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हार कर भी हार न माने..✍️✍️

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श्रीडूंगरगढ़ टुडे 8 नवम्बर 2025

वास्तव में इंसान वही होता है,
जो हारकर भी हार न माने।
जीवन में हमेशा जीतने का प्रयास करें,
जो बीत गया उसे याद न करें,
आने वाले समय की चिन्ता न करें,
वर्तमान को प्रसन्नता पूर्वक जीना सीखें ।
हार मनाने के लिए लोग अनेक हैं,
पर आप हार न माने जोश के साथ आगे बढ़े।
पहले अपने सपनों को साकार करने का रास्ता ढूढ़े,
फिर अपनी नींद का त्याग करें।
आलस्य को त्याग दें कर्म पर ध्यान दें।
फिर भी सफलता न मिलें तो फिर से प्रयास करें,
मन से कभी हार स्वीकार न करें।
हारा हुआ व्यक्ति अस्त हो जाता है,
उसका आगे बढ़‌ने का हौंसला पस्त हो जाता है।
निरन्तर आगे बढ़ने का प्रयास करें।
मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती है, हौंसला रखने वालों को मंजिल जरूर मिल जाती है है।
अँधेरा मिटने के बाद रोशनी जरूर आती है,
मेहनत करने से निराशा में भी आशा रूपी किरण फैल जाती है।
यदि जीवन में असफलता मिल भी गई,
तो कोई बात नहीं, सफल होने का रास्ता ढूंढे हार न माने। गिरकर उठना मनुष्य की’ नियति है,
हारकर जीतना उसकी प्रकृति है।
इसलिए हार कर भी हार न माने

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