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शिक्षक भारतीय मूल्यों और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ आदर्श कार्यकर्ता की पहचान: सक्रियता और नियमित संवाद = आचार्य

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श्रीडूंगरगढ़ टुडे 27 दिसंबर 2025

श्रीपुनरासर धाम में राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण विकास शिविर के अंतिम दिवस में विभिन्न वैचारिक और संगठनात्मक सत्रों के साथ आयोजित हुआ। शिविर के तीसरे और अंतिम दिन बीकानेर जिले के विभिन्न उपशाखाओं से आए निर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन की रीति-नीति, कार्यपद्धति और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।

विकास पवार ने बताया कि तृतीय दिवस में वैचारिक अधिष्ठान, कार्यक्रम कार्यकर्ता,दायित्वश जानकारी जिज्ञासा सत्र आयोजित किए गया। तृतीय दिवस के प्रथम सत्र का विषय ‘वैचारिक अधिष्ठान’ रहा, जिसकी मुख्य वक्ता जिला महिला मंत्री श्रीमती चंद्रकला रहीं। सत्र की अध्यक्षता श्रीमती तेजस्विनी ने की तथा संचालन मीरा वर्मा द्वारा किया गया। अपने संबोधन में श्रीमती चंद्रकला ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके वैचारिक धरातल पर निर्भर करती है। उन्होंने आह्वान किया कि शिक्षक समाज का दर्पण होता है, अतः उसे भारतीय जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आत्मसात करते हुए शिक्षण कार्य करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति का संचार करना ही शिक्षक का परम कर्तव्य है।
द्वितीय सत्र ‘कार्यकर्ता और कार्यक्रम’ विषय पर केंद्रित रहा।

मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक आदर्श कार्यकर्ता वही है जो संगठन के कार्यक्रमों को धरातल पर क्रियान्वित करे। उन्होंने कहा, “कार्यकर्ता को नियमित संवाद के माध्यम से अन्य शिक्षकों को जोड़ना चाहिए और उनके सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए। निरंतर होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला ही नए नेतृत्व का निर्माण करती है।” इस सत्र की अध्यक्षता पप्पू लाल बिश्नोई (खाजूवाला) ने की तथा संचालन सूर्य प्रकाश ने किया।

जिज्ञासा समाधान और संवाद

शिविर के अंतिम चरण में आयोजित ‘जिज्ञासा सत्र’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें अतिथि के रूप में दयाशंकर शर्मा, ओमप्रकाश बिश्नोई, अमित गुरिया, महावीर धतरवाल उपस्थित रहे। इस सत्र में प्रतिभागियों ने संगठन की कार्यप्रणाली, शिक्षक समस्याओं और शिक्षा नीति से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं प्रकट कीं। संवाद प्रक्रिया में राजेंद्र व्यास, रामलाल सियाग, पूर्णचंद प्रजापत, महावीर प्रसाद, पवन शर्मा, मनोज, उमा सुथार, मगाराम खाती, भंवर पारीक, रमेश व्यास, मनोज लखेरा और किशोर सिंह सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भाग लिया। अतिथियों ने तार्किक और सांगठनिक दृष्टिकोण से सभी प्रश्नों का समाधान किया।

समापन सत्र में मुख्य अतिथि ओमप्रकाश बिश्नोई ने कहा कि पदाधिकारियों को सजगता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने समाज और राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शिक्षक की अपरिहार्य भूमिका को रेखांकित किया। अध्यक्षता करते हुए रवि आचार्य प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे संगठन के सिद्धांतों को प्रत्येक शिक्षक तक पहुँचाने का कार्य करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन की कार्य पद्धति, अनुशासन, वित्तीय प्रबंधन और शिक्षकों के हितों के लिए संघर्ष की रणनीति के साथ कार्य करने का आव्हान किया। संचालन पवन शर्मा ने किया तथा आभार जगदीश मंडा ने व्यक्त किया।

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