श्रीडूंगरगढ़ टुडे 3 फरवरी 2026
जैसलसर रोही क्षेत्र में खेत की ढाणी पर शराब के नशे में अपने ही भाई पर टोपीदार बंदूक से फायर करने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायाधीश सरिता नौशाद ने आरोपित मूलाराम को बरी कर दिया।
क्या था मामला ?
मामला 3 मार्च 2017 का है। परिवादी मकडाराम ने अस्पताल में पुलिस को दिए पर्चा बयान में बताया था कि वह अपने भाई पाडूराम व पालाराम के जैसलसर खेत स्थित ढाणी पर गया था। शाम करीब 6 बजे उसका बड़ा भाई मूलाराम वहां आया, जो शराब के नशे में था।
आरोप है कि मूलाराम ने मकडाराम पर टोपीदार बंदूक से फायर कर दिया, जिससे उसके पेट, हाथ, कंधे और पैरों पर छर्रे लगे। शोर सुनकर परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी बंदूक लेकर भाग गया।इस पर थाना श्रीडूंगरगढ़ में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट में चार्जशीट पेश की।
लेकिन ट्रायल के दौरान सबसे अहम गवाह खुद घायल मकडाराम ही कोर्ट में पलट गया। उसने कोर्ट में कहा कि उसके साथ कोई घटना नहीं हुई आरोपित ने उस पर बंदूक नहीं चलाई और घटना की पुष्टि नहीं की और बंदूक बरामदगी भी साबित नहीं हुई
मामले में पुलिस ने आरोपित से टोपीदार बंदूक बरामद होना बताया था, लेकिन बरामदगी गवाहों ने पुष्टि नहीं की और जांच अधिकारी ने भी जिरह में माना कि बंदूक आरोपित के कब्जे से बरामद नहीं हुई कपड़े व अन्य सबूत एफएसएल जांच के लिए भी नहीं भेजे गए।
कोर्ट ने किया बरी
कोर्ट ने कहा कि अभियोजन आरोप साबित करने में असफल रहा है। इसलिए आरोपी मूलाराम को सभी
आरोपों से बरी किया जाता है।आरोपित की ओर से पैरवी अधिवक्ता के.के.पुरोहित और रामलाल नायक ने की।










