श्रीडूंगरगढ़ टुडे 3 फरवरी 2026
पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है। शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है। पंचांग में सूर्योदय सूर्यास्त, चद्रोदय-चन्द्रास्त काल, तिथि, नक्षत्र, मुहूर्त योगकाल, करण, सूर्य-चंद्र के राशि, चौघड़िया मुहूर्त दिए गए हैं।
🙏🏾जय श्री गणेशाय नमः🙏🏾
🙏🏾जय श्री कृष्णा🙏🏾
🕉️आज का पंचांग 03/02/2026,मंगलवार🕉️
द्वितीया, कृष्ण पक्ष,फाल्गुन”””””””””””(समाप्ति काल)
तिथि———- द्वितीया 24:40:08. तक
पक्ष————————- कृष्ण
नक्षत्र————- मघा 22:09:48
योग———— शोभन 26:38:04
करण———– तैतुल 13:11:12
करण————– गर 24:40:08
वार———————- मंगलवार
माह——————— फाल्गुन
चन्द्र राशि—————– सिंह
सूर्य राशि—————– मकर
रितु———————— शिशिर
आयन——————- उत्तरायण
संवत्सर—————– विश्वावसु
संवत्सर (उत्तर)————- सिद्धार्थी
विक्रम संवत—————- 2082
गुजराती संवत————– 2082
शक संवत—————— 1947
कलि संवत—————- 5126
वृन्दावन
सूर्योदय————— 07:06:02
सूर्यास्त—————- 18:00:18
दिन काल————- 10:54:15
रात्री काल————- 13:05:09
चंद्रास्त—————- 08:00:19
चंद्रोदय————— 19:35:59
लग्न—- मकर 19°59′ , 289°59′
सूर्य नक्षत्र—————— श्रवण
चन्द्र नक्षत्र——————– मघा
नक्षत्र पाया——————- रजत
🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩
मी—- मघा 10:23:44
मू—- मघा 16:15:35
मे—- मघा 22:09:48
मो—- पूर्वा फाल्गुनी 28:06:28
💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮
ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद
सूर्य= मकर 19°16 , श्रवण 3 खे
चन्द्र= कर्क 04°30 , आश्लेषा 2 डू
बुध = मकर 28°52 ‘ धनिष्ठा 2 गी
शु क्र= मकर 26°05, धनिष्ठा 1 गा
मंगल= मकर 14°03 ‘ श्रवण 2 खू
गुरु= मिथुन 22°33 पुनर्वसु, 1 के
शनि=मीन 04°13 ‘ उoभा o , 1 दू
राहू=(व) कुम्भ 16°16 शतभिषा, 3 सी
केतु= (व) सिंह 16°16 पूoफाo 1 मो
🚩💮🚩 शुभा$शुभ मुहूर्त 🚩💮🚩
राहू काल 15:17 – 16:39 अशुभ
यम घंटा 09:50 – 11:11 अशुभ
गुली काल 12:33 – 13:55 अशुभ
अभिजित 12:11 – 12:55 शुभ
दूर मुहूर्त 09:17 – 10:01 अशुभ
दूर मुहूर्त 23:15 – 23:58 अशुभ
वर्ज्यम 10:24 – 11:57 अशुभ
प्रदोष 18:00 – 20:40 शुभ
चोघडिया, दिन
रोग 07:06 – 08:28 अशुभ
उद्वेग 08:28 – 09:50 अशुभ
चर 09:50 11:11 शुभ
लाभ 11:11 12:33 शुभ
अमृत 12:33 – 13:55 शुभ
काल 13:55 15:17 अशुभ
शुभ 15:17 – 16:39 शुभ
रोग 16:39 – 18:00 अशुभ
चोघडिया, रात
काल 18:00 19:38 अशुभ
लाभ 19:38 21:17 शुभ
उद्वेग 21:17 – 22:55 अशुभ
शुभ 22:55 – 24:33* शुभ
अमृत 24:33* – 26:11* शुभ
चर 26:11– 27:49 शुभ
रोग 27:49* – 29:27* अशुभ
काल 29:2731:05 अशुभ
होरा, दिन
मंगल 07:06- 08:01
सूर्य 08:01- 08:55
शुक्र 08:55- 09:50
बुध 09:50 -10:44
चन्द्र 10:44 ’11:39
शनि 11:39 -12:33
बृहस्पति 12:33 -13:28
मंगल 13:28- 14:22
सूर्य 14:22 -15:17
शुक्र 15:17- 16:11
बुध 16:11 -17:06
चन्द्र 17:06- 18:00
होरा रात
शनि 18:00- 19:06
बृहस्पति 19:06- 20:11
मंगल 20:11- 21:17
सूर्य 21:17- 22:22
शुक्र 22:22- 23:27
बुध 23:27- 24:33
चन्द्र 24:33-25:38
शनि 25:38-26:44
बृहस्पति 26:44-27:49
मंगल 27:49-28:55
सूर्य 28:55-30:00
शुक्र 30:00-31:05
🚩उदयलग्न प्रवेशकाल 🚩
मकर > 05:48 से 07:34 तक
कुम्भ > 07:34 से 09:14 तक
मीन > 09:14 से 10:38 तक
मेष > 10:38 से 12:14 तक
वृषभ > 12:14 से 14:12 तक
मिथुन > 14:12 से 16:38 तक
कर्क > 16:38 से 18:48 तक
सिंह > 18:48 से 20:54 तक
कन्या > 20:54 से 23:14 तक
तुला > 23:14 से 01:36 तक
वृश्चिक > 01:36 से 03:40 तक
धनु > 03:40 से 05:46 तक
🚩विभिन्न शहरों का रेखांतर (समय)संस्कार (लगभग-वास्तविक समय के समीप)
दिल्ली +10मिनट——— जोधपुर -6 मिनट
जयपुर +5 मिनट—— अहमदाबाद-8 मिनट
कोटा +5 मिनट———— मुंबई-7 मिनट
लखनऊ +25 मिनट——–बीकानेर-5 मिनट
कोलकाता +54—–जैसलमेर -15 मिनट
नोट— दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।
प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥
रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार ।
अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥
अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें ।
उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें ।
शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें ।
लाभ में व्यापार करें ।
रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें ।
काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है ।
अमृत में सभी शुभ कार्य करें ।
दिशा शूल ज्ञान————- उत्तर
परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l
इस मंत्र का उच्चारण करें-:
शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l
भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll
🚩 अग्नि वास ज्ञान -:
यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,
चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।
दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,
नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।। महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्
नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।
15 + 2 + 3 + 1 = 21 ÷ 4 = 1 शेष
पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l
🚩💮 ग्रह मुख आहुति ज्ञान 💮🚩
सूर्य नक्षत्र से अगले 3 नक्षत्र गणना के आधार पर क्रमानुसार सूर्य , बुध , शुक्र , शनि , चन्द्र , मंगल , गुरु , राहु केतु आहुति जानें । शुभ ग्रह की आहुति हवनादि कृत्य शुभपद होता है
मंगल ग्रह मुखहुति
शिव वास एवं फल -:
17 + 17 + 5 = 39 ÷ 7 = 4 शेष
सभायां = सन्ताप कारक
🚩भद्रा वास एवं फल -:
स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।
मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।
💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮
- कुम्भे बुध
💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮
उत्पन्नपश्चात्तापस्य बुध्दिर्भवति यादृशी ।
तादृशी यदि पूर्वं स्यात्कस्य स्यान्न महोदयः ।।
।।चाoनीo।।
वह व्यक्ति क्यों पूर्णता नहीं हासिल करेगा जो पश्चाताप में जो मन की अवस्था होती है, उसी अवस्था को काम करते वक़्त बनाए रखेंगा.
🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩
गीता -: ज्ञानकर्मसन्यासयोग अo-4
द्रव्ययज्ञास्तपोयज्ञा योगयज्ञास्तथापरे।
स्वाध्यायज्ञानयज्ञाश्च यतयः संशितव्रताः॥
कई पुरुष द्रव्य संबंधी यज्ञ करने वाले हैं, कितने ही तपस्या रूप यज्ञ करने वाले हैं तथा दूसरे कितने ही योगरूप यज्ञ करने वाले हैं, कितने ही अहिंसादि तीक्ष्णव्रतों से युक्त यत्नशील पुरुष स्वाध्यायरूप ज्ञानयज्ञ करने वाले हैं
॥28॥
💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮
देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके।
नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।।
विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे।
जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।।
🐏मेष-कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जीवनसाथी से सामंजस्य बैठाएं। भूमि व भवन की खरीद-फरो्ख्त की योजना बनेगी। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। निवेश शुभ रहेगा। लंबी यात्रा का मन बनेगा। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। भय रहेगा। चोट व रोग से बचें।
🐂वृष-प्रभावशाली व्यक्तियों का सहयोग व मार्गदर्शन प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। रुके कार्यों में गति आएगी। किसी मांगलिक कार्य में भाग लेने का मौका मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। शत्रु पस्त होंगे। वैवाहिक प्रस्ताव मिल सकता है।
👫मिथुन-वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। क्रोध व उत्तेजना से बाधा उत्पन्न होगी। नियंत्रण रखें। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। दूसरों के काम में दखल न दें। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। काम में मन नहीं लगेगा। विवाद से बचें।
🦀कर्क– पार्टी व पिकनिक का कार्यक्रम बन सकता है। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पठन-पाठन व लेखन आदि में मन लगेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। राजभय है। जल्दबाजी न करें। वाणी में संयम रखें।
🐅सिंह-देव-दर्शन का कार्यक्रम बनेगा। अध्यात्म में रुचि रहेगी। वरिष्ठजनों का सहयोग प्राप्त होगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यवसाय से मनोनुकूल लाभ होगा। प्रभावशालीव व्यक्तियों से परिचय बढ़ेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। निवेश शुभ रहेगा। परिवार के साथ समय अच्छा गुजरेगा।
🙍♀️कन्या-किसी अपरिचित की बातों में न आएं। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। व्यवस्था में अधिक प्रयास करना पड़ेंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। किसी झगड़े में न पड़ें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। कुसंगति से हानि होगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें।
⚖️तुला-भागदौड़ रहेगी। किसी व्यक्ति के व्यवहार से दिल को ठेस पहुंच सकती है। बनते काम बिगड़ सकते हैं, धैर्य रखें। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। बुद्धि का प्रयोग करें। किसी के उकसावे में न आएं। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। दु:खद समाचार मिल सकता है।
🦂वृश्चिक-घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आत्मविश्वास बना रहेगा। नौकरी व व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देंगे। कोई अनहोनी होने की आशंका रहेगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा।
🏹धनु-सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। मान-सम्मान मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। यात्रा की योजना बनेगी। नौकरी में कार्य की प्रशंसा होगी। आय में वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता बनी रहेगी। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। प्रयास सफल रहेंगे।
🐊मकर-प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक लाभ बढ़ेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नए कार्य प्रारंभ करने की योजना बनेगी। मित्रों के साथ अच्छा समय बीतेगा। विरोध करने का अवसर दूसरों को न दें। प्रसन्नता बनी रहेगी।
🍯कुंभ-यात्रा मनोरंजक रहेगी। सभी ओर से सफलता प्राप्त होगी। भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। नवीन वस्त्राभूषण पर व्यय होगा। व्यस्तता के चलते थकान महसूस होगी। विवेक से कार्य करें। लाभार्जन सहज होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें।
🐟मीन-यात्रा मनोरंजक रहेगी। नई योजना बनेगी। व्यवसाय में वृद्धि के लिए सभी ओर से सहयोग प्राप्त होगा। नौकरी में मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से बचें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें।










