श्रीडूंगरगढ़ टुडे 10 जनवरी 2026
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏🏾जय श्री गणेशाय नमः🙏🏾
🙏🏾जय श्री कृष्णा🙏🏾
🕉️आज का पंचांग-10.01.2026🕉️
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ शनिवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
आज विशेष
क्यों पढ़ना चाहिये सभी को श्री मद्भगवत गीता
कारण और महत्व की आवश्यक जानकारी
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………… 10.01.2026
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर………………………….श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………… उत्तर
गोल………………………. …………..दक्षिण
ऋतु………………………………….. शिशिर
मास…………………………………….. माघ
पक्ष…………………………………….. कृष्ण
तिथि…………..सप्तमी(द्वि) प्रातः 8.24 तक
वार…………………………………..शनिवार नक्षत्र……….हस्त. अपरा. 3.40 तक / चित्रा
चंद्रमा…….. कन्या. रात्रि. 4.52* तक / तुला
योग…… अतिगंड. सायं. 4.57 तक / सुकर्मा
करण…………………. बव. प्रातः 8.24 तक
करण……. बालव. रात्रि. 9.17 तक / कौलव
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………प्रातः 07.20.11 पर
सूर्यास्त…………………सायं. 05.57.52 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 10.37.40
रात्रिमान…………………………..13.22.22
चंद्रास्त……………….. . 11.48.02 AM पर
चंद्रोदय………………… 12.49.46 AM पर
राहुकाल..प्रातः 9.59 से 11.19 तक(अशुभ)
यमघंट…….अपरा. 1.59 से 3.18 तक(शुभ)
गुलिक……प्रातः 7.20 से 8.40(शुभे त्याज्य)
अभिजित……. मध्या.12.18 से 1.00 (शुभ)
पंचक………………………….. आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………… आज नहीं है।
दिशाशूल…………………………… पूर्व दिशा
दोष परिहार……उड़द का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता।
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल– सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है ।यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं। और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं ।इसी तरह भद्रा फल विचार करें..
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न / ग्रह – राशि – अंश – कला – चरणाक्षर
लग्न ………… धनु 25°5′ पूर्वाषाढ़ा 4 ढा
सूर्य ……….. धनु 25°36′ पूर्वाषाढ़ा 4 ढा
चन्द्र ……………..कन्या 19°6′ हस्त 3 ण
बुध ^ ………धनु 18°33′ पूर्वाषाढ़ा 2 धा
शुक्र ^ ……..धनु 26°25′ पूर्वाषाढ़ा 4 ढा
मंगल ^ ….. धनु 25°28′ पूर्वाषाढ़ा 4 ढा
बृहस्पति * . मिथुन 25°56′ पुनर्वसु 2 को
शनि …….. .मीन 2°37′ पूर्वभाद्रपद 4 दी
राहू * ……. कुम्भ 17°33′ शतभिषा 4 सू
केतु * .. सिंह 17°33′ पूर्व फाल्गुनी 2 टा
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
शुभ………………प्रातः 8.40 से 9.59 तक
चंचल…………अपरा. 13.39 से 1.59 तक
लाभ……………अपरा. 1.59 से 3.18 तक
अमृत…………..अपरा. 3.18 से 4.38 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
लाभ……… सायंं-रात्रि. 5.58 से 7.38 तक
शुभ…………….रात्रि. 9.18 से 10.59 तक
अमृत…..रात्रि. 10.59 से 12.39 AM तक
चंचल. रात्रि.12.39 AM से 2.19 AM तक
लाभ….रात्रि. 5.40 AM से 7.20 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षर….
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
09.06 AM तक—हस्त—-3——–ण
03.40 PM तक—हस्त—-4———ठ
10.14 PM तक—चित्रा—-1——–पे
04.52 AM तक—चित्रा—-2——–पो
_______राशि कन्या - पाया रजत्_______ ________________________________
उपरात रात्रि तक—-चित्रा—-3——-रा
राशि तुला – पाया रजत्
आज का दिन
व्रत विशेष……………………………..नहीं है।
अन्य व्रत……………..माघ स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष……………………………. नहीं है।
दिन विशेष………………… विश्व हिंदी दिवस
विष्टि(भद्रा)……………………. आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………… आज नहीं है।
खगोलीय…. उषायां शुक्र. अपरा. 12.21 पर
पंचक………………………….. .आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………… आज नहीं है। अमृ.सि.योग…………………… आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………….. आज नहीं है।
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
दिनांक………………………..11.01.2026
तिथि……………. माघ कृष्णा अष्टमी रविवार
व्रत विशेष………………………………नहीं है।
अन्य व्रत……………..माघ स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष……………………………. नहीं है।
दिन विशेष…….. सड़क सुरक्षा सप्ताह प्रारंभ
दिन विशेष..मानव तस्करी जागरूकता दिवस
विष्टि(भद्रा)………………………आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………… आज नहीं है।
खगोलीय……… उषायां रवि. प्रातः 8.36 पर
खगोलीय………उषायां भौम. रात्रि. 9.08 पर
पंचक…………………………… आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग…………………… आज नहीं है।अमृ.सि.योग…………………… आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग………………….. आज नहीं है।
✴️आज की विशेष प्रस्तुति✴️
💥धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल 💥
क्यों पढ़ना चाहिये सभी को श्री मद्भगवत गीता
कारण और महत्व की आवश्यक जानकारी
श्री मद्भगवत गीता हिंदुओं का एक धार्मिक ग्रंथ है, जो अधिकांश घरों में पाया जाता है। इसे पूजा के स्थान पर रखा जाता है और प्रतिदिन पूजा की जाती है। आज के समय में दुनिया में बहुत कम ऐसे ग्रंथ हैं जो अधिक पढ़े जाते हैं और श्रीमद्भगवत गीता उन्हीं ग्रंथों में से एक है। इसमें मानव जीवन के हर प्रश्न का उत्तर दिया गया है, यह ज्ञान के सागर का भंडार है। श्रीमद्भगवत गीता को घर लाकर आप इसे रोजाना पढ़ सकते हैं क्योंकि इसका चित्रण इतना आकर्षक है कि आप को इसे रोज खोलने का मन करेगा।
इसे केवल एक पुस्तक नहीं कहा जा सकता, इसमें महापुरुषों द्वारा सिखाई गई चीजें हैं जिनसे हम जीने की कला सीख सकते हैं। आज के समय में बहुत कम लोगों को इस पुस्तक का ज्ञान है और अधिकांश लोग धर्म और सत्य के मार्ग पर चलना भूल गए हैं। ऐसे में इस किताब को पढ़ने से हमें सही मार्गदर्शन मिलता है. यह सभी वेदों का सार माना जाता है जो मानव जाति को फल की लालसा के बिना कार्य करने का संदेश देती है।
श्रीमद्भगवत गीता के बारे में विशेष जानकारी
श्रीमदभगवत गीता पांच हजार वर्ष पूर्व श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सुनाई थी। महाभारत के युद्ध में जब कुंतीपुत्र अर्जुन अपने कर्तव्य से विचलित हो गया था, उस समय भगवान श्रीकृष्ण ने इस श्रीमदभगवत गीता का दिव्य ज्ञान अर्जुन को दिया था। अर्जुन के व्याकुल होने का कारण युद्ध के प्रतिद्वंदी थे जो उसके ही परिवार के सदस्य थे। धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि भगवान कृष्ण ने लगभग 45 मिनट में भगवद गीता के श्लोक बोले और अर्जुन को समझाया। जिसके बाद अर्जुन एक बार भी अपने कर्तव्य से नहीं चूके। इस महान ग्रंथ की रचना महर्षि वेद व्यास ने की थी।
कहा जाता है कि अर्जुन से पहले सूर्य देव को गीता का ज्ञान मिला था। रविवार को विष्णु अवतार श्री कृष्ण द्वारा सूर्य देव को श्रीमद्भगवत गीता का पाठ दिया गया और उस दिन एकादशी थी। इसलिए हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत महत्व है। युद्ध से पहले अर्जुन से कहा गया था कि आपका अधिकार केवल कर्म करने पर है, इसलिए उसके परिणामों के बारे में सोचना व्यर्थ है। न तो फल की आशा रखो और न फल का विचार करके कर्म करो। बिना किसी फल की इच्छा के अपने कर्म पूरी भक्ति के साथ करें।
भगवान ने यह श्रीमद्भगवत गीता केवल अर्जुन के लिए ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी को धर्म का ज्ञान देने के लिए कही थी। द्वापर युग में कुरुक्षेत्र को तीर्थ स्थान माना जाता है क्योंकि गीता कुरुक्षेत्र में ही प्रस्तुत की गई थी। त्रेता युग में पुष्कर को तीर्थ स्थान कहा गया है और कलियुग में गंगा को तीर्थ स्थान माना गया है।
श्रीमद्भगवद गीता पढ़ने का सबसे अच्छा समय
इस महान ग्रंथ की पूजा की जाती है और इसे पढ़ने मात्र से ही मन शुद्ध हो जाता है। इससे मनुष्य के सारे दोष नष्ट हो जाते हैं। इसे पढ़ने के साथ-साथ सुनने वाले के हृदय में भी भगवान श्री हरि का वास होता है। श्रीमदभगवत गीता में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इसे पढ़ने और सुनने के दिनों के संबंध में कोई नियम नहीं है। भक्त इसे अपनी इच्छानुसार किसी भी दिन पढ़ सकते हैं।
आज के समय में दैनिक नियम बनाना और उनका पालन करना बहुत कठिन हो गया है। सप्ताह में एक बार इसे पढ़ने का नियम अच्छा माना जाता है और इस नियम पर टिके रहना भी आसान होता है। इसके अलावा भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, आषाढ़ और श्रावण मास में इस कथा को करना और पढ़ना बेहतर माना जाता है क्योंकि इसी समय से शुभ मुहूर्त शुरू होता है।
आप कहीं भी और किसी भी समय बोली जाने वाली भगवद गीता को पढ़ और सुन सकते हैं। कमजोर दृष्टि वाले लोग भी श्रीमद्भगवत गीता को बिना किसी सहायता के सुन सकते हैं। आप इसे ध्यान करते हुए और पूजा के अन्य कार्यों को एक साथ करते हुए भी सुन सकते हैं। भाषी श्रीमद्भगवत गीता को घर में अवश्य लाना चाहिए।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज योग और ध्यान आपको बेडौल होने से बचाने और मानसिक तौर पर सेहतमंद रखने में मददगार साबित होंगे। आज आपको अपनी संतान की वजह से आर्थिक लाभ होने की संभावना नजर आ रही है। इससे आपको काफी खुशी होगी। पारिवारिक सदस्यों से मतभेद ख़त्म कर आप अपने उद्देश्यों की पूर्ति आसानी से कर सकते हैं। आज खाली वक्त्त किसी बेकार के काम में खराब हो सकता है। आप अपने जीवन की कुछ यादगार शामों में से एक आज अपने जीवनसाथी के साथ बिता सकते हैंं। संभव है कि आध्यात्मिकता की ओर तीव्र खिंचाव महसूस हो। साथ ही संभव है कि किसी योग कैंप में जाना हो, किसी धर्मगुरू के प्रवचन सुनने का योग बने या फिर कोई आध्यात्मिक पुस्तक पढ़ें।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज किसी दोस्त से मिली ख़ास तारीफ़ ख़ुशी का ज़रिया बनेगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपने अपनी ज़िंदगी को पेड़ की तरह बना लिया है, जो ख़ुद तपती धूप में खड़ा होकर और उसे सहकर भी राहगीरों को छांव देता है। आपका कोई पुराना मित्र आज कारोबार में मुनाफा कमाने के लिए आपको सलाह दे सकता है, अगर इस सलाह पर आप अमल करते हैं तो आपको धन लाभ जरुर होगा। परिवार के साथ सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता काफ़ी मानसिक दबाव पैदा कर सकती है। आज आप ख़ुद को अपने प्रिय के प्यार से सराबोर महसूस करेंगे। इस लिहाज़ से आज का दिन बहुत ख़ूबसूरत रहेगा। छात्र-छात्राओं को आज अपने काम को कल पर नहीं टालना चाहिए, आपको जब भी खाली समय मिले अपने काम को पूरा कर लें। ऐसा करना आपके लिए हितकारी है। जीवनसाथी से निकटता आज आपको ख़ुशी देगी। आज आपके मन में उदासी रहेगी और आप नहीं जान पाएंगे कि इसका कारण क्या है।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज आप स्वयं को शांत बनाए रखें क्योंकि आज आपको ऐसी कई बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनके चलते आप काफ़ी मुश्किल में पड़ सकते हैं। ख़ास तौर पर अपने ग़ुस्से पर क़ाबू रखें, क्योंकि यह और कुछ नहीं बल्कि थोड़ी देर का पागलपन है। आज आपकी कोई चल संपत्ति चोरी हो सकती है इसलिए जितना हो सके इनका ध्यान रखें। आपके आकर्षण और व्यक्तित्व के ज़रिए आपको कुछ नए दोस्त मिलेंगे। प्रेम भगवान की पूजा की ही तरह पवित्र है। यह आपको सच्चे अर्थों में धर्म व आध्यात्मिकता की ओर भी ले जा सकता है। जो लोग बीते कुछ दिनों से काफी व्यस्त थे उन्हें आज अपने लिए फुर्सत के पल मिल सकते हैं। एक बढ़िया जीवनसाथी के साथ जीवन वाक़ई अद्भुत लगता है और आज आप इस बात का अनुभव कर सकते हैं। टीवी पर फ़िल्म देखना और अपने नज़दीकी लोगों के साथ गप्पें मारना – इससे बेहतर और क्या हो सकता है? अगर आप थोड़ी कोशिश करें तो आपका दिन कुछ इसी तरह गुज़रेगा।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज कुछ ऐसी घटनाएँ आपकी परेशानी का कारण बन सकती हैं, जिन्हें टालना मुमकिन न हो। लेकिन आप ख़ुद को शांत बनाए रखें और हालात से निपटने के लिए तुरंत प्रतिक्रिया न करें। धन का आगमन आज आपको कई आर्थिक परेशानियों से दूर कर सकता है। परिवार के सदस्यों के साथ कुछ आराम के पल बिताएँ। विवाहेतर प्रेम संबंध आपकी प्रतिष्ठा धूमिल कर सकते हैं। आज के समय में अपने लिए वक्त निकाल पाना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज ऐसा दिन है जब आपके पास अपने लिए भरपूर समय होगा। आपके जीवनसाथी की कामकाज को लेकर व्यस्तता आपकी उदासी का कारण बन सकती है। अगर आपका प्रेमी आपसे बात नहीं करना चाहता तो जबरदस्ती न करें। उनको समय दें स्थिति खुद सुधर जाएगी।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
रोज़मर्रा की गतिविधियों में गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आर्थिक तौर पर सुधार के चलते आप आसानी से काफ़ी वक़्त से लंबित बिल और उधार चुका सकेंगे। अपने बच्चों के साथ एक दोस्ताना रिश्ता विकसित करें। पुरानी बातों को पीछे छोड़कर आगे आने वाले अच्छे वक़्त की ओर देखें। आपकी कोशिशें फलदायी रहेंगी। बाहरी चीज़ों का अब कोई ख़ास मायने आपके लिए नहीं बचा है, क्योंकि आप ख़ुद को हमेशा प्यार की ख़ुमारी में महसूस करते हैं। अपने व्यक्तित्व और रंग-रूप को बेहतर बनाने का कोशिश संतोषजनक साबित होगी। विवाह के बाद कई बातें ज़रूरत से आगे बढ़कर अनिवार्य हो जाती हैं। आज ऐसी ही कुछ बातें आपको व्यस्त रख सकती हैं। बेवजह की बातों में आप अपना कीमती समय बर्बाद नाही करें तो आपके लिए अच्छा रहेगा।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
क़िस्मत के भरोसे न बैठें और अपनी सेहत सुधारने के लिए ख़ुद मेहनत करें, क्योंकि हाथ पर हाथ रखे रहने से कुछ नहीं होने वाला। अब वक़्त आ गया है कि आप अपना वज़न क़ाबू में करें और स्वस्थ रहने के लिए नियमित व्यायाम का सहारा लें। अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर आज आप भविष्य के लिए कोई आर्थिक योजना बना सकते हैं और उम्मीद है कि यह योजना सफल भी होगी। आपमें से कुछ गहने या घरेलू सामान ख़रीद सकते हैं। आज आपकी मुस्कान बेमानी है क्योंकि आप किसी ख़ास के साथ की कमी महसूस कर रहे हैं। पैसा, प्यार, परिवार से दूर होकर आज आप आनंद की तलाश में किसी आध्यात्मिक गुरु से मिलने जा सकते हैं। शादी सिर्फ़ एक छत के नीचे रहने का नाम नहीं है; एक-दूसरे के साथ कुछ समय बिताना भी ज़रूरी है। माता-पिता को बिना बताए आज आप उनके पसंद की कोई डिश घर पर ला सकते हैं इससे घर में सकारात्मक माहौल बन जाएगा।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज अपनी जीत का जश्न आपके दिल को ख़ुशी से भर देगा। इस उत्साह को दोगुना करने के लिए आप अपनी ख़ुशी में दोस्तों को भागीदार बना सकते हैं। जो लोग काफी वक्त से आर्थिक तंगी से गुजर रहे थे उन्हें आज कहीं से धन प्राप्त हो सकता है जिससे जीवन की कई परेशानियां दूर हो जाएंगी। किसी नज़दीकी रिश्तेदार या मित्र की तरफ़ से मिली अच्छी ख़बर के साथ दिन की शुरुआत होगी। मुहब्बत का सफ़र प्यारा, मगर छोटा होगा। आज आप सब कामों को छोड़कर उन कामों को करना पसंद करेंगे जिन्हें आप बचपन के दिनों में करना पसंद करते थे। परिवार के सदस्यों के साथ थोड़ी दिक़्क़त का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन दिन के आख़िर में आपका जीवनसाथी आपकी परेशानियों को सहलाएगा। अगर कोई छोटा व्यक्ति भी आपको सलाह दे तो उसे सुनें क्योंकि कई बार छोटे लोगों से आपको जीवन को जीने की बड़ी सीख मिल जाती है।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
भाग्य पर निर्भर न रहें और अपनी सेहत को सुधारने की कोशिश करें, क्योंकि क़िस्मत ख़ुद बहुत आलसी होती है। आर्थिक रुप से आज आप काफी मजबूत नजर आएंगे, ग्रह नक्षत्रों की चाल से आज आपके लिए धन कमाने के कई मौके बनेंगे. परिवार के सदस्यों के साथ कुछ आराम के पल बिताएँ। सारी दुनिया की मदहोशी उन ख़ुशनसीबों के बीच सिमट जाती है, जो प्यार में हों। जी हाँ, आप वही ख़ुशनसीब हैं। जिन लोगों के घर वाले शिकायत करते हैं कि वो घरवालों को पर्याप्त समय नहीं देते वो आज घरवालों को समय देने के बारे में सोच सकते हैं लेकिन ऐन वक्त पर किसी काम के आने की वजह से ऐसा नहीं हो पाएगा। बढ़िया खाना, रोमानी पल और जीवनसाथी का साथ – यही ख़ास है आज। आज आप अपने किसी दोस्त की वजह से किसी बड़ी मुश्किल में फंसने से बच सकते हैं।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज कुछ प्रभावशाली लोगों का सहयोग आपके उत्साह को दोगुना कर देगा। वैसे तो अपना पैसा दूसरे को देना किसी को पसंद नहीं आता लेकिन आज आप किसी जरुरतमंद को पैसा देकर सुकून का अनुभव करेंगे। पढ़ाई की क़ीमत पर घर से ज़्यादा देर तक बाहर रहना आपको माता-पिता के ग़ुस्से का शिकार बना सकता है। करिअर के लिए योजना बनाना उतना ही आवश्यक है, जितना कि खेलना-कूदना। इसलिए माता-पिता को ख़ुश करने के लिए दोनों में संतुलन बनाना ज़रूरी है। आप महसूस करेंगे कि प्यार में बहुत गहराई है और आपका प्रिय आपको सदा बहुत प्यार करेगा। काम को समय पर निपटाकर जल्दी घर जाना आज आपके लिए अच्छा रहेगा इससे आपके परिवार वालों को भी खुशी मिलेगी और आप भी तरोताजा महसूस करेेंगे। वैवाहिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव के बाद एक-दूसरे के प्यार को सराहने का यह सही दिन है।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज आपको ध्यान से सुकून मिलेगा। आप घूमने-फिरने और पैसे ख़र्च करने के मूड में होंगे- लेकिन अगर आपने ऐसा किया तो बाद में आपको पछताना पड़ सकता है। घर के किसी सदस्य के व्यवहार की वजह से आप परेशान रह सकते हैं। आपको उनसे बात करने की जरुरत है। रोमांस रोमांचक होगा- इसलिए उससे संपर्क करें जिससे आप प्रेम करते हैं और दिन का भरपूर लुत्फ़ लें। आपका कम्यूनिकेशन और काम करने की क्षमता असरदार सिद्ध होंगे। आपका जीवनसाथी आपको ख़ुश करने के लिए आज काफ़ी कोशिशें करता नज़र आएगा। अपनी रचनाधर्मिता को नया आयाम देने के लिए अच्छा दिन है। कुछ ऐसे विचार आ सकते हैं जो वाक़ई ज़बरदस्त और सृजनात्मक हों।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज आप ख़ुद को सुकून में और ज़िंदगी का लुत्फ़ उठाने के लिए सही मनोदशा में पाएंगे। अगर आप लोन लेने वाले थे और काफी दिनों से इस काम में लगे थे तो आज के दिन आपको लोन मिल सकता है। आपकी ज्ञान की प्यास आपको नए दोस्त बनाने में मददगार साबित होगी। अगर आप लंबे समय से अपने जीवन में किसी रोचक चीज़ के होने का इंतज़ार कर रहे हैं, तो निश्चय ही आपको उसके संकेत दिखाई देने लगेंगे। वैवाहिक जीवन के लिहाज़़ से यह बढ़िया दिन है। साथ में एक अच्छी शाम गुज़ारने की योजना बनाएँ। अच्छी नींद अच्छी सेहत के लिए बेहद ज़रुरी है; आप थोड़ा अधिक सो सकते हैं।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज कुछ तनाव और मतभेद आपको चिड़चिड़ा और बेचैन बना सकते हैं। माता-पिता की मदद से आप आर्थिक तंगी से बाहर निकलने में क़ामयाब रहेंगे। कुछ लोग जितना कर सकते हैं, उससे कई ज़्यादा करने का वादा कर देते हैं। ऐसे लोगों को भूल जाएँ जो सिर्फ़ गाल बजाना जानते हैं और कोई परिणाम नहीं देते। आपको पहली नज़र में किसी से प्यार हो सकता है। जिंदगी में चल रही आपाधापी के बीच आज आपको अपने लिए पर्याप्त समय मिलेगा और और आप अपने पसंदीदा कामों को कर पाने में कामयाब हो पाएंगे। आपको महसूस होगा कि आपका जीवनसाथी इससे बेहतर पहले कभी नहीं हुआ। बाग़बानी करना आपके लिए सुकून भरा हो सकता है – इससे पर्यावरण को भी लाभ पहुँचेगा।
अस्वीकरण(Disclaimer)दैनिक पंचांग,धर्म, ज्योतिष,वास्तु आदि विषयों पर यहाँ प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं,जो पूर्ण रूप से दायित्व, मुक्त है,अतः संबंधित कोई भी प्रयोग अपने स्वविवेक के साथ करें या किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें।




