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श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के नन्द सारस्वत स्वदेशी हुए विशिष्ट हिंदी सेवी सम्मान से सम्मानित

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श्रीडूंगरगढ़ टुडे 3 फरवरी 2026

तमिलनाडु हिंदी साहित्य अकादमी चेन्नई के द्वारा बेंगलुरु ( कर्नाटक ) के प्रख्यात हिंदी साहित्य प्रेमी और हिंदी सेवी  नंद सारस्वत स्वदेशी को विशिष्ट हिंदी सेवी सम्मान से सम्मानित किया गया। अकादमी द्वारा तमिलनाडु प्रांत के शहर कोयंबतूर में आयोजित दो दिवसीय साहित्यकार सम्मान कार्यक्रम में श्री सारस्वत को शॉल, दक्षिण भारतीय पगड़ी,स्मृति चिन्ह सहीत ग्यारह हजार रुपये की नगद राशि से सम्मानित करते हुए अकादमी की अध्यक्षा वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो.श्रीमति निर्मला मौर्य ने कहा कि श्री सारस्वत अहिंदी भाषी क्षेत्रों में हिंदी की अलख जगाते हुए शिक्षार्थियों विद्यार्थियों सहित नवांकुरों को हिंदी भाषा के प्रति जागरूक करने का अथक कार्य कर रहे हैं । अकादमी के सचिव दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के पूर्व सदस्य एवं नामवर साहित्यकार श्री ईश्वर करूण ने श्री सारस्वत का परिचय कराते हुए बताया कि पिछले चार दशक से दक्षिण भारत में प्रवास कर रहे नंद सारस्वत मूलत: राजस्थान प्रदेश के बीकानेर जिले के छोटे से गांव से निकल कर अपनी कर्मस्थली में हिंदी की जोत जगाए हुए हैं, हालांकि ये वाणिज्य में स्नातकोत्तर की उपाधि लेकर व्यवसाय में रत है लेकिन हिंदी पर इनकी पकड़ अनुकरणीय और अकल्पनीय है,अकादमी इन्हें सम्मानित करते हुए गौरवान्वित महसूस करती है । कार्यक्रम के दूसरे दिन शहर के प्रमुख एवं प्रतिष्ठित महाविद्यालय पीएसजी कृष्णा अम्माल महाविद्यालय के विशाल सभागार में उत्तराखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष एवं चांसलर डा. प्रो. श्री शंकरलाल शर्मा क्षेम की अध्यक्षता में सैंकड़ों शिक्षार्थियों एवं हिंदी के प्राध्यापकों को कविता लेखन के गुर बताते हुए हिंदी में रोजगार के अवसरों पर अपने व्याख्यान में श्री सारस्वत ने बताया कि आज हिंदी भाषा और हिंदी की सृजनात्मक कला देश विदेश में बोलचाल एवं संवाद का सेतु ही नहीं अपितु हर घर की, हर जुबान की आवश्यकता बन गई है । ज्ञात रहे श्री सारस्वत हिंदी के अतिरिक्त पंजाबी अंग्रेजी और दक्षिण भारत की तमिल और कन्नड़ भाषा का भी पूर्ण ज्ञान रखते हैं इनकी अनेक रचनाएं हिंदी से तमिल एवं कन्नड़ भाषा में रुपांतरित हो कर तमिल एवं कन्नड़ साहित्यकारों के मध्य स्थान पा रही है । अकादमी के संयोजक उद्योगपति श्री चंद्र प्रकाश गोयनका ने श्री सारस्वत के सम्मान में बाहर से आए हुए साहित्यकारों के सानिध्य में डिनर का आयोजन किया इस अवसर पर श्री गोयनका ने अकादमी के इस भागिरथी प्रयास की प्रशंसा करते हुए श्री सारस्वत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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