श्रीडूंगरगढ़ टुडे 22 फरवरी 2026
कस्बें के आडसर बास माताजी मन्दिर के पास रविवार को तोलविका फाउणेशन के तत्वाधान में प्राकृतिक चिकित्सा, योग एवं पंचकर्म आधारित उपचार सेवाओं के लिए जीवनसार वेलनेस सेंटर (प्राकृतिक चिकित्सालय) का भव्य शुभारंभ हुआ।
रविवार को सुभाष शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर चिकित्सालय का विधिवत शुभारंभ किया।वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक जीवन में खान-पान और जीवन शैली से मानव शरीर में उपजे रोगों का एलोपैथिक में स्थायी उपचार नहीं है।

एलोपेथीक दवाइयों से उपजे साइड इफेक्टिक व्याधियों की रोकथाम का एकमात्र उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से संभव है। इसलिये जीवनसार वेलनेस केन्द्र क्षेत्र के वासियों के लिये वरदान साबित होगा।

डॉ स्वामी ने बताया केंद्र में पंचमहाभूत सिद्धांत पर आधारित प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से कमर, गर्दन व जोड़ों के दर्द, माइग्रेन, मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दमा, एलर्जी, गैस, कब्ज, थायराइड, हार्मोनल समस्याएं, तनाव, अनिद्रा, त्वचा रोग, महिलाओं के रोग एवं पीसीओडी सहित विभिन्न जीर्ण रोगों का उपचार उपलब्ध रहेगा। यहां फिजियोथेरेपी, जल चिकित्सा, आहार चिकित्सा, योग-प्राणायाम, एक्यूप्रेशर, एक्यूपंक्चर, पंचकर्म, मिट्टी चिकित्सा, अभ्यंग, अग्निकर्म, कपिंग, बस्ती एवं शिरोधारा जैसी सेवाएं एक ही छत के नीचे प्रदान की जाएंगी। साथ ही नियमित योग कक्षाएं, फुल बॉडी डिटॉक्स एवं बिना दवा वजन घटाने की विशेष योजनाएं भी संचालित होंगी। केंद्र का संचालन डॉ. अवधेश स्वामी, पूर्व चिकित्सक-पतंजलि योगपीठ द्वारा किया जाएगा।

इस मौके पर अंतराष्ट्रीय योग खिलाड़ी आर्यान्शी स्वामी समाजसेवी तोलाराम जाखड़, एडवोकेट श्यामसुदंर आर्य, पूर्व पालिकाध्यक्ष शिव स्वामी, विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी, सेवा भारती के जिलाध्यक्ष इंद्रचंद तापड़िया, सेसोमूं स्कूल के प्राचार्य सुब्रत कुंडु, जयपुर पब्लिक स्कूल के निदेशक कुंभाराम घिंटाला, नरेंद्र आर्य खाजूवाला, शुष्क वागवानी विवि के डॉ धीरेंद्र, खजूर वैज्ञानिक डॉ रामकेश मीणा, श्रवण भामूं, हरिराम पटवारी, गिरधारी जाखड़, लक्ष्मीनारायण भादू, शिक्षाविद् भंवरलाल जानू, सहीराम सायच, सीताराम सहू, केऊमल सुथार काशीराम सोनी सहित अनेक मौजिज लोग उपस्थित रहे।

शास्त्री ने बताया कि पंतजलि प्राकृतिक चिकित्सालय से प्रशिक्षित चिकित्स्कीय दल द्वारा ईलाज दिया जाएगा। महिलाओं के लिए चिकित्सा की अलग से व्यवस्था रहेगी। है।
तोलाराम भादू ने तोलविका फाउंडेशन के आगंतुकों का आभार प्रकट किया।










