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योग, अध्यात्म और जैविक कृषि का अनूठा संगमः श्री डूंगरगढ़ की योग टीम ने किया पद्मश्री संभावित कानसिंह निर्वाण के फार्म का भ्रमण

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श्रीडूंगरगढ़ टुडे 28 दिसंबर 2025

श्रीडूंगरगढ़ ( बीकानेर ) स्थित ओम योग सेवा संस्था के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को योग और प्राकृतिक चिकित्सा के साथ-साथ जैविक कृषि और ग्रामीण पर्यटन का अद्भुत अनुभव प्राप्त किया। योगगुरु ओमप्रकाश कालवा के नेतृत्व में इस टीम ने सीकर के कटराथल स्थित ‘जोहर की ढाणी’ में देश के प्रतिष्ठित प्रगतिशील किसान कानसिंह निर्वाण के फार्म हाउस का दौरा किया और सालासर बालाजी मंदिर में दर्शन कर खुशहाली की कामना की।

इस यात्रा दल में योगगुरु ओमप्रकाश कालवा के साथ बलराम, लाला राजस्थानी और सहीराम जी शामिल रहे।
प्रकृति की गोद में: कानसिंह निर्वाण का फार्म
यात्रा का मुख्य आकर्षण कटराथल में कानसिंह निर्वाण का निवास स्थान रहा। योग टीम ने यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता और स्वदेशी उद्यान (हर्बल गार्डन) का अवलोकन किया।
राजस्थानी झोपड़ियाँ: राजस्थानी झोपड़िया देखी, जो बाहरी पर्यटकों के बीच निवास के लिए बेहद प्रसिद्ध हैं और ग्रामीण वास्तुकला का बेजोड़ नमूना हैं।
ऑर्गेनिक भोजन: यहाँ शुद्ध सात्विक और ऑर्गेनिक भोजन हैं, जो सीधे खेत से थाली तक की अवधारणा पर आधारित था।

कानसिंह निर्वाण: एक प्रेरणा

योगगुरु ओमप्रकाश कालवा ने बताया कि कानसिंह निर्वाण केवल एक किसान नहीं, बल्कि एक संस्था हैं।
वे भारत के शीर्ष 10 किसान सम्मेलनों में अपने विचार रख चुके हैं। कृषि सुधारों और नीतियों पर देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री तक उनसे राय लेते हैं।
हजारों इंटरव्यू और डॉक्युमेंट्रीज का हिस्सा बन चुके कानसिंह ने टीम को गाय आधारित कृषि, पशुपालन, स्वदेशी तकनीक और ‘पारिवारिक वानिकी’ के गुर सिखाए।

यात्रा का उद्देश्य

टीम के सदस्य बलराम ने बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य योग के साथ-साथ प्रकृति आधारित जीवन शैली को समझना था। सालासर बालाजी के दर्शन के साथ आध्यात्मिक ऊर्जा और कानसिंह जी के सानिध्य से जैविक कृषि का ज्ञान प्राप्त कर टीम वापस श्री डूंगरगढ़ लौटी। यह यात्रा स्वास्थ्य, अध्यात्म और पर्यावरण संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण बनी।

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