श्रीडूंगरगढ़ टुडे 25 अक्टूबर 2025
लोग केवल अपना फायदा देखते हैं,
कुछ लोग केवल अपना ही सोचते हैं।
नज़र दौड़ा कर देख लो कोई किसी का नहीं,
आज मैंने सीखा।
हम लोगों के लिए समय गंवा देते हैं,
हम लोगों के लिए धन लुटा देते हैं।
पर किसी को किसी की कद्र नहीं,
ये आज मैंने सीखा।
आज चारों तरफ स्वार्थीपन व्याप्त हो गया है,
स्वयं के फायदें का क्लान्त छा गया है।
अपना फायदा होना चाहिए-चाहे औरों का नुकसान हो,
ये आज मैंने सीखा।
उपदेश देना बड़ा आसान होता है,
जीवन में उनको अपनाना मुश्किल होता है।
लोग परोपकार की दुहाई देते हैं खुद पर बात आती है तो भूल जाते,ये आज मैंने सीखा।
मैं सोचती हूँ नेकी कर दुरिया में डाल, ईश्वर सब कुछ देखता है,पर आजकल ईश्वर भी बुरे लोगों का ही साथ देता है,
ये आज मैंने सीखा।
जीवन में कुछ हासिल करना है तो विश्वास खुद पर रख, असफलता का फल कड़वा होता है कभी इसे भी तो चखा दृढ़ निश्चय के साथ इंसान फिर आगे बढ़ सकता ये आज मैंने सीखा है।
खुद की सोचू बदल, जुग बदल जाएगा, एक साधारण इसान भी श्रेष्ठ बन जाएगा। इंसान की सोच का पता लगाने का कोई मापदण्ड नहीं,
ये आज मैंने सीखा ।





