श्रीडूंगरगढ़ टुडे 23 फरवरी 2026
राजस्थान विधानसभा में आज श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने उच्च शिक्षा, विश्वविद्यालयों में कथित भ्रष्टाचार, क्षेत्रीय विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई अहम मुद्दों को जोरदार ढंग से सदन के सामने रखा। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में कॉलेजों की बदहाल स्थिति का उल्लेख करते हुए रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की।
विधायक सारस्वत ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्य और लेक्चरर के अनेक पद लंबे समय से खाली हैं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने गुसाईंसर बड़ा में आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए नए राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग भी दोहराई।
उन्होंने घुमंतू और आदिवासी समुदायों जैसे ग्वारिया, गाड़िया,लाल साटिया और जोगी के पुनर्वास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अब तक इन वर्गों को बसाने के लिए पर्याप्त पट्टे नहीं दिए गए हैं। साथ ही, शहरों के आसपास की वन व बंजर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण पर चिंता जताते हुए पर्यावरण मंत्री से इन क्षेत्रों को पार्क और हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की मांग की।
सदन में अपने वक्तव्य के दौरान विधायक ने महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू), बीकानेर में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसीबी की कार्रवाई के दौरान विश्वविद्यालय से नकद राशि बरामद होना अत्यंत चिंताजनक है। साथ ही, परीक्षा संचालन, प्रश्न पत्र छपाई, गेस्ट फैकल्टी नियुक्ति और विश्वविद्यालय निधि को निजी बैंकों में रखने जैसे मामलों में नियमों की अनदेखी का आरोप भी लगाया।
ताराचंद सारस्वत ने मांग की कि संबंधित कुलपति को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए, पूरे मामले की उच्चस्तरीय स्वतंत्र जांच कराई जाए और जांच अवधि में सभी वित्तीय निर्णयों पर विशेष ऑडिट हो। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, विश्वसनीयता और भविष्य से जुड़ा है।
विधायक ताराचन्द सारस्वत श्री गंगा सिंह विश्वविद्यालय बीकानेर के नामित बोर्ड मेंबर है और आपत्ति के बावजूद कुलगुरु ने बिना मिटिंग घाटे के बजट पारित किया जिसमे कई अनावश्यक व्यय शामिल किये गए |
अंत में विधायक ने पर्यावरण से जुड़े एक अन्य विषय पर चिंता जताते हुए विदेशी मूल की खरपतवार (इटालियन बीज) के कारण स्थानीय वनस्पतियों और कृषि भूमि को हो रहे नुकसान का जिक्र किया और इसके नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने सरकार से अपील की कि विश्वविद्यालयों की गरिमा बनाए रखने और विद्यार्थियों के भविष्य की रक्षा के लिए त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।

