श्रीडूंगरगढ़ टुडे 22 जनवरी 2026
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
जय श्री गणेशाय नमः
जय श्री कृष्णा
आज का पंचांग-22.01.2026
✴️दैनिक गोचर ग्रह एवं राशिफल✴️
🕉️ शुभ गुरुवार – 🌞 – शुभ प्रभात् 🕉️
74-30💥मध्यमान्💥75-30
(केतकी चित्रापक्षीय गणितानुसारेण निर्मितम्)
महत्व: इस दिन व्रत रखकर भगवान गणेश की आराधना सुख-सौभाग्य की दृष्टि से श्रेष्ठ है। गणेश चतुर्थी का यह व्रत समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला व्रत माना जाता है। इस व्रत को करने से मनुष्य के सारे कष्ट दूर होकर मनुष्य को समस्त सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं।
आज विशेष
गुरुवार 22 जनवरी 2026 को वरद विनायक तिल चतुर्थी व्रत है जानिए संबंधित जानकारी
दैनिक पंचांग विवरण
आज दिनांक………………….22.01.2026
कलियुग संवत्…………………………5127
विक्रम संवत्…………………………. 2082
शक संवत्……………………………..1947
संवत्सर………………………….श्री सिद्धार्थी
अयन…………………………………… उत्तर
गोल………………………. …………. दक्षिण
ऋतु………………………………….. शिशिर
मास…………………………………….. माघ
पक्ष……………………………………. .शुक्ल
तिथि…….. चतुर्थी. रात्रि. 2.29* तक/ पंचमी
वार…………………………………… गुरुवार नक्षत्र. शतभिषा.अपरा.2.27 तक / पूर्वाभाद्र
चंद्रमा……………….. कुंभ. संपूर्ण (अहोरात्र)
योग……… वरीयान. सायं. 5.37 तक / परिघ
करण……………. वणिज. अपरा. 2.41 तक
करण….. विष्टि(भद्रा)-रात्रि.2.29* तक / बव
नोट-जिस रात्रि समय के ऊपर(*) लगा हुआ हो
वह समय अर्द्ध रात्रि के बाद सूर्योदय तक का है।
विभिन्न नगरों के सूर्योदय में समयांतर मिनट
दिल्ली -10 मिनट———जोधपुर +6 मिनट
जयपुर -5 मिनट——अहमदाबाद +8 मिनट
इंदौर – 4 मिनट————-मुंबई +7 मिनट
लखनऊ – 25 मिनट——बीकानेर +5 मिनट
कोलकाता -54 मिनट–जैसलमेर +15 मिनट
सूर्योंदयास्त दिनमानादि-अन्य आवश्यक सूची
सूर्योदय…………………प्रातः 07.19.18 पर
सूर्यास्त…………………सायं. 06.06.55 पर
दिनमान-घं.मि.से……………….. 10.47.36
रात्रिमान………………………….13.12.09
चंद्रोदय………………….09.30.18 AM पर
चंद्रास्त…………………. 09.30.53 PM पर
राहुकाल..अपरा. 2.04 से 3.25 तक(अशुभ)
यमघंट……… प्रातः 7.19 से 8.40 तक(शुभ)
गुलिक..प्रातः 10.01 से 11.22(शुभे त्याज्य)
अभिजित……. मध्या.12.22 से 1.05 (शुभ)
पंचक………………………………… जारी है।
पंचक समाप्ति… 25.01.2026. 1.36 PM
हवन मुहूर्त………………………. आज नहीं है।
दिशाशूल……………………….. दक्षिण दिशा
दोष परिहार……. दही का सेवन कर यात्रा करें
🌄विशिष्ट काल-मुहूर्त-वेला परिचय🌄
अभिजित् मुहुर्त – दिनार्द्ध से एक घटी पहले और एक घटी बाद का समय अभिजित मुहूर्त कहलाता है,पर बुधवार को यह शुभ नहीं होता
ब्रह्म मुहूर्त – सूर्योदय से पहले का 1.30 घंटे का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
प्रदोष काल – सूर्यास्त के पहले 45 मिनट और
बाद का 45 मिनट प्रदोष माना जाता है।
गौधूलिक काल– सूर्यास्त से 12 मिनट पहले एवं
12 मिनट बाद का समय कहलाता है।
🌄✴️भद्रा वास शुभाशुभ विचार✴️🌄
भद्रा मेष, वृष, मिथुन, वृश्चिक के चंद्रमा में स्वर्ग में व कन्या, तुला, धनु, मकर के चंद्रमा में पाताल लोक में और कुंभ, मीन, कर्क, सिंह के चंद्रमा में मृत्युलोक में मानी जाती है।यहां स्वर्ग और पाताल लोक की भद्रा शुभ मानी जाती हैं। और मृत्युलोक की भद्रा काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इसी तरह भद्रा फल विचार करें।
✴️सूर्योदय कालीन लग्न एवं ग्रह स्पष्ट✴️
लग्न / ग्रह – राशि – अंश – कला – चरणाक्षर
लग्न ……..मकर 7°14′ उत्तराषाढ़ा 4 जी
सूर्य ……..मकर 7°49′ उत्तराषाढ़ा 4 जी
चन्द्र ……….कुम्भ 16°6′ शतभिषा 3 सी
बुध ^ ……..मकर 8°7′ उत्तराषाढ़ा 4 जी
शुक्र ^ ………मकर 11°31′ श्रवण 1 खी
मंगल ^ … मकर 4°46′ उत्तराषाढ़ा 3 जा
बृहस्पति * . मिथुन 24°20′ पुनर्वसु 2 को
शनि ……. मीन 3°34′ उत्तरभाद्रपद 1 दू
राहू * ……..कुम्भ 16°54′ शतभिषा 4 सू
केतु * .. .सिंह 16°54′ पूर्व फाल्गुनी 2 टा
✴️🌄दिन का चौघड़िया🌄✴️
___________________.
शुभ……………….प्रातः 7.19 से 8.40 तक
चंचल………….पूर्वा. 11.22 से 12.43 तक
लाभ…………..अपरा. 12.43 से 2.04 तक
अमृत……………अपरा. 2.04 से 3.25 तक
शुभ……………….सायं. 4.46 से 6.07 तक
✴️🌄रात्रि का चौघड़िया🌄✴️
अमृत…….. सायं-रात्रि. 6.07 से 7.46 तक
चंचल…………… रात्रि. 7.46 से 9.25 तक
लाभ…रात्रि.12.43 AM से 2.22 AM तक
शुभ…..रात्रि. 4.01 AM से 5.40 AM तक
अमृत…रात्रि. 5.40 AM से 7.19 AM तक
(विशेष – ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ योग और एक अशुभ योग जब भी साथ साथ आते हैं तो शुभ योग की स्वीकार्यता मानी गई है )
🌞🕉️शुभ शिववास की तिथियां🕉️🌞
शुक्ल पक्ष-2—–5—–6—- 9——-12—-13.
कृष्ण पक्ष-1—4—-5—-8—11—-12—-30.
दिन नक्षत्र एवं चरणाक्षर संबंधी संपूर्ण विवरण
संदर्भ विशेष -यदि किसी बालक का जन्म गंड नक्षत्रों (रेवती, अश्विनी, अश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा और मूल) में होता है तो सविधि नक्षत्र शांति की आवश्यक मानी गयी है जो सविधि होनी चाहिये
आज जन्मे बालकों का नक्षत्र के चरण के समय समय के अनुसार राशिगत् नामाक्षर
समय-नक्षत्र नाम-नक्षत्र चरण-चरणाक्षर
08.21 AM तक—-शतभिषा—-3——सी
02.27 PM तक—-शतभिषा—-4——-सु_______राशि कुंभ - पाया ताम्र_______
08.30 PM तक—–पूर्वाभाद्र—-1——से
02.32 AM तक—–पूर्वाभाद्र—-2——सो
उपरांत रात्रि तक—–पूर्वाभाद्र—-3——-द
राशि कुंभ – पाया लौह
आज का दिन
व्रत विशेष……….वरद् विनायक तिल चतुर्थी
व्रत विशेष…..गुप्त नवरात्रि व्रत विधान जारी
गुप्त नवरात्रि…….चतुर्थी. (मां षोडशी पूजन)
अन्य व्रत…………….माघ स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष………………………आज नहीं है।
दिन विशेष…बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ दिवस
दिन विशेष.श्री राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा दिवस
विष्टि(भद्रा)…अप.2.41 से रात्रि.2.29* तक हवन मुहूर्त…………………….. आज नहीं है।
खगोलीय………………………. आज नहीं है।
सर्वा.सि.योग……………………आज नहीं है।अमृ.सि.योग…………………….आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग……………. अपरा. 2.27 तक
अगले दिन की प्रतीकात्मक जानकारी
दिनांक……………………….23.01.2026
तिथि……………माघ शुक्ला पंचमी शुक्रवार
व्रत विशेष…………………….. आज नहीं है।
व्रत विशेष…..गुप्त नवरात्रि व्रत विधान जारी
गुप्त नवरात्रि….. पंचम्.(मां भुवनेश्वरी पूजन)
अन्य व्रत…………….माघ स्नान व्रत जारी है।
पर्व विशेष……………… श्री सरस्वती जयंती
पर्व विशेष………… बसंत पंचमी /श्री पंचमी
पर्व विशेष………. श्री राधा श्यामसुंदर पंचमी
दिन विशेष… नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती
विष्टि(भद्रा)……………………..आज नहीं है।
हवन मुहूर्त……………………………आज है।
खगोलीय………श्रवणे बुध. प्रातः 10.23 पर
सर्वा.सि.योग…………………… आज नहीं है। अमृ.सि.योग…………………….आज नहीं है।
सिद्ध रवियोग……अपरा. 2.33 से रात्रि पर्यंत
आज की विशेष प्रस्तुति
धर्म ज्योतिष वास्तु एवं गोचर राशिफल
गुरुवार 22 जनवरी 2026 को वरद विनायक तिल चतुर्थी व्रत है जानिए संबंधित जानकारी
विनायक चतुर्थी का व्रत माह में 2 बार रखा जाता है।
प्रत्येक माह में दो चतुर्थियां होती हैं। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टि चतुर्थी और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी कहते हैं। इस तरह 24 चतुर्थी और प्रत्येक तीन वर्ष बाद अधिमास की मिलाकर 26 चतुर्थी होती है। सभी चतुर्थी की महिमा और महत्व अलग-अलग है। यदि चतुर्थी गुरुवार को हो तो मृत्युदा होती है और शनिवार की चतुर्थी सिद्धिदा होती है और चतुर्थी के ‘रिक्ता’ होने का दोष उस विशेष स्थिति में लगभग समाप्त हो जाता है। मंगलवार की अंकारिका होती है। व्रत करने से सभी कुयोगों का शमन् होता है।
- विनायक चतुर्थी: चतुर्थी (चौथ) के देवता हैं शिवपुत्र गणेश। इस तिथि में भगवान गणेश का पूजन से सभी विघ्नों का नाश हो जाता है। भाद्र माह की चतुर्थी को गणेशजी का जन्म हुआ था, जिसे विनायक चतुर्थी कहते हैं। कई स्थानों पर विनायक चतुर्थी को ‘वरद विनायक चतुर्थी’ और ‘गणेश चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की आराधना सुख-सौभाग्य की दृष्टि से श्रेष्ठ है।
- संकष्टी चतुर्थी: माघ मास के कृष्ण पक्ष को आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी, माघी चतुर्थी या तिल चौथ कहा जाता है। बारह माह के अनुक्रम में यह सबसे बड़ी चतुर्थी मानी गई है। चतुर्थी के व्रतों के पालन से संकट से मुक्ति मिलती है और आर्थिक लाभ प्राप्त होता है।
कैसे करें विनायकी चतुर्थी का व्रत?
पूजा से पहले व्रत का संकल्प लें।
दिनभर फलाहार करें और शाम को गणेश भगवान की फिर से पूजा करें।
इसके बाद ही भोजन ग्रहण करें।
सायंकाल में व्रतधारी संकष्टी गणेश चतुर्थी की कथा पढ़े अथवा सुनें और सुनाएं।
इस दिन अपने सामर्थ्य के अनुसार गरीबों को दान करें। तिल-गुड़ के लड्डू, कंबल या कपडे़ आदि का दान करें।
विनायक चतुर्थी पूजा विधि:
विनायक चतुर्थी की पूजा दोपहर में की जाती है। यदि अभिजीत मुहूर्त और और भी अच्छा।
चतुर्थी के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
इस दिन व्रतधारी लाल रंग के वस्त्र धारण करें।
पूजा के समय भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित करें।
गणेशजी के समक्ष दीप दीप प्रज्वलित करें।
श्रीगणेश की पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर रखें।
फल, फूल, रौली, मौली, अक्षत, पंचामृत आदि से श्रीगणेश को स्नान कराके विधिवत तरीके से पूजा करें।
इसके बाद भगवान गणेश को 21 दूर्वा और लड्डू का भोग लगाएं।
या तिल से बनी वस्तुओं, तिल-गुड़ के लड्डू तथा मोदक का भोग लगाएं।
गणेश जी को दूर्वा अर्पित करते समय ‘ॐ गं गणपतयै नम:’ मंत्र का उच्चारण करें।
अब गणेश जी की कपूर या घी के दीपक से आरती करें।
इसके पश्चात प्रसाद लोगों मे वितरित कर दें। तत्पश्चात गणेशजी की आरती करें।
विधिवत तरीके से गणेश पूजा करने के बाद गणेश मंत्र ‘ॐ गणेशाय नम:’ अथवा ‘ॐ गं गणपतये नम: की एक माला (यानी 108 बार गणेश मंत्र का) जाप अवश्य करें।
विनायक चतुर्थी व्रत कथा
श्री गणेश चतुर्थी व्रत की पौराणिक कथा के अनुसार एक बार भगवान शिव तथा माता पार्वती नर्मदा नदी के किनारे बैठे थे। वहां माता पार्वती ने भगवान शिव से समय व्यतीत करने के लिये चौपड़ खेलने को कहा। शिव चौपड़ खेलने के लिए तैयार हो गए, परंतु इस खेल में हार-जीत का फैसला कौन करेगा, यह प्रश्न उनके समक्ष उठा तो भगवान शिव ने कुछ तिनके एकत्रित कर उसका एक पुतला बनाकर उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर दी और पुतले से कहा- ‘बेटा, हम चौपड़ खेलना चाहते हैं, परंतु हमारी हार-जीत का फैसला करने वाला कोई नहीं है इसीलिए तुम बताना कि हम दोनों में से कौन हारा और कौन जीता?’
उसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती का चौपड़ खेल शुरू हो गया। यह खेल 3 बार खेला गया और संयोग से तीनों बार माता पार्वती ही जीत गईं। खेल समाप्त होने के बाद बालक से हार-जीत का फैसला करने के लिए कहा गया, तो उस बालक ने महादेव को विजयी बताया। यह सुनकर माता पार्वती क्रोधित हो गईं और क्रोध में उन्होंने बालक को लंगड़ा होने, कीचड़ में पड़े रहने का श्राप दे दिया। बालक ने माता पार्वती से माफी मांगी और कहा कि यह मुझसे अज्ञानतावश ऐसा हुआ है, मैंने किसी द्वेष भाव में ऐसा नहीं किया।
बालक द्वारा क्षमा मांगने पर माता ने कहा- ‘यहां गणेश पूजन के लिए नागकन्याएं आएंगी, उनके कहे अनुसार तुम गणेश व्रत करो, ऐसा करने से तुम मुझे प्राप्त करोगे।’ यह कहकर माता पार्वती शिव के साथ कैलाश पर्वत पर चली गईं। एक वर्ष के बाद उस स्थान पर नागकन्याएं आईं, तब नागकन्याओं से श्री गणेश के व्रत की विधि मालूम करने पर उस बालक ने 21 दिन लगातार गणेशजी का व्रत किया। उसकी श्रद्धा से गणेशजी प्रसन्न हुए। उन्होंने बालक को मनोवांछित फल मांगने के लिए कहा।
उस पर उस बालक ने कहा- ‘हे विनायक! मुझमें इतनी शक्ति दीजिए कि मैं अपने पैरों से चलकर अपने माता-पिता के साथ कैलाश पर्वत पर पहुंच सकूं और वे यह देख प्रसन्न हों।’
तब बालक को वरदान देकर श्री गणेश अंतर्ध्यान हो गए। इसके बाद वह बालक कैलाश पर्वत पर पहुंच गया और कैलाश पर्वत पर पहुंचने की अपनी कथा उसने भगवान शिव को सुनाई।
चौपड़ वाले दिन से माता पार्वती शिवजी से विमुख हो गई थीं अत: देवी के रुष्ट होने पर भगवान शिव ने भी बालक के बताए अनुसार 21 दिनों तक श्री गणेश का व्रत किया। इसव्रत के प्रभाव से माता पार्वती के मन से भगवान शिव के लिए जो नाराजगी थी, वह समाप्त हो गई।
तब यह व्रत विधि भगवान शंकर ने माता पार्वती को बताई। यह सुनकर माता पार्वती के मन में भी अपने पुत्र कार्तिकेय से मिलने की इच्छा जागृत हुई। तब माता पार्वती ने भी 21 दिन तक श्री गणेश का व्रत किया तथा दूर्वा, फूल और लड्डूओं से गणेशजी का पूजन-अर्चन किया। व्रत के 21वें दिन कार्तिकेय स्वयं माता पार्वतीजी से आ मिले। उस दिन से श्री गणेश चतुर्थी का यह व्रत समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला व्रत माना जाता है। इस व्रत को करने से मनुष्य के सारे कष्ट दूर होकर मनुष्य को समस्त सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं।
✴️ 🕉️आज का राशिफल🕉️ ✴️
मेष-(चू चे चो ला ली लू ले लो अ)
आज अपनी नफ़रत को दूर करने के लिए संवेदना का स्वभाव अपनाएँ, क्योंकि नफ़रत की आग बहुत ज़्यादा ताक़तवर है और मन के साथ शरीर पर भी बुरा असर डालती है। याद रखें कि बुराई अच्छाई से ज़्यादा आकर्षक ज़रूर दिखाई देती है, लेकिन उसका असर ख़राब ही होता है। बिना किसी अनुभवी शख्स की सलाह के आज ऐसा कोई भी काम न करें जिससे आपको आर्थिक हानि हो। बच्चे आपको घरेलू काम-काज निबटाने में मदद करेंगे। एक लम्बा दौर जो काफ़ी समय से आपको दबोचे हुए था, ख़त्म हो चुका है- क्योंकि जल्दी ही आपको आपका जीवन-साथी मिलने वाला है। तब तक कोई वादा न करें, जब तक आप ख़ुद यह न जानते हों कि आप उसे हर क़ीमत पर पूरा करेंगे। आपके हँसने-हँसाने का अन्दाज़ आपकी सबसे बड़ी पूंजी साबित होगा। आपका जीवनसाथी बिना जाने कुछ ऐसा ख़ास काम कर सकता है, जिसे आप कभी भुला नहीं पाएंगे।
वृषभ-(इ उ एओ वा वी वू वे वो)
आज के रोज़ जो भावुक मिज़ाज आप पर छाया हुआ है, उससे निकलने के लिए बीती बातों को दिल से निकाल दीजिए। आज आपका धन कई चीजों पर खर्च हो सकता है, आपको आज अच्छा बजट प्लान करने की आवश्यकता है इससे आपकी कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। कोशिश करें की कोई आपकी बातों या काम से आहत न हो और पारिवारिक ज़रूरतों को समझें। किसी तीसरे इंसान का दखल आपके और आपके प्रिय के बीच गतिरोध पैदा करेगा। जिस पहचान और पुरस्कार की उम्मीद आप कर रहे थे, वह बाद के लिए टल सकती है और आपको हताशा का सामना करना पड सकता है। आपके घर वाले आज आपसे कई परेशानियां शेयर करेंगे लेकिन आप अपनी ही धुन में मस्त रहेंगे और खाली समय में कुछ ऐसा करेंगे जो करना आपको पसंद है। जीवनसाथी की वजह से आपको अनमने ढंग से बाहर जाना पड़ सकता है, जो बाद में आपकी झल्लाहट की वजह बनेगा।
मिथुन- (क की कू घ ङ छ के को ह)
आज का दिन आपके लिए ऊर्जा से भरा दिन नहीं है और आप छोटी-छोटी बातों पर झुंझलाएंगे। निवेश से फ़ायदा हो सकता है। पारिवारिक सदस्यों के साथ सुकून भरे और शांत दिन का आनंद लें। अगर लोग परेशानियों के साथ आपके पास आएँ तो उन्हें नज़रअंदाज़ करें और उन्हें अपनी मानसिक शांति भंग न करने दें। आपकी शोहरत बढ़ेगी और आप आसानी से दूसरे लिंग के लोगों को अपनी तरफ़ आकर्षित करेंगे। आज का दिन बढ़िया प्रदर्शन और ख़ास कामों के लिए है। आज घर के लोगों के साथ बातचीत करते दौरान आपके मुंह से कोई ऐसी बात निकल सकती है जिससे घर के लोग नाराज हो सकते हैं। इसके बाद घर के लोगों को मनाने में आपका काफी समय जा सकता है। जीवन साथी की किसी बात को गंभीरता से न लेने की स्थिति में विवाद हो सकता है।
कर्क- (ही हू हे हो डा डी डू डे डो)
आज आप खाली समय का आनंद ले सकेंगे। अपनेे लिए पैसा बचाने का आपका ख्याल आज पूरा हो सकता है। आज आप उचित बचत कर पाने में सक्षम होंगे। आप माता-पिता को ख़ुश करने में कठिनाई महसूस करेंगे। उन्हें समझने और उनके नज़रिए से चीज़ों को देखने की कोशिश करें, आपको सकारात्मक परिणाम मिलेगा। उन्हें आपकी परवाह, स्नेह और समय की आवश्यकता है। प्यार के मामले में आज आप ग़लत समझे जा सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपको कुछ सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आज आपको अपने कामों को समय पर निपटाने की कोशिश करनी चाहिए। ख्याल रखें कि घर पर आपका कोई इंतजार कर रहा है जिसको आपकी जरुरत है। अगर आप अपने जीवनसाथी की छोटी-छोटी बातों को नज़रअन्दाज़ करेंगे, तो उन्हें बुरा लग सकता है।
सिंह- (मा मी मू मे मो टा टी टू टे)
आज किसी दोस्त की ज्योतिषीय सलाह आपकी सेहत के लिए काफ़ी उपयोगी रहेगी। जिन लोगों को आप जानते हैं, उनके ज़रिए आपको आमदनी के नए स्रोत मिलेंगे। अपने बर्ताव में उदार बनें और परिवार के साथ प्यार भरे पल गुज़ारें। आपका महबूब आज आपको बड़ी ख़ूबसूरती से कुछ ख़ास करके चौंका सकता है। ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं। जिन रिश्तों को आप अहमियत देते हैं उन्हें समय देना भी आपको सीखना होगा नहीं तो रिश्ते टूट सकते हैं। लगता है कि आपका जीवनसाथी आज बहुत ख़ुश है। आपको सिर्फ़ वैवाहिक जीवन से जुड़ी उसकी योजनाओं में मदद करने की ज़रूरत है।
कन्या- (टो प पी पू ष ण ठ पे पो)
आज आपके परिवार को आपसे बहुत ज़्यादा उम्मीदें हैं, जिसके चलते आप खीज महसूस कर सकते हैं। बैंक से जुड़े लेन-देन में काफ़ी सावधानी बरतने की ज़रूरत है। जब आप समूह में हों तो ध्यान रखें कि आप क्या कह रहे हैं, बिना ज़्यादा समझे-बूझे अचानक कहे गए शब्दों के चलते आप कड़ी आलोचना के शिकार हो सकते हैं। आपकी आकर्षक छवि मनचाहा परिणाम देगी। आज के दिन आपका कठिन परिश्रम फलदायी सिद्ध होगा। जरुरी कामों को समय न देना और फिजूल के कामों पर वक्त जाया करना आज आपके लिए घातक सिद्ध हो सकता है। अपने जीवनसाथी के साथ आप प्यार से भरे पुराने दिन एक बार फिर जी पाएंगे।
तुला- (रा री रू रे रो ता ती तू ते)
आज अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। आपके पास आज पैसा भी पर्याप्त मात्रा में होगा और इसके साथ ही मन में शांति भी होगी। क़रीबी दोस्त और साझीदार नाराज़ होकर आपकी ज़िंदगी मुश्किल बना सकते हैं। नए प्रेम-संबंधों के बनने की संभावना ठोस है, लेकिन व्यक्तिगत और गोपनीय जानकारियों को उजागर करने से बचें। अगर आप यक़ीन करते हैं कि वक़्त ही पैसा है तो आपको अपनी क्षमताओं को शीर्ष पर पहुँचाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाने होंगे। दीर्घावधि में कामकाज के सिलसिले में की गयी यात्रा फ़ायदेमंद साबित होगी। जीवनसाथी से आपको अपने दिल की सारी बातें करने का भरपूर समय मिलेगा।
वृश्चिक- (तो ना नी नू ने नो या यी यू)
आज आप ऐसी गतिविधियों में शामिल हों जो रोमांचक हों और आपको सुकून दें। फ़ौरी तौर पर मज़े लेने की अपनी प्रवृत्ति पर क़ाबू रखें और मनोरंजन पर ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च करने से बचें। आप मानें या न मानें, आपके आस-पास को बड़े ग़ौर से आपको देख रहा है और आपको एक आदर्श मानता है। इसलिए ऐसे काम करें, जो क़ाबिले-तारीफ़ हों और आपकी प्रतिष्ठा को बढ़ाएँ। संभव है आज आप अपने प्रिय को टॉफ़ी वग़ैरह दें। दफ़्तर में कोई आपकी योजनाओं में अड़ंगा लगा सकता है- इसलिए आँखें खोलकर रखिए और अपने चारों तरफ़ हो रही गतिविधियों के प्रति सजग रहिए। खेलकूद जीवन का जरुरी हिस्सा है लेकिन खेलकूद में इतने भी व्यस्त न हो जाएं कि आपकी पढ़ाई में कमी आ जाए। आज का दिन उन्माद में घिर जाने का है; क्योंकि आप अपने जीवनसाथी के साथ प्रेम के चरम का अनुभव करेंगे।
धनु-ये यो भा भी भू धा फा ढ़ा भे)
आज आपका उदार स्वभाव आपके लिए कई ख़ुशनुमा पल लेकर आएगा। अपने अतिरिक्त धन को सुरक्षित जगह पर रखिए, जो आने वाले वक़्त में आप फिर पा सकें। ज़रूरत के वक़्त आपको दोस्तों का सहयोग मिलेगा। आप रोमांटिक ख़यालों और सपनों की दुनिया में खोए रहेंगे। कामकाज से जुड़े मामलों में दोस्तों का अहम सहयोग मददगार रहेगा। शाम के वक्त आज आप किसी करीबी के घर वक्त बिताने जा सकते हैं लेकिन इस दौरान आपको उनकी कोई बात बुरी लग सकती है और आप तय समय से पहले वापस लौट सकते हैं। संभव है कि आज आपका जीवनसाथी ख़ूबसूरत शब्दों में यह बताए कि आप उनके लिए कितने क़ीमती हैं।
मकर- (भो जा जी खी खू खे खो गा गी)
आज परिवार के इलाज से जुड़े ख़र्चों में वृद्धि को नकारा नहीं जा सकता है। जो लोग अब तक पैसेे को बेवजह खर्च कर रहे थे आज उन्हें समझ आ सकता है कि पैसे की जीवन में क्या अहमियत है क्योंकि आज अचानक आपको पैसे की जरुरत पड़ेगी और आपके पास पर्याप्त धन नहीं होगा। आपके बच्चे के पुरुस्कार वितरण समारोह का बुलावा आपके लिए ख़ुशनुमा एहसास रहेगा। वह आपकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और आप उसके ज़रिए अपने सपने साकार होते हुए देखेंगे। अपनी व्यक्तिगत भावनाएँ और गोपनीय बातें अपने प्रिय से बाँटने का सही समय नहीं है। ऐसे लोगों से साथ जुड़ें जो स्थापित हैं और भविष्य के रुझानों को समझने में आपकी मदद कर सकते हैं। मौज-मस्ती के लिए घूमना संतोषजनक रहेगा। लोगों की दख़लअन्दाज़ी वैवाहिक जीवन में परेशानी खड़ी कर सकती है।
कुंभ- (गू गे गो सा सी सू से सो द)
आज दूसरों की इच्छाएँ आपकी अपना ख़याल रखने की इच्छा से टकराएगी- अपने जज़्बात को बांधे नहीं और वे काम करें जिससे आपको सुकून मिले। आज आपका सामना कई नई आर्थिक योजनाओं से होगा- कोई भी फ़ैसला करने से पहले अच्छाईयों और कमियों पर सावधानी से ग़ौर करें । आज आपको दूसरों की ज़रूरतों पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए। हालाँकि बच्चों को ज़्यादा छूट देना आपके लिए समस्या खड़ी कर सकता है। महत्वपूर्ण व्यापारिक सौदे करते समय दूसरों के दबाव में न आएँ। अगर आप अपने घर से बाहर रहकर अध्ययन या नौकरी करते हैं तो आज के दिन आप खाली समय में अपने घर वालों से बात कर सकते हैं। घर की किसी खबर को सुनकर आप भावुक भी हो सकते हैं। आज आप अपने जीवनसाथी के साथ सैर-सपाटे का मज़ा ले सकते हैं। साथ में समय गुज़ारने का यह बढ़िया मौक़ा है।
मीन- (दी दू थ झ ञ दे दो च ची)
आज आप अपने मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें, जो आध्यात्मिक जीवन के लिए आवश्यक है। मस्तिष्क जीवन का द्वार है, क्योंकि अच्छा-बुरा सब-कुछ इसी के माध्यम से आता है। यही ज़िंदगी की समस्याएँ दूर करने में सहायक सिद्ध होता है और सही सोच से इंसान को आलोकित करता है। आज यदि आप अपने दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा रहे हैं तो पैसा सोच समझकर खर्च करें। धन हानि हो सकती है। बढ़िया दिन है जब आप सबके ध्यान को अपनी तरफ़ खींचेंगे- आपके सामने चुनने के लिए कई चीज़ें होंगी और आपके सामने समस्या यह होगी कि किसे पहले चुना जाए। रोमांस आपके दिल पर क़ाबिज़ है। कामकाज में आ रहे बदलावों के कारण आपको लाभ मिलेगा। मौज-मस्ती के लिए घूमना संतोषजनक रहेगा। यह शादीशुदा ज़िन्दगी के सबसे ख़ास दिनों में से एक है। आप आज प्रेम की गहराई का अनुभव करेंगे।
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