श्रीडूंगरगढ़ टुडे 11 मार्च
बुधवार को भारतीय सैन समाज का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी दिनों में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय सेन जयंती समारोह के लिए 11 अप्रैल से 20 अप्रैल के बीच समय देने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में अतिथि के रूप में शामिल होने की स्वीकृति प्रदान की।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को सैन समाज से जुड़ी विभिन्न मांगों का मांगपत्र भी सौंपा और इन मांगों को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया।
भारतीय सैन समाज के राष्ट्रीय महामंत्री मांगीलाल नाई के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष श्रवणकुमार फूलभाटी, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सुरेश सैन बूंटिया, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुनील गहलोत, भाजपा जयपुर शहर जिला मंत्री अंजना सैन, प्रदेश महामंत्री चन्द्रभान नाई, जोधपुर संभाग प्रभारी एवं SPL के फाउंडर गजेन्द्र सैन, रामनिवास सैन राणासर (बीकानेर), प्रदेश मंत्री किशन सोलंकी, सुखदेव सैन सहित समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ये रखीं प्रमुख मांगें
मांगपत्र में समाज के लिए कई प्रमुख मांगें रखी गईं, जिनमें प्रमुख रूप से-
- जयपुर, जोधपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर और अजमेर में भारतरत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर के नाम से छात्रावास के लिए कम से कम 10 बीघा भूमि नि:शुल्क आवंटित करने और भवन निर्माण के लिए 2 से 5 करोड़ रुपए देने की मांग।
- केश कला बोर्ड के चेयरमैन की शीघ्र नियुक्ति और बोर्ड को बजट उपलब्ध कराने की मांग।
- सैन समाज के व्यक्ति को राजस्थान से राज्यसभा में भेजने और आगामी विधानसभा चुनाव में कम से कम दो टिकट देने की मांग।
- कर्पूरी ठाकुर फॉर्मूले के अनुसार ओबीसी वर्गीकरण कर सैन समाज को अति पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की मांग।
- जननायक कर्पूरी ठाकुर और सैनजी महाराज की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव।
- सैलून के लिए सरस डेयरी की तर्ज पर बूथ आवंटन तथा दुकानों का निशुल्क रजिस्ट्रेशन और 5 लाख रुपए तक कम ब्याज दर पर ऋण की व्यवस्था।
- सैलून कर्मियों के लिए निशुल्क बीमा और अकाल मृत्यु पर 20 लाख रुपए तक आर्थिक सहायता की मांग।
इसके अलावा समाज के लिए अतिरिक्त आरक्षण, प्रत्येक जिले में छात्रावास, स्थानीय निकाय व पंचायतीराज चुनाव में प्रतिनिधित्व, उच्च शिक्षा के लिए विशेष सहयोग, सेन जयंती और कर्पूरी ठाकुर जयंती पर सरकारी अवकाश, विश्वविद्यालय का नाम कर्पूरी ठाकुर के नाम पर रखने, प्रतिभावान विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए छात्रवृत्ति जैसी मांगें भी शामिल हैं।
मांगीलाल नाई ने बताया कि समाज से जुड़े धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को लेकर भी मांग रखी गई है। इसमें अलवर के बलदेवगढ़ स्थित नारायणी माता धाम को वन क्षेत्र से बाहर कर पैनोरमा बनाने तथा पुष्कर स्थित सैन पेनोरमा के विकास के लिए बजट देने की मांग भी शामिल है।




