श्रीडूंगरगढ़ टुडे 23 फरवरी 2026
फाल्गुन मास की दस्तक के साथ ही श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के ऐतिहासिक गाँव मोमासर में होली का रंग परवान चढ़ने लगा है। गाँव की गलियों से लेकर मुख्य बाजार तक चंग की थाप और फूलों की खुशबू के साथ होली उत्सव का उत्साह साफ नजर आने लगा है। अपनी सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध मोमासर में इस वर्ष भी भव्य घींदड़ नृत्य और चंग प्रतियोगिता के आयोजन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं।
तीन दिवसीय घींदड़ उत्सव का कार्यक्रम
आयोजन कमेटी के अनुसार, इस बार होली उत्सव का मुख्य आकर्षण 28 फरवरी से शुरू होने वाला रात्रि घींदड़ नृत्य होगा:

रात्रि घींदड़ नृत्य: 28 फरवरी से 2 मार्च तक।
चंग प्रतियोगिता: 2 मार्च (दोपहर 12:00 बजे से)।
विशेष: इस प्रतियोगिता में शेखावाटी अंचल के विभिन्न गांवों से नामी चंग दल अपनी कला का प्रदर्शन करने पहुँचेंगे।
मोमासर के उपप्रशासक जुगराज संचेती ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी मोमासर होली उत्सव को भव्य रूप देने में भामाशाहों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मुख्य सहयोगकर्ता सुरेंद्र बोर्ड पटावरी, सुरवि चैरिटेबल ट्रस्ट (बेल्जियम-मोमासर) और अरुण संचेती (कोलकाता- मोमासर हैं।
उनके विशेष सहयोग से आयोजन कमेटी उत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए भव्य स्तर पर तैयारियां कर रही है।
घर बैठे उठाएं लाइव आनंद उठा पाएंगे।
यदि आप मोमासर नहीं पहुँच पा रहे हैं, तो निराश होने की आवश्यकता नहीं है। आप घर बैठे भी इसका लाभ उठा पाएंगे।

नोट: मोमासर का घींदड़ नृत्य न केवल मनोरंजन है, बल्कि यह हमारी प्राचीन लोक परंपराओं को जीवंत रखने का एक सशक्त माध्यम है।



