श्रीडूंगरगढ़ टुडे 3 जनवरी 2026
स्थानीय देवनारायण कॉलोनी स्थित बालिका स्वाध्याय निःशुल्क लाइब्रेरी में शुक्रवार को देश की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ‘नारी शक्ति और शिक्षा’ विषय पर एक विशेष प्रेरणा समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।

सावित्रीबाई के संघर्षों से मिली शिक्षा की नींव
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सोनिया राजपुरोहित (राष्ट्रीय अधीक्षिका, राजपुरोहित महिला समिति) ने माँ सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि “आज अगर महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर स्थिति में हैं और हर मुकाम हासिल कर रही हैं, तो उसका मूल आधार सावित्रीबाई फुले का संघर्ष ही है। उन्होंने कीचड़ और पत्थर सहकर हमारे लिए स्कूल के दरवाजे खोले।”
“सावित्रीबाई न होतीं, तो आज केवल पुरुष शिक्षक होते”
लाइब्रेरी में अध्ययनरत छात्रा लक्ष्मी कच्छावा ने सावित्रीबाई की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बहुत ही मार्मिक बात कही। उन्होंने कहा, “आज शिक्षा जगत में हमें जो शिक्षिकाएं (Female Teachers) दिखाई देती हैं, यह उन्हीं की बदौलत है, अन्यथा आज भी स्कूलों में केवल शिक्षक (पुरुष) ही होते। हमें उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना है।”

‘गोल्डन बिटिया चैलेंज’ का आगाज: मिलेगा गोल्ड मेडल
इस अवसर पर लाइब्रेरी के निदेशक योगगुरू ओमप्रकाश कालवा व व्यवस्थापक अध्यापक हरीश कुमार शर्मा तथा लाइब्रेरी परिवार की ओर से एक बड़ी घोषणा करते हुए ‘गोल्डन बिटिया चैलेंज’ (Golden Bitiya Challenge) का आगाज किया। उन्होंने घोषणा की कि:
“लाइब्रेरी में अध्ययनरत जो भी छात्रा (बहन) किसी भी राजकीय सेवा में चयनित होगी, उसे संस्था की ओर से स्वर्ण पदक (Gold Medal), नकद सहयोग राशि, ट्रॉफी और सम्मान स्वरूप ग्रीन पेन भेंट किया जाएगा।”
कालवा ने छात्राओं में जोश भरते हुए पूछा, “कौन बहन पहले यह मुकाम हासिल करेगी?” जिस पर छात्राओं ने करतल ध्वनि से अपनी प्रतिबद्धता जताई।

इन्होंने दी श्रद्धांजलि- माया सिद्ध, प्रियंका सांखला, लक्ष्मी कच्छावा, चांदनी प्रजापत, खुशी प्रजापत, प्रीति शर्मा, नीतू शर्मा, पिंकी शर्मा, अलका प्रजापत, हर्षिता वर्मा, शशि कंवर, कविता कंवर, संजना शर्मा, गायत्री मेघवाल, ऋषिका माली, सुलोचना घिंटाला, पल्लवी सुथार, पूजा भार्गव, शिवानी माली, अन्नपूर्णा वर्मा, धनकंवरी माली, निशा स्वामी, विशाखा राजपुरोहित, दिव्या नाई, ज्योति डीडवानी, वंदना डागा, निशा धौलपुरिया, आरती भाटी, सुलोचना भून्डन सहित अनेक बहनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का संचालन और व्यवस्था कार्यालय प्रभारी बलराम बेनीवाल और स्वयंसेवक लाला राजस्थानी ने संभाली। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एडवोकेट राजु राम लुखा, योगिता कालवा, शांति देवी और लाइब्रेरी परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। अंत में सभी ने सावित्रीबाई के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।





