श्रीडूंगरगढ़ टुडे 2 दिसम्बर 2025
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में वन्य जीव लगातार संकट में हैं। कभी आवारा कुत्तों के हमलों से तो कभी खेतों में लगे तारों की चपेट में आकर ये मूक प्राणी घायल हो रहे हैं। क्षेत्र के गांव सातलेरा की रोही में मंगलवार सुबह खेत में दर्द से छटपटा रही एक नीलगाय मिली। पेट के निचले हिस्से में गहरा घाव होने से वह चलने-फिरने में बिल्कुल असमर्थ थी।
किसान केशुराम तावनियां जब खेत पहुंचे तो नीलगाय को गंभीर हालत में देखकर तुरंत वन विभाग को फोन किया।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रोहिताश, वन्यजीव सहायक सुंदरलाल नायक और राजकुमार जांगिड़ वाहन लेकर मौके पर पहुंची। विभाग के चालक रोहिताश ने बताया कि नीलगाय के पेट में बड़ा घाव था और हालत लगातार बिगड़ रही थी।
किसान केशुराम के साथ वन्यजीव प्रेमी भंवरलाल जाखड़ और सांग सिंह ने भी बचाव कार्य में सहयोग किया। टीम ने नीलगाय को संभालते हुए वाहन में लादा और श्रीडूंगरगढ़ वन विभाग कार्यालय पहुंचाया, जहां उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया गया।

सामाजिक कार्यकर्ता गौरीशंकर तावनिया ने कहा कि क्षेत्र में वन्य जीव अक्सर तारबंदी और कुत्तों के हमलों का शिकार हो रहे हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि घायल वन्य जीव दिखने पर तुरंत सूचना दें ताकि समय रहते उनकी जान बचाई जा सके।










