श्रीडूंगरगढ़ टुडे 19 दिसंबर 2025
दुलचासर-कोटासर रेलवे अंडरब्रिज के पास रेलवे लाइन के समानान्तर चल रहे रास्तों को उत्तर-पश्चिम रेलवे द्वारा सुरक्षा कारणों से पत्थर डालकर बंद कर दिए जाने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। रास्ते बंद होने से दुलचासर, बासी महियान, गोनाणा एवं कालछा रोही के किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि ये रास्ते वर्षों से खेतों तक पहुंच के लिए उपयोग में लिए जा रहे थे। रेलवे द्वारा अचानक सभी समानान्तर रास्ते बंद कर दिए जाने से न तो खेतों तक पहुंच संभव हो पा रही है और न ही कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है। इससे खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि रेलवे द्वारा रास्तों पर आरयूबी (रेलवे अंडरब्रिज) का निर्माण किए बिना उन्हें पूरी तरह अवरुद्ध कर देना अव्यावहारिक निर्णय है। कई बार आपात स्थिति में गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
मामले को लेकर उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट, श्रीडूंगरगढ़ शुभम शर्मा द्वारा तहसीलदार (राजस्व) से तथ्यात्मक रिपोर्ट मंगवाई गई। तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि दुलचासर से राजस्व ग्राम बासी महियान की ओर जाने वाला कट्टाणी रास्ता वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है, जिसके बीच से रेलवे लाइन गुजरती है। रिपोर्ट के अनुसार दुलचासर–कोटासर आरयूबी के दोनों ओर रेलवे लाइन के समानान्तर चलने वाले रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे दुलचासर से बासी महियान तथा दुलचासर से सांवतसर की ओर जाने वाले मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में इन रास्तों का कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है।
उपखण्ड अधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक मण्डल अभियन्ता, उत्तर-पश्चिम रेलवे, रतनगढ़ को पत्र लिखकर ग्रामीणों की समस्या का नियमानुसार सकारात्मक समाधान करने तथा शीघ्र तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। प्रकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।










