के बच्चों तथा विशेष योग्यजन माता-पिता के बच्चों को लाभान्वित किया जाता है।
विभाग द्वारा इन बच्चों के संरक्षण एवं शिक्षा की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए पालनहार परिवार को प्रति माह आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना के संशोधित नियम 2022 के नियम 9 ऑनलाइन आवेदन एवं अनुदान प्रक्रिया के अनुसार आवेदक द्वारा स्वयं के जीवित होने एवं बच्चों का विद्यालय या आंगनबाड़ी केंद्र में अध्ययनरत होने का वार्षिक सत्यापन करवाना अनिवार्य है।
पंवार ने बताया कि वार्षिक सत्यापन की प्रक्रिया तीन तरीकों से करवाई जा सकती है।
पहला, शाला दर्पण पोर्टल पर आधार नंबर अपडेट होने पर बच्चों का सत्यापन स्वतः हो जाएगा। दूसरा, एसएसओ आईडी के माध्यम से पालनहार स्कीम एप में फेस रिकग्निशन प्रक्रिया से सत्यापन किया जा सकता है। तीसरा, यदि एप के माध्यम से सत्यापन नहीं हो पाता है तो संबंधित ब्लॉक के सामाजिक सुरक्षा कार्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर भौतिक सत्यापन कराया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जिला कलेक्टर श्रीमती नम्रता वृष्णि ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि विद्यालयों में अध्ययनरत पालनहार योजना से लाभान्वित सभी बच्चों का वार्षिक सत्यापन समय पर करवाना सुनिश्चित किया जाए।


