श्रीडूंगरगढ़ टुडे 2 जनवरी 2026
नए साल के आगाज के साथ ही बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ से एक ऐसी मुहिम की शुरुआत हुई है, जो देश में स्वास्थ्य और रोजगार की नई इबारत लिख सकती है। ओम योग सेवा संस्था के निदेशक योगगुरू ओमप्रकाश कालवा के सानिध्य में 1 जनवरी 2026 को “राष्ट्रीय योग क्रांति अभियान” के तहत देश और प्रदेश के 15 सर्वोच्च कार्यालयों को ज्ञापन भेजे गए हैं।
इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि यह केवल रोजगार की मांग नहीं करता, बल्कि संस्था की शोध पुस्तिका “84 सवालों के 84 सटीक जवाब” के आधार पर हर विभाग को यह समझाया गया है कि उन्हें योग की जरूरत क्यों है।
हर विभाग के लिए अलग विजनः देखिए किस विभाग को क्यों भेजा गया ज्ञापन?
- योगाचार्य ओमप्रकाश कालवा ने ‘कॉपी-पेस्ट’ पद्धति को छोड़कर हर विभाग की समस्याओं का ‘योगिक समाधान’ प्रस्तुत किया है।
- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO): वैज्ञानिकों की एकाग्रता बढ़ाने और अंतरिक्ष में ‘जीरो ग्रेविटी’ (Zero Gravity) से होने वाले बोन डेंसिटी लॉस (हड्डियों के नुकसान) को रोकने के लिए ‘स्पेस योग रिसर्च विंग’ बनाने की मांग।
- कारागार विभाग (Jail): कैदियों की आपराधिक मानसिकता बदलने, जेलों में आत्महत्या की घटनाएं रोकने और नशामुक्ति के लिए ‘सुधारात्मक योग’ लागू करने हेतु ।
- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE): बोर्ड परीक्षाओं का तनाव (Exam Stress) कम करने, याददाश्त बढ़ाने और योग को गणित-विज्ञान की तरह ‘स्कोरिंग विषय’ (Scoring Subject) बनाने के लिए।
- केंद्रीय विद्यालय (KVS/NVS): हॉस्टल में रहने वाले बच्चों का अकेलापन दूर करने और शिक्षकों की तरह योग प्रशिक्षकों को समानता का अधिकार देने हेतु।
- आयुर्वेद विभागः दवाओं पर निर्भरता कम करने और पंचकर्म की तर्ज पर ‘षट्कर्म’ (नेति-धौति) से शरीर की आंतरिक सफाई (Detox) के लिए।
- खेल मंत्रालयः खिलाड़ियों को चोट (Injury) से बचाने, स्टैमिना बढ़ाने और रिकवरी रेट सुधारने के लिए योग अनिवार्य करने बाबत ।
- महिला एवं बाल विकासः आंगनवाड़ी स्तर पर कुपोषण मिटाने, हार्मोनल स्वास्थ्य (PCOD/Thyroid) सुधारने और ‘गर्भ संस्कार’ के लिए।
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभागः ‘इलाज से बेहतर बचाव’ (Preventive Healthcare) की नीति अपनाने और डॉक्टर्स का तनाव कम करने के लिए अस्पतालों में ‘योग कक्ष’ बनाने हेतु ।
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभागः वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों के अकेलेपन को दूर करने और नशामुक्ति केंद्रों में इच्छाशक्ति (Will Power) मजबूत करने के लिए।
- आयुष मंत्रालयः योग को ‘सॉफ्ट पावर’ के रूप में वैश्विक नेतृत्व देने और ‘वेलनेस सेंटर्स’ में इसे अनिवार्य सेवा बनाने के लिए।
- शिक्षा विभाग (निदेशालय/RSCERT): बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और पाठ्यक्रम में योग को जीवन कौशल (Life Skill) के रूप में शामिल करने हेतु ।
सर्वोच्च नेतृत्व से गुहारः स्थाई रोजगार और योग बोर्ड का गठन
संस्था ने माननीय प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और राजस्थान के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मुख्य रूप से दो बड़ी मांगें रखी हैं।
🔹योग बोर्ड का गठनः हर राज्य में एक स्वतंत्र ‘योग बोर्ड’ बने जो योग शिक्षा की गुणवत्ता और प्रचार-प्रसार को नियंत्रित करे।
🔹स्थाई भर्तीः स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी विभागों में योग प्रशिक्षकों के लिए स्थाई पद सृजित किए जाएं, ताकि वे पूर्ण निष्ठा से राष्ट्र निर्माण में भागीदार बन सकें।
क्या कहते हैं योगगुरु ?
संस्था निदेशक योगगुरू ओमप्रकाश कालवा का कहना है कि “स्वस्थ रहना हर व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है। हमारा उद्देश्य योग को केवल व्यायाम तक सीमित न रखकर इसे शिक्षा, आध्यात्मिक, व्यावसायिक, चिकित्सा और अंतरिक्ष विज्ञान का अभिन्न अंग बनाना है”।







