श्रीडूंगरगढ़ टुडे 23 जनवरी 2026
बसंत पंचमी ज्ञान, कला व नई ऊर्जा का संगम है,
शिक्षा के प्रति समर्पित रहने का भाव है।
इस दिन सरस्वती पूजन हम करते हैं,
नये कार्यों की शुरुआत हम करते हैं।
प्रकृति में भी परिवर्तन होते हैं,
हम सबके लिए भी परिवर्तन जरूरी होते हैं।
आज के डिजिटल युग में यह एक त्योहार नहीं
आत्म सुधार और रचनात्मकता का प्रयास है।
शिक्षा और करियर की शुरुआत इस दिन होती है,
हर युवा के मन में उत्साह की कली खिलती है।
माँ सरस्वती संगीत व कला की देवी है।
युवा की प्रतिभा को निखारने का संकल्प वे लेती है। बसन्त पंचमी को पीले वस्त्र पहने जाते हैं,
ये रंग सकारात्मक, नई शुरुआत से पहचान करवाते हैं।
पढ़ाई में मन लगाने के लिए मां सरस्वती को याद करें,
मां सरस्वती के मन्त्रों का जाप करें।
पूजन से देवी मां प्रसन्न होगी,
अपनी कृपा से हमें कृतार्थ कर देगी।
वाणी में मिठास, ज्ञान का विकास,
पूरी कर देगी हम सबकी आस ।
अपने जीवन में हमेशा उत्साह रखें,
असफलता को सफलता में बदलने का प्रयास रखें।
बसन्त पंचमी का त्योहार हम सब साथ मनाये, इस पूजा का महत्त्व हर युवा जान जाये





